संतुलित खान-पान और नियमित व्यायाम से दूर रहेगा मधुमेह का खतरा

बगहा। हर वर्ष 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है। इस दिन को दिवस के रूप में मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में मधुमेह के प्रति सतर्क कर इस रोग के खतरे को दूर करना है।

JagranSat, 13 Nov 2021 11:14 PM (IST)
संतुलित खान-पान और नियमित व्यायाम से दूर रहेगा मधुमेह का खतरा

बगहा। हर वर्ष 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है। इस दिन को दिवस के रूप में मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में मधुमेह के प्रति सतर्क कर इस रोग के खतरे को दूर करना है। यह बीमारी आज के समय की एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इस बीमारी को रोकने के लिए न केवल जागरूकता बल्कि लाइफस्टाइल में बदलाव भी अहम है। आज के समय मे हर 11वां मरीज मधुमेह से पीड़ित है। इसका मुख्य वजह खानपान व जीवन शैली में बदलाव होना है। अनियंत्रित मधुमेह से जनित अंधापन, ह्दय रोग, हर्ट अटैक, घाव, प्रतिरोधक क्षमता में गिरावट आदि बीमारियों की संभावना बनी रहती है। मधुमेह रोगियों में कुछ ये भी लक्षण थकान महसूस करना, बारबार लघुशंका जाना, अत्यधिक प्यास लगना, आंखों का कमजोर होना, शरीर का वजन अचानक कम होना, बार-बार भूख लगना, पैरों के तलबों में जलन, सूई जैसी चुभन आदि शामिल हैं। शरीर में जब ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है तो उस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है। डायबिटीज तीन प्रकार के होते हैं। अगर जन्म से डायबिटीज है तो डायबिटीज 1, 40 की उम्र से अधिक वालो को डायबिटीज टू होता है। यह अनुवांशिक भी प्रसारित होता है। दवा से इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में सलाद का सेवन, सूखी रोटी, ड्राई फ्रूट, व फल का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तेज गति में दौड़ करना चाहिए। मधुमेह वाले रोगियों में नॉर्मल बीमारियां अन्य बीमारी की अपेक्षा अधिक समय में सही होता है। मधुमेह रोगियों का घाव भरने में ज्यादा समय लगता है। कब्ज की शिकायत बढ़ जाती है। नियमित रूप से सलाद खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है। डायबिटीज अनियंत्रित रहने पर रक्त शुगर अधिक बढ़ जाता है। इसका गंभीर असर हृदय, रक्त धमनियों, आंखों और किडनी के अलावा शरीर के जोड़ों और हड्डियों पर भी पड़ता है। मधुमेह को अनियंत्रित छोड़ देने पर पैरों में अल्सर और संक्रमण के अलावा डायबिटिक फुट की समस्या भी हो सकती है, जिसमें पैरों को काटने की नौबत आ सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के अभाव में बीमारियों का संख्या बढ़ती जा रही है।

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अगर पिता को मधुमेह है तो पुत्र को भी होगा। रात में तीन से चार बार पेशाब करने व पेशाब वाले स्थल पर चीटियां लगने पर तत्काल डॉक्टर से परामर्श लें। खांसी बुखार आदि बीमारियों में नॉर्मल की अपेक्षा ज्यादा समय लगता है। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तेज गति से दौड़ लगाएं। बार-बार मधुमेह की जांच करानी चाहिए।

डॉ आनंद कुमार, सीएचसी प्रभारी, चिकित्सा पदाधिकारी दहवा

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मधुमेह दो प्रकार का होता हैं। जन्मजात से डायबिटीज वन व उम्र के हिसाब से 40 के बाद डायबिटीज टू होता है। सही समय से इलाज कराने पर रोका जा सकता है। डायबिटीज से बचाव के लिए हर समय सलाद का सेवन ज्यादा मात्रा में करना चाहिए। रेड मीट, तेल, व मसाला खाने से परहेज करना चाहिए। हार्ट अटैक होने की संभावना बढ़ जाती है।

डॉ नवीन श्रीवास्तव, मधुबनी

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