शौचालय का सेंटरिग खोलने के दौरान दम घुटने से दो मजदूरों की मौत

शौचालय का सेंटरिग खोलने के दौरान दम घुटने से दो मजदूरों की मौत

ुुुुगोरौल संवाद सूत्र । थाना क्षेत्र के राजखण्ड गांव में शौचालय के ढलाई के लिये लगाया गया सेटिग्स को खोलने के

Publish Date:Fri, 10 Jul 2020 11:40 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सूत्र, गोरौल :

स्थानीय राजखंड गांव में शौचालय ढ़लाई के लेकर लगाए गए सेंटरिग खोलने के दौरान दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतक गोरौल थाने के ही बहादूरपुर गांव निवासी दीनानाथ महतो का 32 वर्षीय पुत्र टिकू महतो तथा मो तस्लीम का 25 वर्षीय पुत्र असगर अली बताए गए हैं। बताते है कि दोनों मृतक राज मिस्त्री का काम करता था। यहां राजखंड गांव में गोपालजी सहाय के घर शौचालय बनाने का काम किया था। लगभग 15 दिन पूर्व ही शौचालय की ढ़लाई किया गया था। शुक्रवार को उसी शौचालय के सेंटरिग खोलने के लिए पहले मो असगर टंकी के अंदर उतरा था। काफी देर बाद तक वह बाहर नहीं आया तो टिकू महतों भी टंकी में उतरा, लेकिन दोनों टंकी में ही रह गए। इस दौरान दम घुटने से दोनों की मौत हो गई। घंटों बीतने के बाद जब दोनों का कोई अता-पता नही मिला तो आसपास के लोग जुट गए। इस क्रम में टंकी के अंदर जाने का प्रयास किया गया तो दम घुटने लगा। वह किसी तरह बाहर निकला और हल्ला करना शुरू कर दिया। बाद में जेसीबी मंगाकर दोनों के शव बाहर निकाले गए।

लोगों का कहना है कि शौचालय टंकी में जहरीली गैस भरा हुआ था, जिससे दोनों राज मिस्त्री की दम घुटने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर गोरौल थानाध्यक्ष अनिल कुमार घटनास्थल पहुंचे और शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया। इस दौरान मृतक के परिजनों को कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत 3-3 हजार रुपये दिया गया है। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन ने दोनों परिवारों को परिवारिक योजना का लाभ भी देने का आश्वासन दिया है। सीओ ब्रजेश कुमार ने बताया कि यह घटना आपदा के तहत नहीं आता है। उन्होंने नियमानुसार ही मृतकों के आश्रितों को सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। इस घटना के बाद मजदूर वर्ग के दोनों परिवारों में विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके परवरिश करने वाले घर के मजबूत सदस्य की हादसे में चले गए। स्वजनों के रो-रो कर इस मार्मिक दशा का वर्णन करने से घटनास्थल पर कारूणिक ²श्य बना रहा। यहां जुटे लोग और अधिकारी उन्हें ढ़ांढ़स बंधा रहे थे।

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