आज अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को छठव्रती देंगे अ‌र्घ्य

जागरण संवाददाता हाजीपुर लोक आस्था के महापर्व के मौके पर वैशाली जिले के शहर से लेक

JagranTue, 09 Nov 2021 11:31 PM (IST)
आज अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को छठव्रती देंगे अ‌र्घ्य

जागरण संवाददाता, हाजीपुर :

लोक आस्था के महापर्व के मौके पर वैशाली जिले के शहर से लेकर गांव तक छठमय हो गया है। छठ के दूसरे दिन मंगलवार को श्रद्धा के साथ व्रतियों ने खरना किया। चार दिवसीय छठ अनुष्ठान के तीसरे दिन बुधवार को हाजीपुर में नारायणी एवं गंगा नदी के सभी घाटों समेत जिले के अन्य घाटों पर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहला अ‌र्घ्य दिया जाएगा। जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। छठ को लेकर पूरे जिले में भक्तिमय माहौल है। घरों, मोहल्लों, बाजारों और घाटों पर रंग-बिरंगी रोशनी की छटा के बीच छठी मइया के गीत गूंज रहे हैं। हाजीपुर के सभी घाटों पर जिला प्रशासन ने छठ व्रतियों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए है। अ‌र्घ्य के लिए सभी घाट तैयार किए जा चुके हैं। गुरुवार को उदीयमान भगवान भास्कर को अ‌र्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय छठ के अनुष्ठान का समापन होगा। कोरोना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर खास इंतजाम किए गए हैं। सभी से सरकार के स्तर पर जारी गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश दिया गया है। टीकाकरण की भी व्यवस्था की गई है। वहीं बचाव को लेकर लोगों से मास्क लगाने के साथ ही अन्य सुरक्षा के मानकों का पालन करने की अपील की जा रही है। महाअनुष्ठान के दूसरे दिन छठव्रतियों ने किया खरना

लोक आस्था के महापर्व छठ के चार दिवसीय महाअनुष्ठान के दूसरे दिन मंगलवार को व्रतियों ने पूरी आस्था व श्रद्धा के साथ खरना का अनुष्ठान किया। दिन भर उपवास के बाद शाम को बड़ी संख्या में व्रतियों ने नारायणी नदी में एवं कुछ ने घर में स्नान कर भगवान भास्कर को जल अर्पित किया। पूरे विधि-विधान से भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना की गई। रोटी और खीर का प्रसाद बनाया गया। गुड़ की बनी हुई खीर सबसे पहले व्रतियों ने फिर परिवार के सदस्यों और सगे संबंधियों ने इसे ग्रहण किया। खरना को लेकर सुबह से ही विशेष चहल-पहल बढ़ गई थी। आज अस्ताचलगामी एवं कल उदीयमान सूर्य को अ‌र्घ्य देंगे छठव्रती

लोक आस्था के महापर्व छठ के चार दिवसीय महाअनुष्ठान के तीसरे दिन बुधवार को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को छठ का पहला अ‌र्घ्य दिया जाएगा। चौथे दिन गुरुवार को उदीयमान सूर्य को अ‌र्घ्य दिया जाएगा। खरना के बाद व्रतियों का निर्जला उपवास शुरू हो गया है, जो करीब 36 घंटे बाद गुरुवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अ‌र्घ्य देने के बाद ही समाप्त होगा। इसी के साथ ही छठ महापर्व के चार दिवसीय महाअनुष्ठान का समापन हो जाएगा।

शहर से गांव तक गूंज रहे हैं छठ के गीत क्या शहर क्या गांव हर तरफ छठ के गीत गूंज रहे हैं। पारंपरिक छठ गीतों एवं फिल्मी गीतों पर कई नए गीत बनाए गए है। जिनसे माटी की सोंधी खुशबू के साथ-साथ आधुनिकता की भी झलक मिलती है। कांच की बांसे के बहंगिया, उगह-उगह हो सूरजदेव एवं उगह-उगह हो दीनानाथ के साथ शारदा सिन्हा के गीत लोग सुनना खूब पसंद कर रहे हैं। छठ गीतों की एक विशेषता यह है कि इसमें बड़ों के प्रति आदर का भाव कूट-कूट कर भरा होता है।

दूध की किल्लत से परेशान हुईं व्रती छठ का खरना करने के लिए मंगलवार को दूध की कमी व्रतियों में खटकी। सुबह से ही गोशालों में दूध के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग गोपालकों से दूध के लिए आरजू-मिन्नत कर रहे थे। देर से पहुंचने वाले कुछ लोगों को ऊंची कीमत देने के बावजूद दूध मिलना मुश्किल हुआ। अन्य दिनों में 35 से 40 रुपये बिकने वाला दूध काफी महंगा बिका। हालांकि, सुधा समेत अन्य दूध पार्लर पर इस बार दूध की उपलब्धता को लेकर खास इंतजाम किए गए थे।

पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए बाजार में उमड़ी लोगों की भीड़

लोक आस्था के महापर्व छठ पर्व को लेकर जिले के सभी हाट एवं बाजारों में दउरा, सूप, नारियल, केला, सेब, नाशपाती, अनार, पानीफल, बताशा, लड्डू, अमरूद, अनारस, ईख आदि पूजन सामग्री एवं प्रसाद की खूब बिक्री हो रही है। सुबह से रात तक बाजारों में खरीदारी को लेकर लोगों की काफी भीड़ रही। भीड़ के कारण पूरे दिन शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति रही। ------------------

नदियों एवं तालाबों में निजी नावों के परिचालन पर रोक जागरण संवाददाता, हाजीपुर :

छठ पूजा के दौरान विभिन्न स्थानों पर हुई दुर्घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगा एवं गंडक सहित अन्य सभी नदियों में घाटों पर निजी नाव के परिचालन पर रोक लगा दी है। डीएम उदिता सिंह के निर्देश के आलोक में हाजीपुर सदर एसडीओ अरुण कुमार ने सभी घाटों पर निजी नावों के परिचालन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। अनुमंडल कार्यालय से जारी निषेधाज्ञा आदेश में कहा गया है प्राय: ऐसा देखा गया है कि छठ घाटों पर बड़ी संख्या में व्रतियों के साथ श्रद्धालु जुटते हैं। इस दौरान प्रचार-प्रसार के बहाने निजी नाव का इस्तेमाल किया जाता है। इससे अ‌र्घ्यदान के साथ ही विधि-व्यवस्था में लगे कर्मियों को परेशानी होती है। इतना ही नहीं इंजनचालित नावों से फेरी लगाकर लोगों को इस पार से उस पार कराया जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जीवन सुरक्षा के मद्देनजर सभी छठ घाटों पर सभी तरह के निजी नाव का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा।

घाटों पर आतिशबाजी पर रहेगा प्रतिबंध

छठ घाटों पर सुरक्षा के मद्देनजर आतिशबाजी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। डीएम-एसपी ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस पर नजर बनाएं रखे कि ना तो कोई घाट पर आतिशबाजी करे और ना ही वहां पटाखे की बिक्री हो।

इंटरनेट मीडिया पर रखी जा रही पैनी नजर

छठ पूजा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंटरनेट मीडिया पर जिला प्रशासन की पैनी नजर है। डीएम-एसपी ने सभी पदाधिकारियों को इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है। विशेष नजर रखने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की स्पेशल टीम की भी तैनाती की गई है।

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