अतीत की सुनहरी यादों में सिमटा सोनपुर का श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

संवाद सहयोगी सोनपुर सोनपुर रेल सुरक्षा बल बैरक में धूमधाम के साथ आयोजित होने वाला छह

JagranSun, 29 Aug 2021 10:59 PM (IST)
अतीत की सुनहरी यादों में सिमटा सोनपुर का श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

संवाद सहयोगी, सोनपुर :

सोनपुर रेल सुरक्षा बल बैरक में धूमधाम के साथ आयोजित होने वाला छह दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का भव्य आयोजन अब यादों में शेष रह गया है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इस बैरक के कला मंच पर देश के नामी गिरामी कलाकार अपने फन का जलवा बिखेर कर पूरी रात दर्शकों को झूमने पर विवश किया करते थे। भजन कीर्तन, भक्ति पर आधारित भाव नृत्य, आर्केस्ट्रा, श्रीकृष्ण लीला, पांडवानी तथा जाने माने कव्वालों की कव्वाली इस मंच की मान बढ़ाते थे। उन यादगार लम्हों के बीते लगभग दस वर्ष से ज्यादा गुजर चुके हैं।

छह दिनों तक लगातार चलने वाले इन अलग-अलग मोहक कार्यक्रमों को देखने दर्शकों की यहां अपार भीड़ उमड़ती थी। भीड़ का आलम यह कि बैरक परिसर की कौन कहे सड़क से लेकर रेलवे के फूट ओवर ब्रिज और रेलवे ट्रेक तक पर लोग जमे रहते थे। इधर बैरक के बड़े हाल में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की आकर्षक झलकियां प्रतिमाओं के रूप में दर्शकों को भाव-विभोर कर रही होती थी। माता देवकी की गोद में श्रीकृष्ण, यशोदा मैया से चुपके माखन चोरी, गायों के साथ वन में बांसुरी बजाते, राधा व गोपियों संग रास लीला, कालिया नाग के फन पर नृत्य तो कहीं राधा के साथ झूले पर बांसुरी की धुन, यह सब मनमोहक झांकियां देखने भीड़ लगी रहती थी।

यहां आपसी सहयोग से होता था भव्य आयोजन

सोनपुर के आरपीएफ बैरक में आपसी सहयोग से यह भव्य आयोजन होता था। यहां इस भव्य आयोजन के लिए आरपीएफ के अधिकारी से लेकर आरक्षी तक तन-मन एवं धन से जुटे रहते थे। इसके लिए सोनपुर मंडल के विभिन्न स्टेशनों से खुशी-खुशी चंदे का कलेक्शन किया जाता था। इतना ही नहीं आरपीएफ जवानों का दस्ता सोनपुर के विभिन्न बाजारों में घूम-घूम कर लोगों से चंदा देने के लिए आग्रह करता था। सभी अपने साम‌र्थ्य के अनुसार इस आयोजन में अपनी ओर से सहयोग देता था।

आरपीएफ कमांडेंट हुए चिश्ती ने शुरू किया था 1970 में

कहते हैं की वर्ष 1970 के लगभग आरपीएफ कमांडेंट हुए चिश्ती साहब ने ही यहां रेलवे सुरक्षा बल के बैरक में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का प्रथम बार आयोजन करवाया। उनके विषय में लोग बताते हैं कि वे जहां भी रहे मुसलमान होते हुए उन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन करवाया। इसके बाद लगातार धूमधाम के साथ यहां इस आयोजन का सिलसिला जारी रहा। वर्ष 2011 में अचानक आरपीएफ के अधिकारियों ने इस आयोजन को बंद करा दिया।

सुरक्षा कारणों का हवाला देकर करा दिया था बंद

उस वक्त इस भव्य आयोजन को अचानक बंद कराने वाले अधिकारी का मानना था इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा बल की जरूरत होती है। ड्यूटी छोड़कर जवानों को यहां तैनात नहीं किया जा सकता। इसके बाद यह कार्यक्रम यह बंद हो गया। वर्ष 2013 में इस बैरक के ठीक बगल में स्थित नर्मदेश्वर नाथ मंदिर परिसर में यहां के कांग्रेस नेता जितेंद्र कुमार सिंह, सुधीर कुमार राय एवं कृष्णा राय आदि ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के आयोजन के सिलसिले को फिर से मंदिर परिसर में शुरू करवाया जो आज भी चल रहा है। पिछले कई वर्ष से यहां के राधा कृष्ण मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यहां सात दिवसीय श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया है। आज भी पुराने आरपीएफ बैरक परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की याद संजोए हुए हैं।

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