नून नदी के रौद्र रूप से पातेपुर प्रखंड के दर्जनों गांवों में बाढ़ का कहर

पातेपुर। वैशाली जिले में गंगा एवं गंडक का कहर कम होने के बाद अब पातेपुर प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली नून नदी इन दिनों पूरे उफान पर है। नदी किनारे बसे हुए लोगों पर बाढ़ का पानी कहर बनकर टूट रही है। बाढ़ ने यहां सैंकड़ों लोगों के घरों को अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया है। गोविदपुर बेला पंचायत के विजयपुरा गांव निवासी रविद्र महतो मनोज सिंह संतोष सहनी अरविद महतो राजेश महतो आदि दर्जनों लोगों के घरों में पानी फैल गया है।

JagranSat, 21 Aug 2021 09:20 PM (IST)
नून नदी के रौद्र रूप से पातेपुर प्रखंड के दर्जनों गांवों में बाढ़ का कहर

पातेपुर। वैशाली जिले में गंगा एवं गंडक का कहर कम होने के बाद अब पातेपुर प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली नून नदी इन दिनों पूरे उफान पर है। नदी किनारे बसे हुए लोगों पर बाढ़ का पानी कहर बनकर टूट रही है। बाढ़ ने यहां सैंकड़ों लोगों के घरों को अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया है। गोविदपुर बेला पंचायत के विजयपुरा गांव निवासी रविद्र महतो, मनोज सिंह, संतोष सहनी, अरविद महतो, राजेश महतो आदि दर्जनों लोगों के घरों में पानी फैल गया है। वहीं पातेपुर के फकीरचंद चौक से सुजावलपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर प्यारेपुर पहाड़पुर में पानी चढ़ जाने से आवागमन पुरी तरह बाधित हो गया है। नदी किनारे बसे हुए गांव में पानी फैलने से निचले हिस्से का धान एवं सब्जी आदि विभिन्न प्रकार की फसलें डूब कर बर्बाद हो गई है। प्रखंड क्षेत्र के चांदपुर फतह, सुक्की, बलिगांव, मुसापुर, मरुई, प्यारेपुर, पहाड़पुर, आदि दर्जनों गांवों में नून नदी का पानी पांव पसारने शुरू कर दिया है। नदी के उफान पर होने एवं रोजाना जलस्तर में वृद्धि होते देख लोगों को बाढ़ की चिता सताने लगी है। जहां-जहां पानी फैला हैं एवं घरों में पानी घुस गया है, वहां अभी तक प्रशासनिक स्तर पर नाव की व्यवस्था नहीं की गई है।

बाढ़ प्रभावित इलाके में बचाव एवं राहत कार्य, मवेशियों के लिए पशु चारे और राहत सामग्री की व्यवस्था नहीं होने से बाढ़ में घिरे लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। इस बीच चांदपुर फतह पंचायत के मुखिया मुस्तफा हसन ने प्रशासनिक अधिकारियों से इन इलाके में अविलंब नाव एवं राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। वाया नदी में उफान से सहदेई के कई इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर

सहदेई बुजुर्ग। प्रखंड में दिनोंदिन बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। हालांकि गंगा नदी के जलस्तर में कमी से गनियारी और आसपास में बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन वाया नदी में लगातार उफान से प्रतिदिन नए इलाके में बाढ़ का पानी फैल रहा है। इसके साथ ही चंवर क्षेत्र में जल जमाव के कारण यहां बाढ़ की स्थिति गंभीर हो रही है। स्थानीय चकेयाज कृषि फार्म में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से लोगों को विस्थापित होना पड़ रहा है।

बताया गया है कि महनार स्टेशन रोड में स्थित दोमुंहा पुल के निकट पानी रोकने को लगाया गया बैरियर टूट जाने से शुक्रवार को ही चकेयाज कृषि फार्म में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। इससे दर्जनों परिवार विस्थापित होकर सड़क किनारे शरण ले रहे है। वहीं दूसरी ओर सुलतानपुर पंचायत के वार्ड संख्या 1 एवं 9, नयागांव पूर्वी पंचायत के वार्ड संख्या 1 एवं 2 तथा सलहा पंचायत के वार्ड संख्या 9 एवं 10 में बाढ़ की स्थिति गंभीर बन गई है। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से अभी तक यहां के प्रभावितों को कोई भी सरकारी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

इस बीच महनार स्टेशन रोड स्थित दोमुंहा पुल का बैरियर टूटने के बाद पुल के नीचे चचरी लगाकर पानी के बहाव को रोकने का प्रयास किया गया। एसडीओ सुमित कुमार, एसडीपीओ एसके पंजियार, सहदेई बुजुर्ग बीडीओ डा. इस्माइल अंसारी, सीओ रमेश कुमार, ओपी प्रभारी सुनीता कुमारी, महनार बीडीओ बसंत कुमार सिंह, सीओ रमेश प्रसाद सिंह, थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, जिला पार्षद मनींद्र नाथ सिंह, मुखिया सुभाष कुमार सिंह, राज कपूर सिंह सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। बाढ़ नियंत्रण अभियंता राम विनोद शर्मा ने कहा कि चचरी लगाने के साथ ही बालू भरा बैग रखने से पानी के बहाव को रोका जा सकता है। उन्होंने इस कार्य में लगे स्थानीय लोगों को कई प्रकार के तकनीकी सहयोग भी दिया।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.