हत्या के प्रतिशोध में एक दर्जन से अधिक घरों में लगाई आग

हत्या के प्रतिशोध में एक दर्जन से अधिक घरों में लगाई आग

पातेपुर थाना क्षेत्र की राघोपुर नरसंडा पंचायत के मुर्तुजापुर डुमरी गांव में बच्चों के बीच हुए विवाद।

Publish Date:Sun, 02 Sep 2018 11:31 PM (IST) Author: Jagran

वैशाली। पातेपुर थाना क्षेत्र की राघोपुर नरसंडा पंचायत के मुर्तुजापुर डुमरी गांव में बच्चों के बीच हुए विवाद में बीते शुक्रवार की शाम नागेन्द्र पासवान नामक अधेड़ की पीट पीटकर हत्या कर दिए जाने के प्रतिशोध में बगल के आसमा गांव के दूसरे पक्ष के एक दर्जन से अधि लोगों के घरों में आग लगा दी गई। आगजनी से उन घरों में रखा सारा सामान जल कर भस्म हो गया। लाखों रुपये की क्षति हुई है। आगजनी की घटना रविवार की दोपहर की है।

आगजनी की घटना में विमल सहनी, रंजीत सहनी, शिवचंद्र सहनी, अरुण सहनी, राजनारायण सहनी, भोला सहनी, बालेश्वर सहनी, वीरेंद्र सहनी, सिकंदर सहनी, सुनील सहनी, रमेश सहनी समेत एक दर्जन से अधिक घरों में रखा अनाज, फर्नीचर, कपड़े आदि सब जलकर खाक हो गए। आगजनी से पीड़ित विमल सहनी की पत्नी फूलो देवी के बयान पर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है जिसमें बैद्यनाथ पासवान, रामबालक पासवान, मनोज पासवान, शिबू पासवान, सुरेश पासवान समेत तीन दर्जन से अधिक लोगों को नामजद एवं 500 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।

आग लगने की सूचना मिलने पर पातेपुर थानाध्यक्ष छोटन कुमार के नेतृत्व में अवर निरीक्षक अभय नन्दन कुमार, सहायक अवर निरीक्षक अमरेश कुमार पांडेय, पातेपुर सीओ चद्रशेखर ¨सह आदि घटनास्थल पहुंचे। इसके पूर्व थानाध्यक्ष ने महुआ अग्निशमन विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ी भी घटनास्थल पहुंच गई और बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के बाद गांव में मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस कैंप कर रही है।

¨हसक झड़प में जख्मी नागेन्द्र पासवान की इलाज के लिए ले जाने के क्रम में हो गई थी मौत संवाद सूत्र, पातेपुर :

शुक्रवार की शाम बच्चों के विवाद में हुई ¨हसक झड़प में 50 वर्षीय नागेन्द्र पासवान को पीट पीट कर गंभीर रूप घायल कर दिया था। इलाज के लिये पटना जाने के क्रम में रास्ते में नागेन्द्र पासवान की मौत हो गयी थी। इस घटना से गुस्साए अनुसूचित जाति के लोगों ने महुआ-ताजपुर मार्ग के शिवना चौक पर नागेन्द्र पासवान का शव रखकर शनिवार को लगभग छह घंटा रोड जाम रखा था। बाद में पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयास और मुआवजा राशि मिलने के बाद लोग सड़क से हटे थे। इस मामले में मृतक के पुत्र ने पातेपुर थाने में 16 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

रविवार की दोपहर करीब 12 बजे नागेन्द्र पासवान के शव का दाह संस्कार के लिए ले जाते समय आसमां गांव पहुंचते ही लोगों में आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने सहनी समुदाय के एक के बाद एक एक दर्जन से अधिक झोपड़ीनुमा घरों को आग के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद दोनों समुदाय के लोगों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। तनाव को देखते हुए घटनास्थल पर पुलिस बल के साथ ही मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।

विमल सहनी की पत्नी फूलो देवी के बयान पर थाने में दर्ज प्राथमिकी में यह भी बताया गया है कि आसमा एवं डुमरी गांव के पासवान समुदाय के पांच सौ लोग रविवार की दोपहर शव लेकर आए एवं गाली-गलौज करते हुए घरों में आग लगा दिया। गांव के लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की तो लाठी-भाला, फरसा, तलवार से लैस हमलावरों ने सहनी समुदाय के लोगों को खदेड़कर भगा दिया एवं घरों में रखे लाखों के अनाज, जेवरात, टीवी, साइकिल, सिलाई मशीन अलावा गाय-भैंस भी खोलकर ले भागे। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि इस घटना में राजनीति की जा रही है। कुछ लोग दोनों पक्ष के लोगों को भड़काकर माहौल बिगाड़ने में लगे हैं। पुलिस हर ¨बदु पर जांच कर रही है। दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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