जगतशिल्पी विश्वकर्मा की पूजा आज, बाजार में रही चहल-पहल

जागरण संवाददाता सुपौल जगतशिल्पी विश्वकर्मा की पूजा गुरुवार को होगी। इसको लेकर बुधवार को

JagranFri, 17 Sep 2021 12:43 AM (IST)
जगतशिल्पी विश्वकर्मा की पूजा आज, बाजार में रही चहल-पहल

जागरण संवाददाता, सुपौल : जगतशिल्पी विश्वकर्मा की पूजा गुरुवार को होगी। इसको लेकर बुधवार को बाजार में विशेष चहल-पहल थी। जगह-जगह पूजन सामग्री व सजावट के सामान बिक रहे थे। फलों की भी बिक्री जमकर हुई। कोरोना संक्रमण के कारण बसों के लंबे समय बंद पड़े रहने के कारण बस मालिकों के उत्साह में कमी नजर आई।

विश्वकर्मा पूजा की तैयारी को लेकर खासकर वाहनों के विक्रेताओं के प्रतिष्ठान में विशेष तैयारी की गई है। कई स्थानों पर प्रतिमा स्थापित कर भी पूजा की तैयारी है। निजी वाहन मालिक भी पूजा को लेकर विशेष उत्साहित देखे गए। गाड़ियों की सजावट के लिए सामान की खरीदारी जमकर हुई। बड़ी दुकानों से लेकर फुटपाथ भी सजावटी सामान बेचते विक्रेता नजर आए जहां लोगों ने खरीदारी की। स्थानीय बस स्टैंड में भी पूजा की तैयारी की गई है। गाड़ियों की धुलाई को लेकर वैसी जगहों पर भीड़ नजर आई जहां धुलाई का काम किया जाता है। इस कार्य में लगे मु. नजारुल ने बताया कि दिन भर में छोटी-बड़ी मिलाकर लगभग 50 गाड़ियां उन्होंने धोई है। बताया कि रात में धुलाई करेंगे और भीड़ इतनी है कि सुबह पूजा शुरू होने से पहले तक काम जारी रहेगा। दूसरी ओर सजावटी सामान के विक्रेता नवनीत ने बताया कि सबसे अधिक सजावटी माला की बिक्री हुई। झालर भी लोगों ने खरीदा है। वहीं मिठाई दुकानों में बुनिया की मांग ज्यादा रही। कुछ लोगों ने आर्डर देकर भी बुनिया तैयार करवाया तो काफी लोग तैयार बुनिया खरीदकर पूजा के लिए ले गए। बस मालिक मुकेश सिंह, मुरारी सिंह, राम नारायण मंडल, धर्मपाल मेहता, शिव कुमार यादव, श्रवण मेहता, मनोज सिंह आदि ने बताया कि विश्वकर्मा पूजा उनलोगों के लिए खास है बावजूद इसके उत्साह विगत सालों जैसा नहीं है। कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर इस बार बसें चली नहीं। अब बस सेवा चालू हुई है तो पैसेंचर कम होते हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमण को लेकर इस बार पूजा में सीमित लोगों को आमंत्रित किया गया है। बस चालक बालदेव शर्मा, जीतन यादव, विवेक यादव, रविकांत मंडल, जयप्रकाश मंडल, मंजय आदि ने बताया कि कोरोना ने लोगों का उत्साह जरूर कम कर दिया है लेकिन उनलोगों के देवता विश्वकर्मा हैं। उन्हीं के बदौलत उनकी रोजी-रोटी चलती है अत: वे अपनी ओर से पूजा में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे। बस स्टैंड के मनोज, दीपक आदि बताते हैं कि दो साल से पूजा में वो उत्साह नहीं रहता जो पहले रहता था। कोरोना ने यात्री परिवहन कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है। फिर भी पूजा का आयोजन तो किया ही जाएगा।

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