राह चलने में भय खाने लगे हैं आमजन: रंजीत रंजन

संवाद सूत्र प्रतापगंज (सुपौल) पूर्व सांसद सह कांग्रेस नेत्री रंजीत रंजन ने प्रतापगंज के बेलही गांव

JagranFri, 03 Dec 2021 11:57 PM (IST)
राह चलने में भय खाने लगे हैं आमजन: रंजीत रंजन

संवाद सूत्र, प्रतापगंज (सुपौल): पूर्व सांसद सह कांग्रेस नेत्री रंजीत रंजन ने प्रतापगंज के बेलही गांव पहुंचकर शोक संतप्त निवर्तमान प्रमुख भूपनारायण यादव सहित उनके स्वजनों को सांत्वना दी। बीते 17 नवंबर की देर शाम बेखौफ अपराधियों द्वारा निवर्तमान प्रमुख सह युवा राजद के जिलाध्यक्ष के छोटे भाई रंजीत कुमार की अपराधियों ने एनएच - 57 पर दुअनियां पुल के समीप ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। जिसकी मौत नेपाल के विराटनगर में इलाज के दौरान हो गई थी। रंजीत रंजन ने प्रमुख के स्वजनों से मिलकर घटना की पूरी जानकारी ली। घटना की निदा करते हुए कहा कि आए दिन बढ़ती हत्या, लूट, छिनतई की घटना व प्रशासनिक विफलता से शंका उत्पन्न होने लगी है कि अपराधी भी कहीं सरकार के अंग तो नहीं है। प्रतापगंज या फिर सिमराही की घटना हो या फिर मुजफ्फरपुर में आंख निकाले जाने की चर्चित घटनाओं सहित सूबे के अन्य घटित घटना से सूबे के आमजन राह चलने में भय खाने लगे हैं। फिर भी सरकार व उनके लोग सुशासन की सरकार का राग अलापते फिर रहे हैं। आज सरकार पर भारी है अपराधियों का बोलबाला। उदाहरण पेश करते हुए सांसद ने दिखाया कि यहीं देख लीजिए, प्रमुख के भाई रंजीत हत्याकांड का पर्दाफास भी नहीं कर सकी पुलिस कि इसी बीच उसी घटना स्थल पर सिमराही के ई.अभिषेक की अपराधियों ने हत्या कर दी। हैरत तो इस बात की है कि घटना के इतने दिन बाद भी हत्यारों को पुलिस नहीं पकड़ पाई है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सरकार व पुलिस प्रशासन जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़े। अन्यथा की स्थिति में जनता चुप बैठने वाली नहीं है। जिला प्रशासन सहित मुख्यमंत्री आवास का घेराव करना पड़े तो उसके लिए भी तैयार हूं। इससे पूर्व कांग्रेस नेत्री ने मृतक रंजीत के तस्वीर पर माल्यार्पण करने के बाद उनके वृद्ध माता व पिता से मिलकर उन्हें सांत्वना दिया। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रो. विमल कुमार, परमेश्वरी यादव, अशोक भगत, प्रकाश यादव, रेशम लाल यादव, सूरत लाल यादव, मृत्युंजय ठाकुर, शैलेश कुमार, राजीव रंजन, विशुनदेव यादव, ज्योति कुमारी, सरोज पंडित सहित दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

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