पांचवें दिन भी नहीं बांधा जा सका ग्रामीण सुरक्षा बांध

-अगर बांध दिया गया होता सुरक्षा बांध तो नहीं होती बड़े पैमाने पर राजस्व की क्षति -पानी की ते

JagranTue, 27 Jul 2021 06:55 PM (IST)
पांचवें दिन भी नहीं बांधा जा सका ग्रामीण सुरक्षा बांध

-अगर बांध दिया गया होता सुरक्षा बांध तो नहीं होती बड़े पैमाने पर राजस्व की क्षति

-पानी की तेज धार के कारण बढ़ गई है कटाव स्थल की गहराई, हो रही परेशानी

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फोटो नंबर-27 एसयूपी-13

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संवाद सहयोगी, निर्मली (सुपौल): सिकरहट्टा-मझारी निम्न बांध के करीब टूटा ग्रामीण सुरक्षा बांध पांचवें दिन मंगलवार को भी नहीं बांधा जा सका। सोमवार को कार्यस्थल पर 30 फीट बांध बांधना बाकी था मंगलवार को समाचार प्रेषण तक 26 फीट कार्य शेष रह गया है। एक दिन में मात्र चार फीट की लंबाई में बांध को बांधा गया है। बांध बांधे जाने की रफ्तार को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि बांध को बांधने में कितने दिन लग सकते हैं। वैसे अभियंता यहां रात-दिन एक किए हुए हैं और कई ठीकेदारों को कार्य करने की अनुमति दी गई है। जेसीबी मशीन से मेगा बैग, सीमेंट पोल, बांस पाइलिग व बोल्डर कटाव स्थल में गिराया जा रहा है। 125 फीट की लंबाई में ग्रामीण सुरक्षा बांध कोसी नदी की तेज धारा में कटा था। जिसमें से मात्र 99 फीट कार्य पांच दिनों में किया गया है। अभियंता की माने तो कटाव स्थल पर पानी की तेज धारा से स्थल की गहराई बढ़ गई है। जहां अंदाजा से अधिक मटेरियल लग रहा है। जिलाधिकारी महेंद्र कुमार भी प्रतिदिन कार्य स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। पूछने पर अभियंता प्रमुख राजेश कुमार ने बताया कि कार्यस्थल पर अभियंताओं की टीम कार्य का सतत निगरानी कर रही है। गहराई वाले स्थल पर अंदाजा से अधिक मेटेरियल लग रहा है जिससे बांध के बांधने में परेशानी हो रही है। पानी की धारा पर कंट्रोल किया जा चुका है। जल्द ही बांध लिया जाएगा। सिकरहट्टा-मझारी निम्न बांध को बांधने का कार्य भी पानी की रफ्तार धीमी होने के कारण ते•ाी से किया जा रहा है। पांच दिन पूर्व तेज धारा पश्चिम दिशा की ओर रुख कर गई थी जिससे ग्रामीण सुरक्षा बांध पहले टूटा फिर 2 दिनों के बाद सिकरहटा-मझारी लो बांध टूट गया था।

ज्ञातव्य हो कि ग्रामीण सुरक्षा बांध के बांधने के लिए अभियंताओं से कहा गया था कितु वे ग्रामीण सुरक्षा बांध के बांधने से इन्कार कर गए थे। ग्रामीण सुरक्षा बांध को अगर बांधा गया होता तो सिकरहट्टा मझारी लो बांध नहीं कटता और ना ही इतने बड़े पैमाने सरकारी राजस्व खर्च होता। सिकरहटा-मझारी बांध के कट जाने पर अभियंताओं की टीम ने उसी ग्रामीण सुरक्षा बांध को बांधना शुरू कर दिया। हालात यह है कि ग्रामीण सुरक्षा बांध पांच दिन बीतने के बाद भी नहीं बांधा जा सका।

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