15वीं शताब्दी के महान संत थे रविदास

15वीं शताब्दी के महान संत थे रविदास

संवाद सूत्र किशनपुर (सुपौल) प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक मध्य विद्यालय थरबिटिया में शनिवार को संत ि

JagranSun, 28 Feb 2021 12:43 AM (IST)

संवाद सूत्र, किशनपुर (सुपौल) : प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक मध्य विद्यालय थरबिटिया में शनिवार को संत शिरोमणि रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित प्रवचन के दौरान माता पार्वती ने कहा कि रविदास जी महाराज एक ऐसे व्यक्ति थे जो आमलोगों को जागरूक करने व आगे बढ़ाने के लिए दिन-रात मेहनत करते रहते थे। रविदास भारत में 15 वीं शताब्दी के एक महान संत, दर्शनशास्त्री, कवि, समाज-सुधारक और ईश्वर के अनुयायी थे। वे निर्गुण संप्रदाय अर्थात संत परंपरा में एक चमकते नेतृत्वकर्ता और प्रसिद्ध व्यक्ति थे तथा उत्तर भारतीय भक्ति आंदोलन को नेतृत्व देते थे। ईश्वर के प्रति अपने असीम प्यार और अपने चाहने वाले, अनुयायी, सामुदायिक और सामाजिक लोगों में सुधार के लिए अपने महान कविता लेखन के जरिये संत रविदास ने विविध प्रकार के आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश दिये। वे लोगों की नजर में उनकी सामाजिक और आध्यात्मिक जरूरतों को पूरा करने वाले मसीहा के रूप में थे। आध्यात्मिक रूप से समृद्ध रविदास को लोगों द्वारा पूजा जाता था। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रवीण कुमार राम, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष अजित कुमार, विजय कुमार राम, दीपक रावण, ललन कुमार, सुमन राम, राजेश कुमार आदि का योगदान रहा। ----------------------------

भागवत कथा का आयोजन-----

राघोपुर, (सुपौल): धन, मान, आदर आदि कोई भी चीज ठहरने वाली नहीं है। आप अपने ही द्वारा कमाये हुए रुपये के वश में हो जाते हैं। उक्त बातें प्रखंड क्षेत्र स्थित लक्ष्मीपुर साइत गांव के एक ट्रांसपोर्ट कार्यालय में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा एवं दुर्लभ सत्संग के अवसर पर शुक्रवार की संध्या ऋषिकेश से पधारे ब्रह्मचारी हरिदास जी महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि ईश्वर ही मेरे नाथ हैं मैं उनको कभी नहीं भुलूंगा, इसी में मेरे जीवन का बेड़ा पार है। महाराज ने कबीर के कई उपदेश सुना कर लोगों को संदेश दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजकुमार चांद, अंकित कुमार आदि की भूमिका रही।

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