गेहूं की बंपर पैदावार की संभावना, कटनी शुरू

गेहूं की बंपर पैदावार की संभावना, कटनी शुरू

कोरोना संक्रमण के साए में जी रहे किसानों के बीच से एक अच्छी खबर आ रही है। इस वर्ष गेहूं की बंपर पैदावार होने की संभावना है।

JagranWed, 31 Mar 2021 11:29 PM (IST)

सुपौल। कोरोना संक्रमण के साए में जी रहे किसानों के बीच से एक अच्छी खबर आ रही है। इस वर्ष गेहूं की बंपर पैदावार होने की संभावना है। पिछले वर्ष गेहूं की पैदावार जिले में 80 हजार मीट्रिक टन आंकी गई थी। इस वर्ष पैदावार एक लाख मीट्रिक टन से अधिक आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल गेहूं की फसल लगभग पक चुकी है। छिटपुट तरीके से इसकी कटनी भी शुरू हो चुकी है। दो-चार दिनों में गेहूं कटनी में तेजी आने की संभावना है।

दरअसल शुरुआती काल से ही रबी मौसम में किसानों को मौसम का साथ मिला। अंतिम समय तक मौसम ने किसानों का साथ दिया जिससे उपज बेहतर होने की संभावना है। खेतों में लगे गेहूं के पौधों में बालियां खूब लगी है जिसमें दाने भी पुष्ट दिख रहे हैं। इधर अन्य वर्षो की भांति इस वर्ष बीमारियों का भी प्रकोप कम रहा जिससे किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद है। गेहूं की कटनी शुरू होते ही थ्रेसर वाले भी सक्रिय हो गए हैं

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90000 हेक्टेयर में हुई गेहूं की खेती

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष 1010 हेक्टेयर खेत को गेहूं से आच्छादित किया गया था जिसमें 90000 हेक्टेयर खेतों में गेहूं लगाया गया था। गेहूं की पैदावार तो बेहतर बनाने के लिए कृषि विभाग भी सक्रिय था। इधर किसान भी खाद बीज की खरीदारी में सावधानी बरत रहे थे। विज्ञानियों द्वारा किसानों के बीच पाठशाला का आयोजन किया जा रहा था जिस पाठशाला में किसानों को बेहतर पैदावार के टिप्स दिए जा रहे थे। परिणाम रहा कि खेतों में गेहूं की फसल बेहतर दिख रही है किसानों का कहना है कि ऐसी फसल कई वर्षों के बाद देखने को मिल रहा है।

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बुवाई के समय से ही मिला मौसम का साथ

किसान महेंद्र यादव, शंभू कुमार बताते हैं कि गेहूं की बुवाई के बाद से ही मौसम का साथ अच्छा मिलता रहा जिससे पटवन होने के बाद भी फसल पीले नहीं पड़े जिसका फायदा खेतों में दिख रहा है। हालांकि एक डर भी सता रहा है कि कटाई से पूर्व आंधी तूफान ना आ जाए। ऐसा हुआ तो सारी उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा पिछले कई वर्षों से ऐसी अनहोनी कटाई के वक्त हो जाती है

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गेहूं बिक्री को ले चितित किसान

बेहतर उत्पादन के बीच किसानों की चिता उत्पादन को बेचने को लेकर है। किसानों का कहना है कि अब जबकि गेहूं तैयारी लगभग शुरू हो चुकी है लेकिन सरकार की ओर से गेहूं खरीद की सुगबुगाहट तक भी शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में एक बार फिर उन सबों को बिचौलियों के हाथों का कठपुतली बनना होगा। यदि सरकार जल्द व्यवस्था नहीं करती है तो फिर बेहतर पैदावार का उन सबों को लाभ नहीं मिल पाएगा फिलहाल किसानों को गेहूं का बाजार मूल्य देख चिता बनी हुई है किसानों का कहना है कि फिलहाल गेहूं का बाजार मूल्य 15 सौ रुपये क्विटल है ऐसे में उन लोगों का लागत भी ऊपर नहीं हो पाएगा जबकि पिछले वर्ष बाजार मूल्य 18 सौ से दो हजार के बीच था।

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