चलो गांव की ओर:::::उपजाऊ मिट्टी की बदौलत लोग खुशहाल, सरकारी योजनाओं ने लगाया चार चांद

चलो गांव की ओर:::::उपजाऊ मिट्टी की बदौलत लोग खुशहाल, सरकारी योजनाओं ने लगाया चार चांद

------------------ पंचायत का नाम-फिगलास आबादी-14 हजार मतदाता-09 हजार साक्षरता दर-60 फीसद

JagranSun, 28 Feb 2021 06:23 PM (IST)

------------------ पंचायत का नाम-फिगलास

आबादी-14 हजार

मतदाता-09 हजार

साक्षरता दर-60 फीसद

स्वास्थ्य केंद्र-01

प्राथमिक विद्यालय-05

मध्य विद्यालय-03

आंगनबाडी़ केंद्र-11

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फोटो फाइल नंबर-28एसयूपी-10,11,12

रौशन कुमार रसिक, राघोपुर (सुपौल) : 2001 के परिसीमन से पहले फिगलास महज सात वार्ड में सीमित था। कहा जाता है कि हरावत स्टेट की जमींदारी के दौरान बाबू कुंवर को 240 एकड़ का यह भूभाग लगान वसूली के लिए दिया गया था। उस समय कोसी के इस तटीय भाग को फिगलास के नाम से जाना जाता था। समय बीतता गया जमींदारी प्रथा खत्म होने के बाद फिगलास पंचायत के रूप में उभरकर सामने आया। ऐसा नहीं कि उस समय यह पंचायत संपन्न थी, उपजाऊ मिट्टी की बदौलत यहां के लोग खुशहाल जरूर थे। बदलते समय के साथ गली, सड़क, पुल-पुलिया, नहर, नाला आदि के निर्माण ने इसमें चार चांद लगाया। 2001 के परिसीमन में 15 वार्ड का यह पंचायत बनकर तैयार हुआ। इसका फैलाव करीब 15 किलोमीटर क्षेत्रफल में है। सात निश्चय योजना से करीब 15 पीसीसी एवं मनरेगा योजना से 25 ईंट सोलिग व पीसीसी सड़क के निर्माण से पंचायत में सडकों का जाल बिछ गया। यह नहीं कहा जा सकता कि पंचायत में मूलभूत आवश्यकता खत्म हो गई बल्कि इसकी जरूरत महसूस की जा रही है।

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क्षेत्र होकर गुजरती है दो-दो हाईवे

फिगलास पंचायत में ग्रामीण सड़क के साथ-साथ दो-दो हाईवे होने से यहां के लोगों को देश दुनिया का सफर करने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। एनएच 106 जो पंचायत को दो भागों में विभजित करती है वहीं ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर फोर लेन हाईवे 57 पंचायत की दक्षिणी सीमा होकर गुजरती है। अगर पंचायत क्षेत्र की सभी ग्रामीण सडकों को दोनों हाईवे से जोड़ दिया जाए तो यह पंचायत प्रखंड का विकसित पंचायत कहलाएगी।

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नहीं है पंचायत सरकार भवन

पंचायत में सरकार भवन नहीं रहने से यहां के लोगों को प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगना पड़ता है। लोगों का कहना है कि सरकार भवन नहीं बनने से पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, किसान सलाहकार, आवास सहायक, राजस्व कर्मचारी की खोज में लोग भटकते रहते हैं। खासकर छात्र।छात्राओं प्रमाण पत्र, बनाने के लिए चक्कर लगाना पड़ता है। मुखिया की माने तो पंचायत सरकार भवन के लिए प्रस्तावित जमीन का ब्यौरा विभाग को भेज दिया गया है, मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा।

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उप स्वास्थ्य केंद्र उपेक्षा का शिकार

लोगों को उपचार के लिए बना उप स्वास्थ्य केंद्र उपेक्षा का शिकार होकर रह गया है। यह केंद्र गौशला में तब्दील है। दो कमरे के केंद्र के इस सुसज्जित भवन में शौचालय, मरीजों के लिए एक बड़ा सा कमरा, चिकित्सीय उपकरण एवं कर्मचारी के लिए अलग-अलग कमरे हैं अगर कुछ नहीं है तो सेवा प्रदान करने वाले कर्मचारी एवं उपकरण। इसका नतीजा है कि शौचालय में जहां गंदगी का अंबार लगा है कमरे का उपयोग लोग मवेशी रखने के लिए कर रहे हैं।

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पशु अस्पताल की है जरूरत

यहां की करीब 75 फीसद आबादी कृषि पर निर्भर है। किसानी के साथ मवेशी पालन कर लोग जीवन यापन करते हैं। पशु के बीमार पड़ने पर इलाज के लिए लोगों को प्रखंड मुख्यालय की दूरी तय करनी पड़ती है।

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नल जल योजना फेल

हर घर नल का जल योजना यहां फेल नजर आता है। नल लगाने वाली एजेंसी द्वारा कहीं भी ठीक तरीके से पाइप नहीं बिछाया गया है। लोगों का कहना है की पाइप के खुले रहने से वर्षा के समय गंदा पानी के साथ-साथ सांप-मेढ़क ने इसमें अपना आशियाना बना लिया। इधर कुछ दिन पहले जब फिर काम शुरू हुआ तो बिना सफाई के ही लोगों के घरों तक पाइप बिछा कर पानी छोड़ दिया गया। लोगों ने बताया कि बहुत दिनों तक तो नल से गंदा पानी ही टपकता रहा अब साफ पानी आने भी लगा तो पानी पीने का जी नहीं करता है।

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लगाए गए हैं डस्टबिन

स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन सहित विभिन्न सरकारी एवं सार्वजनिक स्थानों पर पंचायत की ओर से डस्टबीन की व्यवस्था की गई है। इसके देख रेख एवं रख रखाव के लिए कर्मी की व्यवस्था की जा रही है।

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लगने लगी चौपाल

पंचायत में विगत पांच वर्षों में हुए विकास कार्य को लेकर शनिवार को चौपाल लगाया गया जिसमें सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक शैलेंद्र झा, रामानंद कुंवर, वेदानंद कुंवर, विद्यानंद कुंवर, जितेंद्र झा, मनीष कुमार, रतिनाथ झा, पंडित वेदानंद झा, पूर्व मुखिया उत्तम लाल मंडल, सूर्यनारायण राम, अमरनाथ कुंवर आदि ने पांच वर्षों के कार्य पर चर्चा किया। लोगों ने कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आजादी के बाद फिगलास पंचायत में पहली बार इस पंचवर्षीय योजना में जो काम हुआ है वह सराहनीय है। सभी वार्डो मे पीसीसी सड़क, सोलिग, पुल-पुलिया का निर्माण कर मुख्य मार्ग से जोड़ दिया गया है।

---------------------------------------------- मुखिया का दावा

फोटो फाइल नंबर-28एसयूपी-13

मुखिया प्रकाश कुमार यादव ने कहा कि चुनाव के समय जब मैं वोट मांगने लोगों के पास जाने लगा तो उस समय मुझे एहसास हुआ कि जनता और प्रतिनिधि का संबंध क्या होना चाहिए उसी अनुभव के आधार पर हमने काम किया। सभी वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया। कहा कि मनरेगा योजना से 25 सड़क, सात निश्चय से दो दर्जन पीसीसी सड़क, 14वीं एवं पंचम वित्त से पांच किलोमीटर की करीब आधा दर्जन सडक निर्माण के साथ-साथ, जल जीवन हरियाली योजना के तहत पौधारोपण, तालाब का जीर्णोद्धार किया गया जो किसी भी एक पंचवर्षीय में होना मिसाल है। 2200 परिवारों को राशन कार्ड, 1500 व्यक्ति को वृद्धावस्था पेंशन, सैकड़ों लाभुकों को कन्या विवाह योजना का लाभ एवं हजारों परिवार को कबीर अंत्येष्टि का लाभ का दिया गया। कहा कि पंचायत में बहुत ऐसे कार्य हैं जिसे पूर्ण करना है।

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कहते हैं पंचायत के लोग

फोटो फाइल नंबर-28एसयूपी-14

शिक्षाविद सह सेवानिवृत्त प्राचार्य शैलेंद्र झा ने मुखिया के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उम्मीदों से बढ़-चढ़कर मुखिया ने काम किया है।

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फोटो फाइल नंबर-28एसयूपी-15

पूर्व मुखिया उत्तम लाल मंडल ने कहा कि पांच वर्षो में जो भी काम हुआ वह सराहनीय है। पंचायत सरकार भवन का नहीं बनना चिता का विषय है।

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फोटो फाइल नंबर-28एसयूपी-16

रामानंद कुंवर ने कहा कि पांच वर्षों में हुए कार्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। नहर में साइफन नहीं होना किसानों की बहुत बड़ी समस्या है। मुखिया को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।

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फोटो फाइल नंबर-28एसयूपी-17

वेदनंद कुंवर ने कहा कि जिस पारदर्शिता से मुखिया ने अपना पांच वर्ष का कार्य पूरा किया अगर यही स्थिति बनी रही तो अगले पंचवर्षीय की जिम्मेदारी भी लोग इन्हें ही देंगे।

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फोटो फाइल नंबर-28एसयूपी-18

विद्यानंद कुंवर ने कहा कि इस कार्यकाल में पंचायत का अच्छा विकास जरूर हुआ है लेकिन आज भी बहुत ऐसे काम हैं जिसपर ध्यान देने की जरूरत है। पंचायत सरकार भवन का होना बहुत आवश्यक है।

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फोटो फाइल नंबर-28एसयूपी-19

जितेंद्र झा ने कहा कि मुखिया के काम करने का अंदाज इतना अच्छा है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सम्मानित हुए।

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फोटो फाइल नंबर-28एसयूपी-20

सरपंच नारायण यादव ने मुखिया के कार्य को सराहते हुए कहा कि मुखिया को उप स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, आंगनबाड़ी आदि की निगरानी करनी चाहिए।

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फोटो फाइल नंबर-28एसयूपी-21

पंडित बैद्यनाथ झा ने कहा कि मुखिया के प्रयास से आज सभी घरों मे शौचालय है। यही प्रयास अगर नल जल में हो तो लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा।

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