लॉकडाउन 2::::::संक्रमण पर करना है प्रहार तो गांवों की ओर जाना होगा सरकार

लॉकडाउन 2::::::संक्रमण पर करना है प्रहार तो गांवों की ओर जाना होगा सरकार

-गांव स्तर पर नहीं है जांच की सुविधा लोग हैं परेशान जागरण संवाददाता सुपौल लॉकडाउन 2 को

JagranSat, 15 May 2021 07:10 PM (IST)

-गांव स्तर पर नहीं है जांच की सुविधा, लोग हैं परेशान

जागरण संवाददाता, सुपौल: लॉकडाउन 2 को असरदार बनाने के लिए प्रशासन जी-जान से जुटा हुआ है। लॉकडाउन का सकारात्मक प्रभाव भी दिख रहा है और संक्रमितों की संख्या में कमी नजर आनी शुरू हो गई है। किन्तु ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का फैलाव तेजी से हो रहा है। अधिकांश गांवों के लोग बुखार, खांसी-सर्दी आदि के लक्षणों से पीड़ित हैं। गांव स्तर तक जांच की सुविधा नहीं रहने के कारण वे खुद नहीं समझ पा रहे हैं कि उन्हें कोरोना है या फिर मौसमी खांसी-सर्दी बुखार। किसी गांव में अगर कोरोना विस्फोट की जानकारी मिलती है तो उस गांव को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर वहां के लोगों की जांच की जाती है। पर अधिकांश गांवों में जांच के अभाव में संक्रमण की स्थिति का आंकड़ा और अंदाजा नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान समय में दवा की दुकानों पर अधिकांश लोग सर्दी-खांसी और बुखार की दवा ही खरीदते नजर आ रहे हैं। --------------------------------------

पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेशन की दी जा रही सलाह

गत वर्ष कोरोना का कहर जब शुरू हुआ था तो अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों की उस समय जांच की जा रही थी और उन्हें प्रखंड स्तर पर क्वारंटाइन होम में क्वारंटाइन किया जा रहा था। कोरोना को लेकर लागू किए गए लॉकडाउन टू में ऐसी व्यवस्थाएं नहीं दिख रही। सदर अस्पताल सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हो रही कोरोना की जांच में लोग पॉजिटिव पाए जा रहे हें उन्हें मेडिकल कीट थमा कर होम आइसोलेशन की ही सलाह दी जा रही है। गंभीर संक्रमित मरीजों को ही अस्पताल या फिर कोविड केयर सेंटर की सुविधा मिल पा रही है। ऐसे में अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूर जो संक्रमित हैं गांवों में संक्रमण बांट रहे हैं।

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लॉकडाउन में प्रशासन की दिख रही सख्ती

लॉकडाउन के दौरान संक्रमण पर अंकुश के मद्देनजर सख्ती बरती जा रही है। हाट बाजारों को चिन्हित जगहों पर शिफ्ट किया गया है और उसके लिए भी समय-सीमा निर्धारित की गई है। साथ ही साथ लोग मास्क का प्रयोग करें और शारीरिक दूरी का पालन करें इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। बेवजह लोग सड़क पर आवाजाही न करें इसको लेकर भी प्रशासन चुस्त-दुरूस्त है। हर आने जाने वाले वाहनों से चौक-चौराहे पर तैनात जवान टोकाटोकी करते हैं और उनसे निकलने का प्रयोजन पूछते हैं। जिले में लॉकडाउन तो असरदार है, किन्तु ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता, ट्रेकिग और टेस्टिग की दरकार है।

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-अस्पताल एवं अन्य संबंधित स्वास्थ्य प्रतिष्ठान, उनके निर्माण एवं वितरण इकाईयां-सरकारी एवं निजी, दवा दुकान, मेडिकल लैब, नर्सिंग होम, एंबुलेंस सेवाओं से संबंधित प्रतिष्ठान यथावत कार्य करेंगे।

-आवश्यक खाद्य सामग्री, किराना दुकान तथा फल एवं सब्जी, मांस-मछली, दुध, पीडीएस की दुकान सुबह 6 बजे से 10 बजे पूर्वाह्न तक खुली रहेंगी।

-निर्माण सामग्री, निर्माण संबंधित हार्डवेयर तथा बीज और खाद्य की दुकानें सप्ताह में दो दिन सोमवार एवं गुरुवार को सुबह 6 बजे से 10 बजे पूर्वाह्न तक ही खुली रहेगी।

-रेस्टूरेंट एवं खाने की दुकानें बंद रहेंगी। इसका संचालन केवल डिलीवरी के लिए प्रात: 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक अनुमान्य होगा।

-अन्य सभी प्रकार की दुकानें जैसे मनिहारा, कपड़ा, जूता-चप्पल, कॉस्मेटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, पान दुकान, सैलून, ब्यूटी पार्लर इत्यादि पूर्णत: बंद रहेगी। ये दुकानें लॉकडाउन की अवधि में किसी भी दिन, किसी भी समय पर नहीं खुल सकती।

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