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पूंजीपतियों के लिए बना है नया कृषि कानून

पूंजीपतियों के लिए बना है नया कृषि कानून

भीमपुर में बुधवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। महापंचायत में किसान की वर्तमान स्थिति उनकी समस्याएं एवं समस्याओं के समाधान के लिए विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

JagranWed, 31 Mar 2021 11:30 PM (IST)

सुपौल। भीमपुर में बुधवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। महापंचायत में किसान की वर्तमान स्थिति, उनकी समस्याएं एवं समस्याओं के समाधान के लिए विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व जिला परिषद सदस्य रामजीवन मुखिया ने कहा कि देश भर के किसानों की हालत चिताजनक है। आज लड़ाई अस्तित्व बचाने की है। जो तीन नए कानून बनाए गए हैं वह पूंजीपतियों के लिए बनाए गए हैं। 15 करोड़ एनपीए हैं. जो पूंजीपतियों का है अबतक भारत सरकार कितना वसूल पाई है। किसानों को देने के नाम पर सरकार चीख मारती है। महापंचायत को संबोधित करते हुए सत्य नारायण प्रसाद ने कहा कि आज सरकार खाद एवं उर्वरक के मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि कर रही है। उर्वरक का वजन भी घटाया जा रहा है, और जनता को 06 ह•ार वार्षिक देकर लॉलीपॉप थमाया जा रहा है। किसान अन्नदाता हैं परंतु आज किसान की ही हकमारी की जा रही है। नए कृषि कानून के तहत किसान को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलेगा और वह अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर होगा। मौके पर परमेश्वर यादव, संतोष यादव, डॉ. देवेंद्र प्रसाद, राजेंद्र सिंह, विष्णुदेव मुखिया, शंभू पासवान आदि उपस्थित थे। सुपौल-वीणा पथ जर्जर

जासं, सुपौल: सुपौल-वीणा पथ जर्जर रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पथ से रोजाना सैकड़ों की संख्या में वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। खासकर इंजीनियरिग कॉलेज के पास सड़क की स्थिति काफी खराब है। स्थानीय लोगों ने पथ निर्माण विभाग का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए इसके निदान की मांग की है।

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नहीं मिला मानदेय

मरौना, (सुपौल): पीएचईडी द्वारा बनाई गई मिनी जलमीनार को चलाने के लिए बहाल किए गए कर्मी का मानदेय दो साल से भुगतान नहीं किए जाने से परेशानी बढ़ गई है। कर्मियों ने कई बार विभाग को आवेदन देकर मानदेय दिलाने की बात की लेकिन अभी तक उन लोगों को मानदेय नहीं दिया गया। कर्मियों ने जल्द भुगतान की मांग की है।

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