आश्रय स्थलों में पेयजल तथा स्लम बस्तियों में आवश्यक दवाओं की होगी व्यवस्था : डीएम

आश्रय स्थलों में पेयजल तथा स्लम बस्तियों में आवश्यक दवाओं की होगी व्यवस्था : डीएम

सिवान अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में भीषण गर्मी पड़ने लगी है। इससे आम जनजीवन प्रभावित होने लगा

JagranWed, 07 Apr 2021 11:00 PM (IST)

सिवान : अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में भीषण गर्मी पड़ने लगी है। इससे आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है और लोगों को स्वास्थ्य व पेयजल संबंधी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। एहतियात के तौर पर भीषण गर्मी एवं लू से बचाव को लेकर सरकार के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया है। जारी निर्देशों में बताया इन दिनों में विशेषकर छोटे बच्चों, स्कूली बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं एवं काम के लिए घर से बाहर निकलने को बाध्य दिहाड़ी मजदूरों को काफी समस्या आती है। साथ ही पेयजल संकट की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। इसको ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी को निर्देशित किया है।

शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक जगहों पर होगी प्याऊ की व्यवस्था :

डीएम अमित कुमार पांडेय ने बताया कि शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक जगहों पर प्याऊ की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही गर्म हवाओं एवं लू से बचाव से संबंधित सूचनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। ताकि आमजन इससे भली भांति अवगत हो सके। नगर क्षेत्र में स्थित आश्रय स्थलों में पेयजल तथा स्लम बस्तियों के निवासियों के लिए आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जाएगी। सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, रेफरल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लू से प्रभावितों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी। सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस पैकेट, आइवी फ्लूड एवं जीवन रक्षक दवाओं की समुचित व्यवस्था होगी। अत्यधिक गर्मी से पीड़ित व्यक्तियों के इलाज के लिए अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था होगी एवं लू से पीड़ित बच्चों, बूढ़ों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है।

पशुओं के बीमार पड़ने पर रहेगी चिकित्सक दल की व्यवस्था :

डीएम ने सभी स्कूलों, परीक्षा केंद्रों व आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल, ओआरएस की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। गर्म हवा व लू से बचाव के उपायों से संबंधित सामग्री, पंपलेट व पोस्टर के माध्यम से प्रचार प्रसार करने का निर्देश दिया है। साथ ही पशुओं के बीमार पड़ने पर चिकित्सक दल की व्यवस्था करने का निर्देश जिला पशुपालन विभाग को दिया है। साथ ही साथ मनरेगा अंतर्गत तालाबों व आहरों इत्यादि की खुदाई की योजना में तेजी लाने का निर्देश दिया है। ताकि इसमें पानी इकट्ठा कर पशु-पक्षियों को पानी उपल्ध कराया जा सके। गांवों में पेयजल की व्यवस्था हेतु पंचायतों को कार्य योजना बनाने हेतु निर्देशित किया है। साथ ही जल संरक्षण की योजनाओं पर कार्य करने का भी निर्देश दिया है।

जिलास्तर पर आयोजित होंगे जागरूकता कार्यक्रम :

लू चलने की अवधि में वाहनों का परिचालन कम से कम करने व पूर्वांह्न 11 बजे से शाम 3.30 बजे तक सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों के परिचालन को नियंत्रित करने का निर्देश जिला परिवहन पदाधिकारी को दिया है। इसके साथ ही विद्युत के ढीले-ढाले तार को अविलंब ठीक करने का निर्देश दिया है। अगलगी की घटना से निपटने एवं उनके रोकथाम के लिए विभागीय मानक संचालन प्रक्रियानुसार कार्रवाई करने का निर्देश अग्निशमन विभाग को दिया है। उन्होंने बताया कि जिलास्तर पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर इसके जनसामान्य के बीच प्रचारित किया जाएगा।

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