पानी की बर्बादी रोकने के लिए विभाग लगाएगा जुर्माना, बन रही माइक्रो लेवल योजना

सिवान जिले में नल-जल योजना का काम लगभग पूरा होने की स्थिति में है। कुछ पंचायतों में अभी भी

JagranWed, 05 May 2021 11:06 PM (IST)
पानी की बर्बादी रोकने के लिए विभाग लगाएगा जुर्माना, बन रही माइक्रो लेवल योजना

सिवान : जिले में नल-जल योजना का काम लगभग पूरा होने की स्थिति में है। कुछ पंचायतों में अभी भी कार्य चल रहा है। ऐसे में सात निश्चय योजना के पार्ट टू में पंचायती राज विभाग और पीएचईडी विभाग ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए कार्रवाई के साथ जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। इसकी अनुमति विभाग से प्राप्त भी हो चुकी है। विभागीय स्तर पर लोगों को नियमित शुद्ध पानी मिले इसको लेकर माइक्रो लेवल पर प्लानिग की जा रही है। हालांकि इसे धरातल पर उतराना विभाग के लिए बड़ी चुनौती जैसी होगी। पानी खर्च का ब्योरा किया गया है निर्धारित :

जिला पंचायती राज विभाग कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार शहरी और ग्रामीण इलाकों में नल-जल योजना का पानी बड़े पैमाने पर बर्बाद हो रहा है। नल जल योजना के तहत एक व्यक्ति पर पानी खर्च का ब्यौरा भी निर्धारित किया गया है। पीने के पानी के लिए तीन लीटर, खाना बनाने के लिए 10 लीटर, स्नान के लिए 15 लीटर, घरेलू काम के लिए 15 लीटर, शौचालय कपड़ा धोने व स्वच्छता के लिए 15 लीटर, पशुओं के पीने व अन्य उपयोग के लिए 12 लीटर पानी का उपयोग करने की बात कही गई है।

खेत पटवन और मवेशियों को नहलाने में हो रहा इस्तेमाल :

सरकार की कल्याणकारी नल जल योजना का दुरुपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में काफी हो रहा है। इस योजना के तहत लगाए गए नल के जल से खेतों का पटवन करने और मवेशियों को नहलाने का काम किया जा रहा है। इसके बावजूद पंचायत स्तरीय प्रतिनिधि अपने वोट के चक्कर में कुछ बोल नहीं पाते हैं। जिस कारण कई टावर पाइप फट जाते हैं, तो मीटर भी जल जाता है। इस कल्याणकारी योजना की शिकायत प्रखंड कार्यालय से लेकर जिला लोक शिकायत निवारण तक हो भी चुकी है।

मोटर पंप के इस्तेमाल पर लगेगा जुर्माना

सात निश्चय पार्ट टू के अंतर्गत नल जल योजना की पानी की बर्बादी को लेकर विभाग ने जुर्माने के साथ कड़ी कानूनी कार्यवाही का भी प्रावधान किया है। अगर उपभोक्ता योजना में मोटर पंप का उपयोग करता है, तो पंचायत स्थानीय प्रशासन के सहयोग से पांच हजार रुपए जुर्माना लगाते हुए संपत्ति को जब्त करेगी। इसके बाद भी यही काम करने पर प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। यदि उपभोक्ता जुर्माना नहीं देता है, तो सर्टिफिकेट वाद दायर कर जुर्माना वसूला जाएगा।

क्या कहते हैं जिम्मेदार :

नल जल योजना के तहत पानी की हो रही बर्बादी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। इससे जहां पानी की बर्बादी पर रोक लग सकेगी। वहीं इसकी मॉनिटरिग दिन प्रतिदिन होती रहेगी। इससे जरुरतमंदों को शुद्ध जल मिल सकेगा।

राजकुमार गुप्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सिवान

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