राशन के सड़े व घटिया चावल को लेकर रीगा विधायक ने पूरे सिस्टम को घेरा

सीतामढ़ी। कोरोना काल व बाढ़ आपदा के समय गरीब दाने-दाने को मोहताज हैं। उनके सामने भुखमर

JagranSat, 24 Jul 2021 11:45 PM (IST)
राशन के सड़े व घटिया चावल को लेकर रीगा विधायक ने पूरे सिस्टम को घेरा

सीतामढ़ी। कोरोना काल व बाढ़ आपदा के समय गरीब दाने-दाने को मोहताज हैं। उनके सामने भुखमरी की नौबत है। मगर, माफिया तंत्र लूट-खसोट और भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा है। सरकार की मशीनरी बेखबर-बेपरवाही में है। वो तो शुक्र है जनप्रतिनिधियों का जो गाहे-बगाहे खोज-खबर लेते रहते हैं। रीगा विधायक मोतीलाल प्रसाद क्षेत्र भ्रमण के लिए निकले तो लाभुकों ने उनसे राशन में लूट-खसोट की शिकायत की। इसके आलोक में विधायक ने जानकारी जुटाई तो उनके होश भी फाख्ता हो गए। लिहाजा, विधायक ने तुरंत जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। विधायक ने डीएम को स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम योजना के अंतर्गत सीतामढ़ी जिले में एसएफसी गोदाम से घटिया चावल एवं कम वजन में जन वितरण प्रणाली विक्रेता को खाद्यान्न आपूर्ति कराया जा रहा है। इसपर तुरंत संज्ञान लें और जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। विधायक ने कहा है कि जिले में गरीबों का (अनाज) चावल एसएफसी गोदाम बैरगनिया, पुपरी, रुन्नीसैदपुर द्वारा जनवितरण प्रणाली को गांव-गांव आपूर्ति कराया जाता है। वह चावल सड़ा हुआ, घटिया और 80 फीसद तक टूटा हुआ है, खुदी चावल होता है तथा प्रति बैग वजन में भी कम रहता है। विधायक ने समझाया कैसे हो रहा घोटाला

विधायक के मुताबिक, एसएफसी गोदाम में सीतामढ़ी जिला के पैक्सों द्वारा धान अधिप्राप्ति से प्राप्त चावल ही रहता है। जिला के सभी पैक्सों को जिला प्रशासन द्वारा निजी मिलों से संबंध कराया जाता है। हर एक चावल के बैग पर पैक्स एवं मिलर का नाम एवं पता दर्ज रहता है। एसएफसी में प्रत्येक गोदाम पर चावल जांच करने वाला पदाधिकारी की प्रतिनियिुक्ति रहती है। राइस कंट्रोलर पदाधिकारी द्वारा गहन जांच करने के पश्चात ही मिलर से चावल लिया जाता है। जिले के पैक्सों से मिलर 51.6 किलो चावल प्राप्त करता है। प्रति बैग पैक्सों से एसएफसी को एक किलो छह सौ ग्राम चावल अधिक लेता है तो फिर एसएफसी द्वारा जनवितरण प्रणाली के विक्रेता को प्रति बैग चावल कम वजन क्यों दिया जाता है। जिले के सभी राइस मिल पैक्सों से धान आपूर्ति कराकर बाजार में बेच दिया जाता है और बाजार से सस्ते दर पर पर घटिया चावल में टूटा हुआ खुदी चावल मिलाकर एसएफसी उत्सर्जक और चावल नियंत्रक की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर घोटाला का कारोबार चल रहा है, जो जांच का विषय है। मुफ्त डिलीवरी के बावजूद भाड़ा व पलदारी भी

खाद्य आपूर्ति योजना में प्रत्येक जन वितरण के विक्रेता के यहां खाद्यान्न मुफ्त पहुंचाना है। लेकिन, डोर स्टेप डिलीवरी में खाद्यान्न पहुंचाने के बाद भाड़ा एवं पलदारी वसूल किया जाता है, जो जांच का विषय है। ऐसे में जनवितरण प्रणाली से साफ-सुथरी सही पारदर्शिता के साथ गरीबों तक खाद्यान्न पहुंचाना कैसे संभव हा सकता है। विधायक ने कहा है कि क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान आम जनता द्वारा यह शिकायत प्राप्त हुई है। जनहित में इसकी जांच कराना अति आवश्यक है।

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