सुप्पी में परसा के पास टूटा बागमती नदी का तटबंध

सीतामढ़ी। जिले में लगातार जारी बारिश के बाद इलाका बाढ़ की चपेट में है। शनिवार को सुप्पी प्रखंड के परसा गांव में बागमती नदी का तटबंध टूटने से सुप्पी रीगा बथनाहा और मेजरगंज के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

JagranSat, 13 Jul 2019 11:24 PM (IST)
सुप्पी में परसा के पास टूटा बागमती नदी का तटबंध

सीतामढ़ी। जिले में लगातार जारी बारिश के बाद इलाका बाढ़ की चपेट में है। शनिवार को सुप्पी प्रखंड के परसा गांव में बागमती नदी का तटबंध टूटने से सुप्पी, रीगा, बथनाहा और मेजरगंज के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं हजारों हेक्टेयर खेत में लगी फसलें दह गईं। अफरातफरी के बीच लोग स्कूल और सामुदायिक भवन समेत ऊंचे स्थलों पर पनाह लेने को विवश हैं। बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं। इधर बागमती, लखनदेई, झीम, रातों, मरहा और लाल बकेया आदि नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बेलसंड के मारड़ के पास और सुप्पी प्रखंड के रामपुर कंठ व सोनाखान के पास बागमती नदी में जबरदस्त कटाव जारी है। जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की टीम बांध मरम्मत में लगी है। जबकि अख्ता से रामपुर कंठ तक तटबंध में रेनकट से बांध की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां बांध सुरक्षात्मक कार्य जारी है। उधर, सोनबरसा और परिहार के नए इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सोनबरसा में थाना और एसएसबी कैंप बाढ के पानी की गिरफ्त में है। सोनबरसा-नेपाल सड़क पर चार फीट पानी का बहाव जारी है। मेजरगंज प्रखंड के दर्जनों गांवों का प्रखंड मुख्यालय और जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह भंग हो गया है। बाढ़ का पानी प्रमुख सड़कों और लोगों के घरों में बह रहा है। बैरगनिया में बागमती और लाल बकेया दोनों नदी उफान पर हैं। इसके चलते लगातार पांचवे दिन भी बैरगनिया का पूर्वी चंपारण जिले से सड़क संपर्क भंग हैं। जबकि बागमती नदी का पानी बैरगनिया के निचले इलाकों में फैल रहा है। उधर बैरगनिया-गौर सड़क पर आठ फीट पानी का बहाव जारी रहने के कारण बैरगनिया का नेपाल से सड़क संपर्क टूट गया है। बारिश जारी रहने से लोगों के लिए खुले आसमान के नीचे वक़्त गुजारना भी मुश्किल हो गया है। इसी बीच डीएम डॉ. रणजीत कुमार सिंह, एसपी अनिल कुमार समेत अधिकारियों की टीम ने रून्नीसैदपुर, बेलसंड और सुप्पी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। डीएम ने मारड़ घाट और रामपुर कंठ में कटावरोधी कार्य का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को कई निर्देश भी दिए। तटबंधों पर नजर रखने के साथ राहत और बचाव कार्य के लिए अलग-अलग इलाकों में अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। उधर, सोनबरसा प्रखंड के परसा महिद गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से मदन कुमार झा की पुत्री चांदनी कुमारी (2) की मौत हो गई।

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नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के पार

सीतामढ़ी : जिले में बागमती और अधवारा समूह के नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। तमाम नदियां खतरे के निशान के उपर बह रही है।

बाढ़ नियंत्रण केंद्र से मिली सूचना के अनुसार सभी प्रमुख बिदुओं पर बागमती के जलस्तर में वृद्धि जारी है। आधिकारिक सूचना के अनुसार शुक्रवार को दिन के तीन बजे ढेंग रेलवे ब्रिज के समीप बागमती का जलस्तर 71.92, सोनाखान में 70 .74 मीटर, डुब्बाधार में 62.76 मीटर, चंदौली में 59.21 मीटर तथा कटौंझा में 56.21 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। जबकि अधवारा समूह की नदियों का जलस्तर सोनबरसा में 72.05, सुंदरपुर में 62.60, पुपरी में 51.20 व गोआबारी में 73.80 मीटर रिकॉर्ड किया गया। सुप्पी के परसा में टूटा तटबंध, सोनाखान, रामपुर कंठ में कटाव

सुप्पी (सीतामढ़ी): बागमती नदी में उफान के बाद शनिवार की सुबह जमला के पास परसा गांव स्थित बागमती नदी का तटबंध टूट गया। इसके साथ ही बाढ़ का पानी प्रखंड के जमला, परसा, बरहड़वा, पकड़ी, राजपुर, बोकठा, बराही, बराही जमला परसा, सुप्पी, ससौला, घरवारा, मसाही, राजपुर, मनियारी, विशनपुर कामदेव रमनगरा, नरकटिया, नरहा, मोहिनी मंडल व अख्ता समेत दर्जनों गांवों में घुस गया है। सीतामढ़ी-रीगा-सुप्पी-बैरगनिया मुख्य पथ में ससौला और घरवारा के पास मुख्य सड़क में चार फीट पानी का तेज बहारव जारी है। इसके चलते वाहनों का परिचालन बंद हो गया है। सोनाखान और रामपुर कंठ में तटबंध पर दबाव से लोग दहशत में है। हजारों की आबादी सरकारी स्कूल और सामुदायिक केंद्र समेत उंचे स्थानों पर शरण लेने को विवश है। उधर, बरहड़वा-जमला-रसुलपुर पथ और नेपाल-बसबिट्टा सड़क पर जमला बांध के पास दस से बारह फीट पानी का तेज बहाव जारी है। आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। लोगों के लिए राजमर्रा की सामग्री खरीदना भी मुश्किल हो गया है। इसी बीच डीएम डॉ. रणजीत कुमार सिंह, एसपी अनिल कुमार समेत अधिकारियों की टीम ने सोनाखान, रामपुर कंठ, अख्ता, जमला और परसा गांव का दौरा कर स्थितियों का जायजा लिया। रामपुर कंठ में डीएम-एसपी ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से मिलकर जानकारी ली। डीएम ने सीओ-बीडीओ को रामपुर कंठ कैम्प कार्यालय में पटना से मंगवाए गए सेटेलाइट फोन सौंपा। वहीं सीओ -बीडीओ को रामपुर कंठ कैम्प कार्यालय में कैम्प करने का निर्देश दिया। साथ ही रामपुर कंठ में राहत शिविर शुरू करने का निर्देश दिया। जबकि विधायक अमित कुमार टून्ना ने भी बाढ़ प्रभावित इलकें का दौरा कर लोगों की परेशानी सुनी।

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मेजरगंज का प्रखंड मुख्यालय से सम्पर्क भंग

मेजरगंज(सीतामढ़ी): मेजरगंज प्रखंड के मेजरगंज, रुसुलपुर, बसबिट्टा, हरपुर कला, रतनपुर, डुमरी कला, डुमरी खुर्द, हलीमपुर, खैरवा, पचहरवा, बेलवा, मलिनिया, माधोपुर, मजकोठवा समेत दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस कर तबाही मचाने लगा है। इलाके के सैकड़ों हेक्टेयर खेत में लगी फसलें बाढ़ के पानी में बह गई है। बाढ़ का पानी अन्य इलाकों में तेजी से पसर रहा है। मेजरगंज जाने वाली कई सड़कों पर पानी का बहाव जारी है। दहशतजदा लोग स्कूल और सामुदायिक भवनों तथा उंचे स्थान पर पनाह लिए हुए है। सीतामढ़ी-रीगा मेजरगंज पथ में सड़क पर तीन से चार फीट पानी का बहाव जारी है। बेलाही जयराम गांव निवासी पूर्व मुखिया चंद्रशेखर सिंह सेवा निवृत दारोगा चंदेश्वर सिंह, राजीव रंजन, विजय कुमर, दिनेश सिंह, देवानंद आदि सपरिवार गांव छोड़ कर सीतमढ़ी शहर रवाना हो गए है। वहीं मोहनीमंडल के केश्वर पासवान, चुल्हई पासवान, बेचन पासवान, भगउ पासवान, किशोरी राय और शंकर सिंह समेत दर्जनों लोग मवेशी और परिजनों के साथ सोनार बाजार के पास सड़क के किनारे तंबू गाड़ कर रहने को विवश है। जबकि बड़ी संख्या में लोग बांस का मचान बन कर रहने के विवश है।

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दर्जनों गांवों में घुसा पानी, भारत-नेपाल सीमा पर परिचालन बाधित

सोनबरसा (सीतामढ़ी) : सोनबरसा में लखनदेई और झीम नदी की दोहरी तबाही का दौर शुरू हो गया है। दर्जनों गांवों के निचले इलाके में बढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। कई प्रमुख सड़कें और खेतों में लगी फसलें बाढ़ के पानी में डूब गई है। लालबंदी महारानी स्थान-हरिहरपुर सड़क पर झीम नदी के पानी का दो फीट बहाव जारी है। वहीं विश्रापुर, जहदी और लालबंदी सरेह में तेजी से पानी फैल रहा है। लखनदेई नदी का पानी सोनबरसा, कन्हौली और खोपराहा समेत कई गांवों में घुस रहा है। सोनबरसा-कन्हौली-मेजरगंज पथ में कन्हौली खोपराहा के बीच सड़क पानी में डूब गया है। तेज बहाव के चलते पेट्रोल पम्प के पास सड़क में कटाव जारी है। कन्हौली-भाड़सर पथ पर भी पानी का तेज बहाव शुरू हो गया है। इसके चलते दलकावा, लालबंदी और राजवाड़ा सहित दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। उधर, भरत-नेपाल सड़क में हनुमान चौक के पास भी पानी का बहाव जारी रहने से आवागमन बाधित हो रहा है। सीओ कमला चौधरी ने बताया बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

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रून्नीसैदपुर में रेनकट से स्थिति गंभीर

रुन्नीसैदपुर (सीतामढ़ी) : बागमती के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने इलाके में लोगों की धड़कनें बढ़ा दी है। बागमती की उफनती धारा अपने लाल निशान को पार कर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। बागमती का पानी कटौझा में खतरे के निशान से करीब ढाई मीटर ऊपर बह रहा है। बागमती प्रमंडल रुन्नीसैदपुर के कार्यपालक अभियंता शब्बीर के अनुसार जलस्तर में वृद्धि के बावजूद तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। स्थिति नियंत्रण में है। लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह तटबंध के ऊपर बना रेनकट परेशानी का कारण बना है।

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बेलसंड में कटाव से दहशत

बेलसंड(सीतामढ़ी): लगातार जारी बारिश के चलते नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। जलस्तर बढ़ने के कारण बागमती नदी में माड़र पुल के निकट शुरू हुए कटाव के बाद तटबंध टूटने की आशंका से लोगों में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही एसडीओ रामानुज प्रसाद सिंह के निर्देश पर सीओ अरविद प्रताप शाही ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं खुद के निर्देशन में मरम्मत का काम शुरू करवाया। मजदूरों ने पूर्व से रखे रेत भरे प्लास्टिक के बोरों को रखकर तटबंध को बचाने का कार्य शुरू कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने जिला प्रशासन को त्राहिमाम संदेश भेज दिया है। एसडीओ ने जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता रवींद्र कुमार के साथ बागमती नदी के तटबंधों का निरीक्षण किया। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि बरसात के कारण जगह जगह पर रेनकट बन गए हैं। तटबंध को बचाना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।

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इलाके के दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

परिहार (सीतामढ़ी) : मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है। प्रखंड के कमोबेश सभी गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। कई गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। प्रखंड कार्यालय परिसर में करीब 5 फीट तथा प्रखंड कार्यालय में 3 फीट पानी प्रवेश कर गया है। प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित आवास में पानी घुस जाने के कारण बीडीओ ने आवास छोड़ दिया है। परिहार मेन चौक से लेकर चांद टोला तक सड़क पर चार से पांच फीट पानी का बहाव हो रहा है। बेला परिहार पथ में जब्दी मोड़ से लेकर दुर्गा मंदिर तक सड़क पर पानी का तेज बहाव जारी है। सबसे खराब स्थिति प्रखंड मुख्यालय से सटे मोकर्री टोल की है। यहां लगभग सभी घरों में पानी घुस गया है। राहत व बचाव कार्य के लिए यहां एनडीआरएफ की 2 टीमों को लगाया गया है। एनडीआरएफ की टीम ने करीब 200 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। भीषण बाढ़ के कारण दर्जनों सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके चलते लोगों का प्रखंड एवं जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क भंग हो गया है। बावजूद लगातार बारिश के कारण लोगों में दहशत है।

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