सीतामढ़ी में पावर ग्रिड का निर्माण होना बड़ी बात : सीएम

सीतामढ़ी। सीएम नीतीश कुमार ने डुमरा प्रखंड के परमानंदपुर में पावर ग्रिड का शिलान्यास करने के बाद आयोजित कार्यक्रम में सीतामढ़ी में पावर ग्रिड निर्माण की स्वीकृति मिलने को बड़ी उपलब्धि करार दिया। कहा कि केंद्र सरकार ने बिहार में तीन पावर ग्रिड के निर्माण की स्वीकृति दी है, इसमें एक सीतामढ़ी में बन रहा है। सीएम ने कहा कि अगले दो साल में यह पावर ग्रिड बन कर तैयार हो जाएगा। इसका लाभ न केवल सीतामढ़ी बल्कि शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, पूर्वी और पश्चिमी चम्पारण के लोगों को भी मिलेगा। सीएम ने सीतामढ़ी में पावर ग्रिड की स्थापना कराने के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बिजली के क्षेत्र में केंद्र की सरकार ने बेहतर काम किया है। कहा कि बिहार की सरकार ने भी जन-जन तक बिजली पहुंचाने का काम किया है। पटना में 15 अगस्त 2012 को झंडोत्तोलन के दौरान हमने कहा था कि बिजली में सुधार नहीं हुआ तो वोट मांगने नहीं जाउंगा। सात निश्चय योजना के तहत घर-घर में बिजली पहुंचाने की पहल शुरू की गई। 31 दिसंबर 2018 तक हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया, लेकिन केंद्र सरकार और बिहार के ऊर्जा मंत्री के सहयोग से 25 अक्टूबर 2018 को ही हमने लक्ष्य प्राप्त कर लिया। कहा कि एक दौर था जब शहर में भी बिजली नहीं रहती थी। गांवों का तो और बुरा हाल था, लोग लालटेन और ढिबरी के सहारे रात काटते थे। बच्चों की पढ़ाई बाधित होती थी। अंधेरे में बच्चा कही बाहर निकल कर भटक न जाए इसके लिए माता-पिता बाहर भूत होने की बात कह कर डराते थे। लेकिन अब अंधेरे का भूत भी भाग गया है। घर-घर बिजली की रोशनी से रोशन हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई भी हो रही है। उन्होंने सीतामढ़ी की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि एक वह दौर भी था जब सीतामढ़ी बाढ़ की गिरफ्त में रहता था। सड़क और पुल के अभाव में यहां के लोगों का अन्य जिले और राज्य मुख्यालय से सम्पर्क भंग हो जाता था। इस इलाके में आना भी मुश्किल था। चुनाव के दौरान उन्होंने खुद कई इलाकों में नाव की सवारी की। कहा कि वर्ष 1985 से कटौझा का निर्माण लंबित था। उन्होंने पथ निर्माण मंत्री और तत्कालीन पथ निर्माण विभाग के सचिव आरके ¨सह को हेलीकॉप्टर से लाकर स्थिति दिखाई। इसके बाद कटौझा में पुल बना। अब बरसात में भी कोई दिक्कत नहीं होती है। कहा कि पिछली सरकारों ने जनता की इस परेशानी की ओर झांका तक नहीं। उन्होंने बिहार के बजट पर चर्चा की। कहा पहले साल में 25 से 30 हजार करोड़ का बजट बनता था। लेकिन आधी राशि भी खर्च नहीं होती थी। बताया कि इस साल का बजट 1 लाख 80 हजार करोड़ का बजट है। ग्रिल का शिलान्यास होना गौरव का पल

सीतामढ़ी : केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अरुण कुमार वर्मा ने कहा कि यह गौरव का पल है कि सीतामढ़ी में ग्रिड का शिलान्यास किया जा रहा है। इसके साथ हम नए युग में प्रवेश कर रहे है। कहा कि वह खुद इसी जिले के रहने वाले है। वह दौर भी था जब गांव में दो-तीन घरों में ही बिजली होती थी। कुछ इलाकों में तार और पोल लगे, लेकिन बिजली नहीं आई। बाद में पोल भी हट गया। लेकिन अब तस्वीर बदली है। खासकर विद्युतीकरण के क्षेत्र में बिहार में तेजी से काम हो रहा है। बिहार में विद्युतीकरण का काम देश के अन्य राज्यों के लिए नजीर बन गया है। अब दिल्ली में बैठ कर हम गर्व महसूस करते है। कहा कि पूरे देश में पहली अप्रैल से 24 घंटे बिजली मिलेगी। मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास की मांग

सीतामढ़ी : सांसद राम कुमार शर्मा ने सीतामढ़ी में विद्युत पावर ग्रिड की स्थापना को खुद का प्रयास बताते हुए केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके ¨सह और सीएम के प्रति आभार जताया। सांसद ने सीएम से मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास की मांग की, वहीं सुपैना और हरनहिया में पुल निर्माण की मांग की। साथ ही रेलवे ओवर ब्रिज के पहुंच पथ का मसौदा भी उठाया। सीतामढ़ी में सड़क और पुल के निर्माण पर होंगे 500 करोड़ खर्च

सीतामढ़ी : सूबे के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि सीतामढ़ी में अगले दो साल में सड़क और पुल के निर्माण पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सूबे की सरकार और पथ निर्माण विभाग लगातार सड़क और पुलों का निर्माण करा रही है। सीतामढ़ी में सड़क और पुल की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। कहा कि एनएच 104 के निर्माण में तेजी लाने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों को कहा गया है कि वह ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करें। कहा कि रामजानकी मार्ग के निर्माण के लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, शीघ्र टेंडर होगा। कहा कि इंडो-नेपाल सड़क का दुबारा टेंडर कराया जा रहा है। उन्होंने एनएच 77 की खस्ताहाली की चर्चा की। कहा कि मंत्री बनने के साथ ही उन्होंने पथ निर्माण विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव राज कुमार ¨सह और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के एमडी प्रत्यय अमृत के साथ मिल कर काम किया। और कटौझा में बड़े पुल का निर्माण हुआ। 1984 से सीतामढ़ी आते रहे है, तब और अब में काफी बदलाव आया है। उन्होंने बैरगनिया स्थित बंशी चाचा पुल की भी चर्चा की। कहा तीन-तीन मुख्यमंत्रियों ने शिलान्यास किया, लेकिन पुल का निर्माण नहीं हुआ। शिलान्यास संबंधी कागज का एक टूकड़ा तक नहीं मिला। कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इस ओर ध्यान तक नहीं दी। उन्होंने कहा कि पावर ग्रिड के शिलान्यास से इलाके में विकास का नया मार्ग प्रशस्त हुआ है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.