चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के सहारे सदर अस्पताल शेखपुरा, कैसे बचेगी जान

चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के सहारे सदर अस्पताल शेखपुरा, कैसे बचेगी जान

खत्म हो गया ऑक्सीजन पर किसी को पता नहीं रोज हो-हल्ला के बाद भी ड्यूटी पर नहीं आते हैं चिकित्सक।

JagranSun, 09 May 2021 08:41 PM (IST)

जाटी, शेखपुरा:

शेखपुरा का सदर अस्पताल उभरती सांसो को थामने की एकमात्र उम्मीद पर इस उम्मीद पर तब घड़ों पानी पड़ जाता है जब अस्पताल में उखड़ती सांसों को थामने वाला कोई दिखाई नहीं पड़ता। ऐसा ही दृश्य रविवार को दिखा। यहां एक युवक को सांस में परेशानी के बीच लाया गया तो ना चिकित्सक थे, ना नर्स और ना ही कोई अन्य स्वास्थ्य कर्मी। एक चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के सहारे इतने बड़े सदर अस्पताल की व्यवस्था मृतप्राय दिखी।

समय -11:00

स्थान- सदर अस्पताल का बाहरी परिसर

सदर अस्पताल परिसर में एक एंबुलेंस लगा हुआ है। उस पर एक बीमार युवक है। पूछने पर पता चला कि युवक नगर क्षेत्र के गोलारोड निवासी स्वर्गीय मथुरा हलवाई का 35 वर्षीय पुत्र मनोज कुमार है। उसकी मां मीना देवी और पत्नी काजल कुमारी भी उसके साथ हैं। युवक की मां ने बताया कि उसका इकलौता पुत्र है और इसकी तबीयत खराब है। चार दिन पहले इसी अस्पताल में जांच किया गया था तो कोविड-19 निगेटिव निकला परंतु सांस लेने में तकलीफ हुई तो बिहार शरीफ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से कुछ सुधार हुआ तो शनिवार की शाम घर आ गए। रविवार को फिर से तबीयत बिगड़ गई है। एंबुलेंस के सहारे सदर अस्पताल में लाया गया है परंतु यहां कोई डाक्टर नहीं हैं।

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समय- 11:10

सदर- अस्पताल का आकस्मिक कक्ष सदर अस्पताल का आकस्मिक कक्ष खाली पड़ा हुआ है। वहां अशोक सिंह नामक एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी बैठे हुए हैं। बताया कि अभी यहां डॉक्टर और नर्स नहीं हैं। जब बताया गया कि मरीज को ऑक्सीजन लगाने की आवश्यकता है, कैसे होगा। उन्होंने बताया कि यहां ऑक्सीजन खत्म है।

समय- 11:15

स्थान : सदर अस्पताल

सदर अस्पताल का एएनएम कक्ष भी खाली पड़ा हुआ है। यहां दो नर्सों की तैनाती अक्सर रहती थी और उनके द्वारा प्राथमिक तौर पर मरीजों का इलाज किया जाता था परंतु आज वहां की कुर्सियां खाली हैं। ओपीडी नहीं होने की वजह से ओपीडी के सभी चैंबर बंद दिखाई दिए। आकस्मिक चिकित्सक का कक्ष भी बंद है। किस चिकित्सक की ड्यूटी थी, यह भी बताने वाला कोई नहीं था। मोबाइल से अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ महेंद्र प्रसाद से संपर्क किया गया तो उन्होंने डॉक्टर के नहीं होने की सूचना पर अनभिज्ञता जाहिर की और कहा कि बोलते हैं किसी को। किस डॉक्टर की ड्यूटी है उसको कहा जाएगा। नर्स को वहां होना चाहिए था। वहीं सिविल सर्जन डॉक्टर कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह से संपर्क किए जाने पर उन्होंने कहा कि दो डॉक्टर की ड्यूटी थी। एक के परिवार में दुखद समाचार की वजह से वह छुट्टी पर चले गए। एक आयुष चिकित्सक वहां मौजूद हैं। इस अव्यवस्था के बीच युवक को कोविड केयर सेंटर लेकर परिवार वाले चले गए। --

समय-2 बजे

स्थान : सदर अस्पताल

अरियरी के मिल्की गांव निवासी बीरबल नामक किशोर को करंट लग गया है। परिवार के लोग उसे लेकर सदर अस्पताल आए हैं। इस समय भी कोई चिकित्सक मौजूद नहीं है। इसकी शिकायत विधायक विजय सम्राट से की गई। उनके द्वारा अधिकारियों को सूचना दी गई। हालांकि किशोर की मौत हो चुकी थी।

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