खाद के लिए चक्कर लगा रहे सारण के लोग

एक तरफ जहां खाद को लेकर किसानों के बीच बेचैनी है वहीं खाद वितरण की व्यवस्था के कारण भी किसान काफी परेशान दिख रहे हैं। खाद को लेकर किसान निजी दुकानों से लेकर सरकारी गोदाम तक का प्रतिदिन चक्कर लगा रहे हैं। गड़खा स्थित बिस्कोमान गोदाम से शुक्रवार को सैकड़ों किसान डीएपी खाद नहीं उपलब्ध होने के कारण निराश होकर घर लौट गए।

JagranPublish:Fri, 03 Dec 2021 10:29 PM (IST) Updated:Fri, 03 Dec 2021 10:29 PM (IST)
खाद के लिए चक्कर लगा रहे सारण के लोग
खाद के लिए चक्कर लगा रहे सारण के लोग

सारण। एक तरफ जहां खाद को लेकर किसानों के बीच बेचैनी है, वहीं खाद वितरण की व्यवस्था के कारण भी किसान काफी परेशान दिख रहे हैं। खाद को लेकर किसान निजी दुकानों से लेकर सरकारी गोदाम तक का प्रतिदिन चक्कर लगा रहे हैं। गड़खा स्थित बिस्कोमान गोदाम से शुक्रवार को सैकड़ों किसान डीएपी खाद नहीं उपलब्ध होने के कारण निराश होकर घर लौट गए। हालांकि गोदाम से उन्हें यूरिया खाद मिली। किसानों का कहना था कि खेत गेहूं की बुआई के लिए तैयार है। उन्हें डीएपी खाद की आवश्यकता है, लेकिन बाजार व सरकारी गोदाम में भी इसका अभाव है। बिस्कोमान कृषक सेवा केंद्र में नोटिस चस्पाया गया है कि किसान को अगले आदेश तक खाद नहीं मिलेगी। यदि कहीं मार्केट में खाद उपलब्ध भी है तो उसके लिए किसान से अधिक मूल्य की मांग की जा रही है। किसानों का यह कहना था कि बाहर खुली दुकानों पर मिलने वाली खादों की गुणवत्ता को लेकर वह इतने आश्वस्त नहीं है। खाद को लेकर मंगलवार और गुरुवार को किसानों ने गोदाम पर जमकर हंगामा भी किया था। रामपुर के महेश राय, दरोगा राय, सुरेन्द्र यादव, आदित्य कुमार, शैलेश सिंह, आनंदी सिंह, लालबाबू राय, अमलेश साह, विजेंद्र कुमार, किशुन देवी आदि ने डीएपी खाद नहीं मिलना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। बिस्कोमान गोदाम प्रबंधक निर्मल सिंह ने कहा कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पायी है। उन्हें गड़खा के लिए 12 हजार बोरी डीएपी खाद की जरूरत है, लेकिन उन्हें सिर्फ 24 सौ बोरी ही खाद मिल पायी। उसका वितरण कर दिया गया है। प्रभारी कृषि पदाधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि जिले से डीएपी खाद की आपूर्ति की गई है। वही खाद लाइसेंसी दुकानों के विक्रेता की बैठक बुलाई गई है। शीघ्र ही ठोस पहल की जाएगी। कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।