बारिश के पानी में डूबा छपरा का बड़ा रिहायशी इलाका

सावन आते ही बादल झूम कर बरस रहा है। इस बारिश ने गर्मी से राहत दी है तो शहर के बड़े इलाके में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है। लोगों का पैदल चलना दूभर हो गया है।

JagranTue, 03 Aug 2021 03:43 PM (IST)
बारिश के पानी में डूबा छपरा का बड़ा रिहायशी इलाका

जागरण संवाददाता, छपरा : सावन आते ही बादल झूम कर बरस रहा है। इस बारिश ने गर्मी से राहत तो दिलाई, लेकिन जलभराव की समस्या भी बढ़ा दी है। शहर से सटे छपरा का सबसे बड़ा रिहायशी इलाका पहले से ही जलमग्न था। इस बारिश ने जलभराव में और इजाफा कर दिया है।

साढ़ा-प्रभुनाथ नगर रोड को छोड़ दें तो यहां कोई ऐसा मार्ग नहीं है, जो नदी में तब्दील नहीं है। सबसे अधिक स्थिति प्रभुनाथ और शक्ति नगर में खराब है। लोगों के घरों में पानी व कचरा भरने लगा है। यहां की करीब 50 हजार की आबादी बारिश से भरे पानी में तैरने को मजबूर है। मुख्य पथ से लेकर मोहल्लों तक की गलियां तक जलमग्न

प्रभुनाथ व शक्ति नगर के मुख्य पथ से लेकर गलियां तक जलमग्न है। एनएच के कदम चौक से टाड़ी जाने वाला यहां का मुख्य पथ भी नदी बना हुआ है। सैकड़ों वाहन पानी भरे इस गड्ढेनुमा सड़क से रोज गुजर रहे हैं। दो-चार बाइक चालक हर रोज पानी में गिरकर जख्मी हो रहे हैं। वाहन पानी में बंद होने के बाद लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं, बच्चों व बड़े-बुजुर्गों का घर से निकलना दुभर हो गया है। बीमार को अस्पताल पहुंचाने में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नाला निर्माण पर खर्च लाखों की राशि व्यर्थ

प्रभुनाथ नगर और इसके आसपास के इलाकों की जलनिकासी के लिए प्रयास तो ढेरों हुए, लेकिन जलभराव बरकरार रहा। यहां नालों का निर्माण तो कराया गया लेकिन उससे पानी निकासी के इंतजाम नहीं किए गए। लाखों रुपए खर्च कर नाले तो बन गए, लेकिन उनके दोनों मुहाने से पानी के निकासी का इंतजाम नहीं किया गया। नाला निर्माण कराने वाले सरकारी महकमा के लोगों को इसका ध्यान नहीं रहा कि नाले का पानी निकलेगा कैसे और जाएगा कहां। नतीजन नालों पर खर्च किए गऐ सरकारी रुपए व्यर्थ चले गए।

जलभराव से संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा

दो माह से अधिक दिनों से प्रभुनाथ नगर व इसके आसपास के इलाकों में जलभराव है। इस जलजमाव से अब संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस रिहाइसी इलाके में जगह-जगह बारिश का पानी इकट्ठा होने से हानिकारक जीवाणु के पैदा होने लगे है। साथ ही मच्छर भी बहुत तेजी से उत्पन्न हो रहे हैं। बड़ी संख्या में यहां के लोग बुखार से पीड़ित होने लगे है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की माने तो जल भराव वाले इस इलाके में पैदा हो रहे जीवाणु से हो रहे मलेरिया को महामारी के रूप में बदल सकता है।

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फोटो 3 सीपीआर 11, 12, 13, 14

- 50 हजार की आबादी तैर रहा बारिश के पानी में

- 02 दर्जन से अधिक सड़क व गलियों में जलभराव

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