लगातार घट रहा बूढी गंडक का जलस्तर, बागमती भी स्थिर, गंगा उफान पर

समस्तीपुर। पिछले एक सप्ताह से बूढी गंडक के जलस्तर में कमी आ रही है। वहीं बागमती भी स्थिर है। इसके कारण फिलहाल बाढ का खतरा टलता नजर आ रहा है।

JagranTue, 27 Jul 2021 12:01 AM (IST)
लगातार घट रहा बूढी गंडक का जलस्तर, बागमती भी स्थिर, गंगा उफान पर

समस्तीपुर। पिछले एक सप्ताह से बूढी गंडक के जलस्तर में कमी आ रही है। वहीं, बागमती भी स्थिर है। इसके कारण फिलहाल बाढ का खतरा टलता नजर आ रहा है। हालांकि गंगा का जलस्तर लगातार बढ रहा है। इससे पटोरी अनुमंडल पर बाढ का खतरा अब भी बना हुआ है। वैसे जिले के 45 गांव अब भी बाढ से आंशिक रूप से प्रभावित हैं। जबकि करीब चार हजार परिवार बाढ से विस्थापित होकर तटबंधों पर शरण ले रखा है।

पिछले चार-पांच दिनों से कभी-कभार हल्की वर्षा हुई है। इस वजह से बरसाती नदियां हो या फिर अन्य, जलस्तर में कोई खास बढोतरी नहीं हुई है। बूढी गंडक के जलस्तर में लगातार कमी देखी जा रही है। एक दिन पहले समस्तीपुर में बूढी गंडक का जलस्तर 46.29 था वहीं, सोमवार की शाम इसमें 17 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। सोमवार की सुबह 46.12 रिकार्ड किया गया। इसी तरह रोसड़ा में बूढी गंडक के जलस्तर में कमी देखी गई है। एक दिन पहले यहां का जलस्तर 44.34 रिकार्ड किया गया था जबकि सोमवार को 44.24 रिकार्ड किया गया। हालांकि गंगा का जलस्तर पिछले कुछ दिनों से बढ रहा है। मोहनपुर के सरारी घाट पर गंगा का जलस्तर 44.80 रिकार्ड किया गया। जो खतरे के निशान से फिलहाल नीचे है। बागमती का जलस्तर भी स्थिर बताया गया है। हायाघाट में बागमती का जलस्तर 46.15 रिकार्ड किया गया जो पिछले कुछ दिनों से बरकरार है।

करेह नदी में हो रहा तटबंध पर कटाव

शिवाजीनगर प्रखंड में करेह नदी के वायां तटबंध में कुछ जगहों पर कटाव होने की सूचना है। हालांकि बाढ नियंत्रण प्रमंडल से जुड़े अधिकारी टीम के साथ कटाव निरोधी कार्य में जुटे हुए हैं। जल संसाधन मंत्री संजय झा ने भी गुरुवार को इन क्षेत्रों का जायजा लिया। ग्रामीणों के द्वारा भी इसको लेकर मुस्तैदी बरती जा रही है। जिले में 45 गांव हैं आंशिक रूप से प्रभावित

जिला प्रशासन की ओर से बताया गया है कि जिले के 45 गांव आंशिक रूप से बाढ से प्रभावित हैं। जिला आपदा पदाधिकारी शिवानी शुभम के अनुसार करीब चार हजार परिवार बाढ से प्रभावित हुए हैं। जिन्हें प्रशासन की ओर से हर संभव सुविधा मुहैया कराई जा रही है। शरण स्थल पर पेयजल के चापाकल की व्यवस्था की गई है। वहीं शौचालय भी बनाए गए हैं। प्रशासन लगातार इन क्षेत्रों की मॉनीटरिग कर रही है।

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