बेमौसम बारिश ने किसानों पर कर दिया तुषारापात, टूट गई कमर

बेमौसम बारिश ने किसानों पर तुषारापात कर दिया है। लोग अपने पंद्रह दिन में ऊपरी खेतों में फसल लगाने की बात सोच रहे थे लेकिन पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से यह उम्मीद अब पूरी तरह टूट चुकी है। इस बार रबी फसल लगाने की उम्मीद किसानों ने अब छोड़ दी है।

JagranWed, 20 Oct 2021 12:23 AM (IST)
बेमौसम बारिश ने किसानों पर कर दिया तुषारापात, टूट गई कमर

समस्तीपुर । बेमौसम बारिश ने किसानों पर तुषारापात कर दिया है। लोग अपने पंद्रह दिन में ऊपरी खेतों में फसल लगाने की बात सोच रहे थे, लेकिन पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से यह उम्मीद अब पूरी तरह टूट चुकी है। इस बार रबी फसल लगाने की उम्मीद किसानों ने अब छोड़ दी है। इस साल लगातार हो रही वर्षा से खरीफ फसलों के साथ-साथ रबी फसलों की बुआई में भी अब विलंब की संभावना है। डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मौसम वैज्ञानिक डा. ए.सत्तार के अनुसार उत्तर बिहार में एक-दो दिनों के बाद मौसम साफ होने की संभावना है। वही आगे वर्षा की संभावना नहीं दिखती है। डा. सत्तार का बताना है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण बिहार और झारखंड में पिछले दो-तीन दिनों से तेज हवा के साथ वर्षा हो रही है। बुधवार से वर्षा में कमी आने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि एक-दो दिनों तक 15 से 20 किलोमीटर की रफ्तार से पुरवा हवा चलेगी। उसके उपरांत पछिया हवा चलने की संभावना है। वहीं तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मंगलवार को विभाग के द्वारा रिकॉर्ड अधिकतम तापमान 30.2 एवं न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि वर्षापात 24.6 मिली मीटर रिकॉर्ड की गई। डा. सत्तार ने बताया कि मानसून एवं उससे पूर्व से हो रही बारिश के कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ है। साथ ही रबी की बुआई में भी अब काफी विलंब हो जाएगा। इस संबंध में स्थानीय किसान शैलेंद्र प्रसाद राय, शशि रंजन पांडेय, संतोष कुमार एवं कौशिक राय का कहना है कि लगातार वर्षा के कारण खरीफ की मुख्य फसल धान, मक्का एवं सब्जियों को काफी नुकसान पहुंचा है। यों कहें कि यह पूरी तरह से बर्बाद हो गया । वहीं अब समय से तिलहन फसल की बुआई भी नहीं हो सकेगी। गेहूं की बुआई भी समय से होना असंभव है। मौसम की मार से किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं। खेतों में तैयार धान की फसल पानी में डूबा है। जिसे काटने के लिए कोई तैयार नहीं है।

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बेमौसम बरसात से किसानों को लगा झटका, अगली फसल की टूटी आस

उजियारपुर, संस : प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से किसानों में मायूसी छा गई है। कुछ किसान अभी सरसों की फसल के लिए सोच ही रहे थे कि मौसम ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। इक्का-दुक्का किसान सरसों बोए ही थे कि खेत में पानी भर गया। उनकी सारी मेहनत चौपट हो गई। एक तो खाद की कीमत बढ़ने से महंगे दाम पर खाद खरीदकर खेतों में डालते हैं। वहीं डीजल के दाम बढ़ने से सौ रुपये कट्ठा जुताई भी हो गई। आर्थिक बोझ किसान उठाकर खेती करने को अग्रसर होनेवाले थे। परंतु अब लगता है कि अक्टूबर प्लांट मक्का, आलू से लेकर इस बार गेहूं की फसल भी नहीं होनेवाली है। किसानों के लिए यह त्रासदी का वर्ष साबित हो चुका है। किसान सूरज सिंह, मो फूलहसन, मनोज सिंह सहित अन्य किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि यह वर्षा नहीं, बल्कि किसानों पर कहर है।

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