दुर्गा मंदिर व पंडालों में मूर्ति निर्माण का कार्य चरम पर

समस्तीपुर। क्षेत्र के दुर्गा मंदिर एवं पंडालों में मूर्तियों के निर्माण का कार्य जोरों पर है। निर्माण कार्य में लगे मूर्तिकारों के चेहरों पर इस वर्ष स्पष्ट रौनक दिख रही है।

JagranSat, 25 Sep 2021 12:45 AM (IST)
दुर्गा मंदिर व पंडालों में मूर्ति निर्माण का कार्य चरम पर

समस्तीपुर। क्षेत्र के दुर्गा मंदिर एवं पंडालों में मूर्तियों के निर्माण का कार्य जोरों पर है। निर्माण कार्य में लगे मूर्तिकारों के चेहरों पर इस वर्ष स्पष्ट रौनक दिख रही है। कोरोना महामारी के कारण विगत वर्ष हुए नुकसान की हो रही भरपाई से प्रसन्न दिख रहे हैं। रोसड़ा के बड़ी मैया के दरबार में मूर्ति का निर्माण कर रहे मूर्तिकार विनोद पंडित ने लॉकडाउन के कारण विगत वर्ष मूर्ति निर्माण एवं सजावट में काफी कम राशि मिलने से आर्थिक नुकसान होना बताया। विगत वर्ष केवल चार स्थानों पर ही मूर्ति निर्माण का आर्डर मिला था वहां भी कोविड-19 गाइडलाइन के मद्देनजर साज सज्जा की व्यवस्था कम ही रखी गई थी। इस वर्ष अब तक आधा दर्जन स्थानों से मूर्ति निर्माण का ऑर्डर मिला है। समस्तीपुर एवं बेगूसराय जिला के विभिन्न क्षेत्रों के इन स्थानों पर निर्माण का कार्य जोरों से चल रहा है। इसमें अच्छी खासी मजदूरी भी निश्चित रूप से मिलेगी। मूर्तिकार श्री पंडित ने प्रत्येक स्थान पर मूर्ति निर्माण का दर 30 हजार से 50 हजार रुपया तक रहना बताते हुए विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष आर्थिक रूप से डेढ़ गुना लाभान्वित होने की जानकारी दी।

वही युवा कलाकार विभूतिपुर के रोशन कुमार ने भी विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष मूर्तिकारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की बात कही। उन्होंने मंसूरचक एवं गोदना समेत पांच स्थानों पर मूर्ति निर्माण करने की जानकारी दी। जबकि शहर के लोहिया नगर निवासी सूरज कुमार ने थी इस वर्ष निर्माण एवं उससे होने वाले आय से संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के पूर्व के वर्षों के अनुरूप ही इस वर्ष ऑर्डर एवं राशि मिलना प्रारंभ हुआ है। विगत वर्ष इसमें कमी के कारण आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया था।

जबकि रोसड़ा के ही मंटू दास ने मूर्ति निर्माण के कार्य से पूरे वर्ष परिवार का भरण पोषण नहीं होना बताया। दुर्गा पूजा एवं सरस्वती पूजा में विशेषकर कला के सहारे आर्थिक लाभ मिलना बताते हुए कहा कि अन्य महीनों में परिवार चलना मुश्किल हो जाता है। सभी कलाकारों ने सरकार से कलाकारों की स्थिति सुधारने की मांग करते हुए एक निश्चित भत्ता देने पर बल दिया।

बताते चलें कि विगत वर्ष कोरोना के कारण सरकार द्वारा जारी निर्देश के आलोक में मां दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण कई स्थानों पर नहीं किया जा सका था। अधिकांश मंदिर और पंडालों में साज सजावट की स्थिति भी नगण्य थी। जिसके कारण मूर्ति बनाने वाले कलाकारों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ा था। इस वर्ष अभी तक स्थिति सामान्य रहने के कारण कलाकारों द्वारा बड़ी संख्या में मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है।

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