बिरजू का शव आते ही फूटा जनाक्रोश

समस्तीपुर। जोरपुरा निवासी राजेंद्र माझी के पुत्र बिरजू मांझी (29) का शव आते ही जनाक्रोश भड़

JagranSun, 04 Jul 2021 10:59 PM (IST)
बिरजू का शव आते ही फूटा जनाक्रोश

समस्तीपुर। जोरपुरा निवासी राजेंद्र माझी के पुत्र बिरजू मांझी (29) का शव आते ही जनाक्रोश भड़क उठा और लोग सड़क पर शव के साथ प्रदर्शन करने लगे। पटोरी- समस्तीपुर पथ को लोगों ने जोरपुरा के समीप जाम कर दिया तथा मुआवजे और दोषी को सजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। लगभग 4 घंटे तक सड़क जाम के कारण आवागमन अवरुद्ध हो गया तथा दोनों और गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। ज्ञात हो कि बिरजू मांझी की मौत वैशाली जिले के सराय में ट्रैक्टर हादसे में हो गयी थी। मिली जानकारी के अनुसार बिरजू को उसके एक परिचित ठेकेदार सराय निवासी नवल कुमार ने ट्रैक्टर लेकर बुलाया और कहा कि एक रोलर खराब हो गया है। जिसे ट्रैक्टर से खींच कर अलग ले जाना है। हालांकि बिरजू ने मना किया कि उसे ट्रैक्टर सही ढंग से चलाने नहीं आता है फिर भी उसने जिद करके बुला लिया। बिरजू वहां जाकर ट्रैक्टर से रोलर खींचने लगा। इसी बीच ट्रैक्टर पलट गया जिसकी चपेट में बिरजू आ गया और उसकी मौत घटनास्थल पर हो गई। शनिवार की देर शाम इस घटना के बाद जब स्थिति बिगड़ी तो ठेकेदार वगैरह वहां से फरार हो गए। रात में जब वह घर लौट कर नहीं आया तो उसकी पत्नी उसी की मोबाइल पर फोन की तो सराय के पुलिस ने फोन उठाया और जानकारी दी कि बिरजू की मौत सड़क हादसे में हो चुकी है। रात में ही उसके परिजन वहां पहुंचे और उसके शव को रविवार की सुबह लेकर आ गए। शव आते ही पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया और लोगों का आक्रोश भड़क गया। जाम के बाद हलई ओपी पुलिस ओपी अध्यक्ष पवन कुमार यादव के नेतृत्व में वहां पहुंची लोगों ने मांग की कि इस काम में लगे ठेकेदार और सरकार के द्वारा बिरजू को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए। साथ ही दोषी ठेकेदार को सजा दी जाए। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही दोषी पर कार्रवाई की जाएगी तथा मुआवजे की प्रक्रिया पूरी कर मुआवजा भी उपलब्ध कराया जाएगा। आश्वासन के बाद लोगों ने जाम हटाया।

परिजनों की चीख पुकार से पसरा मातम

29 वर्षीय बिरजू अपने मां-बाप, पत्नी और दो बच्चे का इकलौता सहारा था। कल उसे सराय जाने के लिए उसकी पत्नी तथा मां ने मना भी किया था, कितु वह नहीं माना और घटना घट गई। शनिवार की रात जब पत्नी ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो सराय की पुलिस ने सूचना दी कि अब बिरजू इस दुनिया में नहीं रहा और सड़क हादसे में उसकी मौत हो गयी। यह सुनते ही उसकी पत्नी मूर्छित होकर गिर पड़ी। पत्नी मीरा का रो रो कर बुरा हाल है और वह रह रह कर मूर्छित हो जा रही है। मां संध्या देवी, 7 वर्षीय बेटा अभिषेक तथा 9 वर्षीय बेटी रौशनी का भी रो रो कर बुरा हाल है। बेटा बेटी अपने पापा से बेहद प्यार करते थे, कितु उन लोगों ने अपने पिता को सदा के लिए खो दिया। बिरजू के घर पर पूरे मोहल्ले के काफी अधिक संख्या में लोग जमा हो गए और उसके अंतिम दर्शन के लिए काफी भीड़ उमड़ पड़ी। उसके ससुराल के लोग तथा अन्य सगे संबंधी भी उसके घर पर पहुंच चुके हैं। उसका अंतिम संस्कार रविवार की देर शाम धमौन स्थित गंगा घाट पर कर दिया गया। पूरे क्षेत्र में इस घटना की चर्चा है। मुहल्ले में रविवार की शाम तक चूल्हे नहीं जले।

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