सब्जी से लेकर मछली बाजार तक हर दिन मापतौल अधिनियम उड़ रही धज्जियां, ठगे जा रहे लोग

समस्तीपुर। दलसिंहसराय अनुमंडल मुख्यालय में माप-तौल विभाग तो है लेकिन यह आइसीयू में है। लिहाजा

JagranWed, 23 Jun 2021 11:00 PM (IST)
सब्जी से लेकर मछली बाजार तक हर दिन मापतौल अधिनियम उड़ रही धज्जियां, ठगे जा रहे लोग

समस्तीपुर। दलसिंहसराय अनुमंडल मुख्यालय में माप-तौल विभाग तो है, लेकिन यह आइसीयू में है। लिहाजा, धरातल पर इस विभाग का काम कहीं नहीं दिखता। विभाग द्वारा कभी- कभी वाटों की जांच तो की जाती है लेकिन सिर्फ खानापूर्ति के लिए। लिहाजा सब्जी बाजार और मछली बाजार में नकली बाट तो छोड़िये ईंट-पत्थर से तौल कर सामान बेचने का सिलसिला खुलेआम जारी है। नतीजतन, ग्राहकों को रोज चूना लगाया जा रहा है। कहा जाता है कि दलसिंहसराय में अधिकांश सब्जी दुकान और मछली दुकान से एक किलो सामान मतलब, 800 ग्राम ही होता है। ऐसे में ग्राहकों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। इस विभाग में समस्तीपुर में एकमात्र मापतौल निरीक्षक शशिभूषण प्रसाद कार्यरत हैं। इनको समस्तीपुर जिला मुख्यालय के साथ साथ दलसिंहसराय और रोसड़ा अनुमंडल मुख्यालय का भी प्रभार दिया गया है। शशिभूषण स्वयं स्वीकार करते हैं सप्ताह में एक दिन दलसिंहसराय में टाइम देते हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण मापतौल अधिनियम के अनुपालन में कठिनाई हो रही है। बताया जाता है कि जिस दिन साहब आते हैं उस दिन कार्यालय खुलता है बाकी के दिनों में उनके प्राइवेट बाबू ही काम देखते हैं। हालांकि वो कहते हैं कि जहां से शिकायत मिलती है कार्रवाई में कोई देरी नहीं होती है।

माप-तौल विभाग में कर्मियों का है टोटा

दलसिंहसराय में बाट की ईंट-पत्थर का खुलेआम उपयोग हो रहा है। लेकिन विभाग को यह दिखाई नहीं देता हो यह कैसे हो सकता है। कहा जाता है कि विभाग को नजरें फेरने के लिए नजराना की मोटी रकम दी जाती है। हालांकि मापतौल निरीक्षक ऐसे किसी अवैध उगाही को सिरे से नकार रहे हैं। लेकिन बाजार में दुकानों में दिख रही सच्चाई विभागीय बाबू की झूठ साबित करने के लिए काफी है।

विभाग की लापरवाही का लाभ उठा कर दुकानदार अपने इलेक्ट्रॉनिक तराजू में जमकर छेड़छाड़ करते हैं तथा उसका वजन घटा देते हैं। कई तरह से वाटों में छेड़छाड़ की जाती है। बाटों और इलेक्ट्रॉनिक तराजू की जांच नहीं होने से उपभोक्ताओं की कट रही जेब

दलसिंहसराय में अधिकांश दुकानदार कम वजन देकर ग्राहकों के जेब काट रहे हैं। खासकर इलेक्ट्रॉनिक तराजू वाले दुकानदार बड़ी आसानी से बजन कम कर उसका वजन घटाते हैं। माप-तौल विभाग की लापरवाही एवं निष्क्रियता के कारण आज भी कई दुकानदार प्रमाणित बाट की जगह ईंट एवं पत्थर का उपयोग सामान को तौलने में कर रहे हैं। खासकर मछली और सब्जी की दुकानों सहित अन्य जगहों पर इस तरह के बाटों का उपयोग किया जा रहा है। दुकानदारों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक बाटों में भी छेड़छाड़ की जाती है तथा उसे गलत ढंग से कम वजन पर सेट कर दिया जाता है।

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