पाई-पाई जोड़ने की चाहत में उजड़ा तिनका-तिनका

समस्तीपुर । घर की गरीबी देख मन में अकुलाहट थी। वे कुछ करना चाहते थे। मां-बाप के सपनों को पूरा करना था। अपने भविष्य के लिए भी तो कुछ सहेजना था। लेकिन, पाई-पाई जोड़ने की चाहत में तिनका-तिनका बिखर गया। अब इसे कौन ठीक करेगा। मां-बाप की आंखें अब थक चुकी हैं। इन्हें कौन देखेगा। ब्रह्मापुर में मो. महबूब और मो. सहमत का शव आते ही कोहराम मच गया। गांव में गमगीन माहौल था। महबूब के पिता इदरीश बेटे की मौत पर विलाप करते हैं। वे बताते हैं कि महबूब अपने मामा से मिलने गया था। लेकिन, उसकी किस्मत में मौत लिखी थी। बुढ़ापे का सहारा छिन गया।

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दहाड़ मारकर रो रहे थे परिजन

इसी गांव के मृतक मो. सहमत के पिता मो. ऐनुल की आंखें पथरा गई हैं। चर्चा है कि इस महीने उसकी शादी होनेवाली थी। लेकिन, गरीबी की आग में सब खाक हो गया। उसका शव आते ही परिवार के सदस्य लिपटकर दहाड़ मारने लगते हैं। आज समझाने और सांत्वना देनेवाले भी भावुक थे। जवान बेटों की मौत से बेसुध घरवालों को समझाना आसान नहीं था। गांव के लोगों ने परिस्थिति को संभाला और अल सुबह दोनों शवों को दफनाने की प्रक्रिया पूरी की।

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