पिता की मौत के बाद बेटी व पुत्र ने खोया धैर्य

पिता की मौत के बाद बेटी व पुत्र ने खोया धैर्य

सदर अस्पताल में बुधवार की रात्रि पिता की मौत के बाद भड़की बेटी व पुत्र ने जमकर हंगामा किया। साथ ही ऑन ड्यूटी चिकित्सक व कर्मियों के साथ दु‌र्व्यवहार करते हुए मारपीट की। इस मामले में चिकित्सक की लिखित शिकायत के बाद गुरुवार को मृतक के पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

JagranFri, 14 May 2021 12:47 AM (IST)

समस्तीपुर । सदर अस्पताल में बुधवार की रात्रि पिता की मौत के बाद भड़की बेटी व पुत्र ने जमकर हंगामा किया। साथ ही ऑन ड्यूटी चिकित्सक व कर्मियों के साथ दु‌र्व्यवहार करते हुए मारपीट की। इस मामले में चिकित्सक की लिखित शिकायत के बाद गुरुवार को मृतक के पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। स्वजन दाह संस्कार के लिए इकलौते पुत्र का इंतजार करते रहे। सामाजिक लोगों की पहल के बाद वरीय पदाधिकारी के आदेश पर 12 घंटे बाद पुत्र को जमानत पर छोड़ा गया तब पुत्र ने पिता का दाह संस्कार किया। जानकारी के अनुसार शहर के आदर्शनगर मोहल्ला निवासी पीडब्लूडी जूनियर इंजीनियर मदन राम की बुधवार रात्रि तबीयत बिगड़ गई। इससे बाद उनकी साइंटिस्ट पुत्री व एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले पुत्र विवेक कुमार ने पहले निजी अस्पताल में इलाज कराया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रेफर कर दिया गया। सभी सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज कराने पहुंचे। जहां पर रात्रि ड्यूटी में तैनात डॉ. गिरीश कुमार ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुत्री ने मृत्यु प्रमाण पत्र मांगना शुरू की। इसी बात पर चिकित्सक से उनका विवाद होने लगा। विवाद के क्रम में मारपीट शुरू हो गई। फिर गार्ड तत्काल बीच बचाव में जुट गए। स्वास्थ्य प्रशासन ने तत्काल मामले की जानकारी नगर थाना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराया। इसके बाद सभी शव लेकर वापस लौट गए। कैमूर में अभियंता के पद पर थे पदस्थापित मृतक 55 वर्षीय मदन मोहन राम मधुबनी जिला के लौकही थाना अंतर्गत कारहरवा, बेलही भवानीपुर गांव के रहने वाले थे। वे कैमूर जिला में पथ निर्माण विभाग में कनीय अभियंता के पद पर पदस्थापित थे। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के आदर्शनगर गली 3 में उनका अपना मकान है। पिछले 25 वर्ष से परिवार के साथ इसी मकान में रहते थे। तांडव देख तमाशबीन बने रहे लोग सदर अस्पताल परिसर में पिता की मौत के बाद साइंटिस्ट पुत्री आपे से बाहर दिखी। वह पहले मरीज का नाम दर्ज करने वाला रजिस्टर लेकर भागने लगी। इस पर सुरक्षा गार्ड ने पीछा कर उससे रजिस्टर ले लिया। इसके बाद आपातकालीन वार्ड में दोनों युवतियों ने जमकर हंगामा किया। कर्मियों के साथ गाली-गलौज भी की। लोग तमाशबीन बने रहे। मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर शुरू हुई नोकझोंक मृतक के स्वजन ने डॉक्टर से पिता की मृत्यु के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र मांगना शुरू कर दिया। इस पहले तो चिकित्सक ने समझाना शुरू किया। इसके बाद भी स्वजन प्रमाण पत्र लेने के लिए अड़े रहे। चिकित्सक ने शव को को वापस ले जाने को कहा। जिस पर मृतक की दोनों पुत्री से चिकित्सक का नोकझोंक होने लगा। इसी पर बदतमीजी का आरोप लगाते हुए परिजनों ने मारपीट शुरू कर दी। चिकित्सक ने थाने में दिया आवेदन चिकित्सक ने पूरे मामले की शिकायत उपाधीक्षक से की। साथ ही नगर थाना में मारपीट को लेकर लिखित शिकायत की। इस आधार पर नगर थाना पुलिस ने मृतक के पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पिता के दाह संस्कार के लिए पुलिस ने बांड पर उसे रिहा किया। जिसके बाद शव का दाह संस्कार कराया गया। शाम में घर में चाय-नाश्ता की थी, अचानक बिगड़ने लगी थी तबीयत

------------------------------------------------------------------------------ स्वजनों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान अवकाश पर घर आए थे। बुधवार की शाम घर में नाश्ता की और चाय भी पिया। इसके बाद अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में सदर अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। स्वजनों का आरोप है कि सदर अस्पताल में पिता को भर्ती लेने से चिकित्सक व कर्मी आनाकानी कर रहे थे। थोड़ी नोकझोंक हुई। बाद में उसके भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ---------------------------- पुलिस कस्टडी में इकलौता पुत्र, 12 घंटे तक घर में पड़ा रहा पिता का शव सदर अस्पताल में हंगामा के बाद मृतक मदन मोहन राम के इकलौते पुत्र विवेक कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। करीब 12 घंटे तक शव घर में पड़ा रहा। परिवार के लोग अंत्येष्टि के लिए उसके पुत्र के घर लौटने की राह देख रहे थे। मृतक की बूढ़ी मा, पत्नी और दोनो पुत्री शव से लिपट-लिपट कर रो रही थी। आसपास के लोग ढांढ़स बंधा रहे थे। सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहल पर वरीय पदाधिकारियों के आदेश पर करीब 12 घंटे बाद युवक को बांड पर थाना से रिहा किया। जिसके बाद मृतक का दाह संस्कार किया गया। पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ने कहा कि पिता के दाह संस्कार के लिए आरोपित को आइपीसी 41 के तहत बांड पर तत्काल रिहा किया गया है। चिकित्सा कर्मियों से इस तरह का व्यवहार अमानवीय है। विधि व्यवस्था का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी सदर अस्पताल में पदस्थापित डॉ. गिरीश कुमार के आवेदन पर नगर थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें मृतक मदन मोहन के पुत्र विवेक कुमार और दोनों पुत्री को आरोपित किया गया। बताया कि शाम आठ बजे रात्रि ड्यूटी में आया। वहां पूर्व से डॉ. पीडी शर्मा तैनात थे। आते ही बताया कि एक डेड बॉडी आई है। उसके स्वजनों को जानकारी दे दी गई है। इसी बीच मृतक के पुत्र और दोनों पुत्री आकर मृत्यु प्रमाण पत्र देने का दबाव बनाने लगे। इस दौरान मारपीट की गई। इससे अस्पताल में काफी हंगामा हुआ।

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