नगर परिषद के डस्टबीन खरीद में हुई गड़बड़ी पर आज गरमाएगी राजनीति

समस्तीपुर। नगर परिषद प्रशासन द्वारा 330 लीटर के 1000 अदद डस्टबीन क्रय के मामले में एक करोड़

JagranSun, 13 Jun 2021 11:21 PM (IST)
नगर परिषद के डस्टबीन खरीद में हुई गड़बड़ी पर आज गरमाएगी राजनीति

समस्तीपुर। नगर परिषद प्रशासन द्वारा 330 लीटर के 1000 अदद डस्टबीन क्रय के मामले में एक करोड़ 18 लाख की हेराफेरी पर सियासत तेज है। सोमवार को होने वाली बैठक में इसपर हंगामा होने की भी उम्मीद है। कई वार्ड पार्षद इसके लिए तैयारी किये बैठै हैं। सूत्रों का बताना है कि जब जेम पोर्टल पर निविदा की प्रकिया शुरु की गई तो प्रधान सहायक ने बिना बताए ही खरीदार के रूप में इनके आइडी का उपयोग किया। जब ओटीपी की मांग प्रधान सहायक से की गई तो इससे संबंधित सूचना प्राप्त करने में जुट गए। इतना ही नहीं बोर्ड के बिना बजट पारित कराए ही एक करोड़ 87 लाख रुपये के डस्टबीन क्रय के लिए आर्डर दिया गया। 27 को नगर परिषद के अधिकारी के हस्ताक्षर से खरीदारी का पत्र जारी हुआ और 30 मई को प्रधान सहायक ने उक्त आर्डर को कैंसिल कर दी। हालांकि उक्त प्रधान सहायक का तबादला कर दिया गया है लेकिन अब वार्ड पार्षदों की सक्रियता भी तेज हो गई है। इस बीच बजट पारित करने को लेकर सोमवार को एक बैठक भी बुलायी गई है। इसमें काफी कुछ होने की संभावना जतायी जा रही है।

बजट पारित कराने को लेकर बुलायी गई बैठक

आधा दर्जन से अधिक पार्षदों ने गोलबंद होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ नगर विकास विभाग से पूरे मामले की जांच करने की मांग की है। हालांकि मामला संज्ञान में आने के बाद एक जून को प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधान सहायक सह लेखापाल से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए उन्हें समाहरणालय स्थित जिला स्थापना प्रशाखा में योगदान करने को कहा है। वहीं जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। इस बीच नगर निगम की ओर से 14 जून को चालू वित्तीय वर्ष के बजट के लिए विशेष बैठक बुलाई गई है। इसके लेकर पार्षदों के खेमों में काफी गहमागहमी है।

एक करोड़ अठारह लाख की थी डील जानकारी के अनुसार नगर परिषद प्रशासन ने 1000 अदद 330 लीटर के डस्टबीन क्रय के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से निविदा की प्रकिया पूरी की। निविदा की तकनीकी बीड में चार निविदादाताओं ने भाग लिया। इसमें से तीन निविदादाता सफल हुए और बोली लगाई गई। इसमें अरवन इन्वारॉन्मेंटल सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 18, 700 रुपये एक अदद डस्टबीन सबसे कम दर पर दी गई और प्रक्रिया पूरी करते हुए उक्त सेलर को डस्टबीन देने के लिए चयनित किया गया। सूत्रों का बताना है कि जब जेम पोर्टल पर निविदा की प्रक्रिया शुरु की गई तो प्रधान सहायक ने बिना बताए ही खरीदार के रूप में इनके आइडी का उपयोग किया। जब ओटीपी की मांग प्रधान सहायक से की गई तो इससे संबंधित सूचना प्राप्त करने में जुट गए। इतना ही नहीं बोर्ड के बिना बजट पारित कराए ही 1 करोड़ 87 लाख रुपये के डस्टबीन क्रय के लिए आर्डर दिया गया। जानकारी के अनुसार 27 को नगर परिषद के अधिकारी के हस्ताक्षर से पत्र जारी किया जाता है और 30 मई को प्रधान सहायक द्वारा आर्डर कैंसिल कर दी जाती है। डस्टबीन क्रय के लिए सशक्त स्थाई समिति ने की थी अनुशंसा नगर परिषद में सफाई कार्यों के सुचारु रूप से संचालन के लिए उपकरण और उपस्कर को जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय करने के लिए 23 फरवरी को विभाग की ओर से अनुशंसा की गई थी। इसमें एक अदद लोडर, 30 अदद 500 लीटर क्षमता वाले गारबेज ट्राई साइकिल, 30 अदद 200 से 300 लीटर क्षमता वाले हैंड कार्ट और 1000 अदद 60 लीटर वाले डस्टबीन क्रय के लिए रखा गया था। इधर, उपस्कर क्रय प्रकरण की जानकारी मिलने पर प्रधान सहायक सह लेखापाल ने संचिका में अपनी टिप्पणी दर्ज करते हुए स्पष्ट किया था कि वित्तीय वर्ष 2019-20 का बजट आंशिक रूप से पारित है। जबकि वर्ष 2020-21 व 2021-22 का बजट पारित नहीं है। सशक्त स्थायी समिति द्वारा लिये गए निर्णय क्रय संबंधी बजट पारित के होने के बाद ही क्रय किया जा सकता है। बताते हैं कि सशक्त स्थायी समिति की बैठक में लिये गए निर्णय को बोर्ड की बैठक में अनुमोदन होना जरूरी है। इसके बाबजूद डस्टबिन क्रय के लिए की गई डील वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करता है। इधर, बताया यह भी जा रहा है कि उपस्कर आर्डर के लिए दी गई संचिका और नोटसीट में भी छेड़छाड़ भी की गई थी। हलांकि, मामला उजागर होने के बाद जांच टीम गठित की गई है।

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