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उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद काम पर लौटे संविदा स्वास्थ्य कर्मी

उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद काम पर लौटे संविदा स्वास्थ्य कर्मी

संविदा पर बहाल स्वास्थ्य कर्मी गुरुवार दोपहर बाद से काम पर लौट गए। इसके साथ ही व्यवस्था सुचारू हो गई। मांगों के समर्थन में वे सभी होम आइसोलेट हो गए थे। इससे सदर अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में कार्य बाधित हो रहा था।

JagranFri, 14 May 2021 12:45 AM (IST)

समस्तीपुर । संविदा पर बहाल स्वास्थ्य कर्मी गुरुवार दोपहर बाद से काम पर लौट गए। इसके साथ ही व्यवस्था सुचारू हो गई। मांगों के समर्थन में वे सभी होम आइसोलेट हो गए थे। इससे सदर अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में कार्य बाधित हो रहा था। गुरुवार को पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर सभी काम पर लौट गए। न्यायालय ने राज्य सरकार से इस दिशा में रिपेार्ट मांगी है। उक्त जानकारी संविदा स्वास्थ्य कर्मी संघ के जिलाध्यक्ष आदित्य नाथ झा ने दी। बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य स्तर, जिला स्तर, अनुमंडल स्तर, प्रखंड स्तर, स्वास्थ्य उपकेंद्र स्तर पर कार्यरत विभिन्न कोटि के संविदा कर्मियों व पदाधिकारियों का मानदेय पुनरीक्षण कर शत-प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की मांग की गई। कोरोना काल में मृत्यु हो जाने के उपरांत घोषित की गई पारिवारिक पेंशन, आश्रितों को नौकरी एवं अन्य सुविधा को अक्षरश: स्वास्थ्य संविदा कर्मियों के लिए भी तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की गई। एनएचएम के अधीन कार्यरत सभी कर्मी व पदाधिकारियों को उनके पद के अनुसार सेवा शर्त निर्धारण लागू किया जाए। वित्तीय वर्ष 2020-21 में ग्रुप एक्सडेंट पॉलिसी एवं मेडिकल हेल्थ पॉलिसी लागू करने हेतु भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि की सुविधा देने की मांग कर रहे है। अनुबंध पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध बिथान : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अनुबंध पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को काला बिल्ला लगाकर कार्य किया। कर्मियों ने सरकार की नीतियों के विरुद्ध काम करने का संकल्प लिया। अनुबंध पर कार्यरत कर्मियों के अनुसार, सरकार अगर उनकी मांगों की अनदेखी करती है तो वे लोग अपने आप को होम आइसोलेट हो जाएंगे। इससे कोरोना महामारी के कार्यों पर असर पड़ सकता है। कोरोना पॉजिटिव परिवार के कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिग कार्य और कोरोना संक्रमण जांच कार्य प्रभावित होगा। इसका सीधा असर स्वास्थ्य कार्यों पर पड़ेगा। डॉ. एम एम खान, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. पी महतो, अकाउंटेंट राकेश कुमार, विकास चंद्र, एएनएम समेत सभी कर्मियों ने भी काला बिल्ला लगाकर सरकार की नीतियों का विरोध जताया।

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