कृषि विधेयक के खिलाफ भारत बंद का मिलाजुला असर

कृषि विधेयक के खिलाफ भारत बंद का मिलाजुला असर
Publish Date:Fri, 25 Sep 2020 11:27 PM (IST) Author: Jagran

समस्तीपुर । केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि विधेयक के विरोध में शुक्रवार को आहुत बंद का जिले में मिला जुला असर दिखा। अलग-अलग टोलियों में बंटे विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने बंद में भाग लिया। राजद कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के सामने सरकारी बस पड़ाव में धरना दिया तो वामपंथी पार्टियों के अलावा जनाधिकार पार्टी व रालोसपा ने ओवरब्रिज चौराहे को जाम कर दिया। राजद के बैनर तले हुए धरना सभा की अध्यक्षता पार्टी जिला अध्यक्ष राजेंद्र साहनी ने की। संचालन किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष राजेश्वर महतो ने किया। पार्टी के प्रदेश महासचिव फैजुर रहमान फैज ने कहा कि पूरे देश के किसानों ने कृषि को उद्योग का दर्जा देने की मांग की ताकि किसानों के चेहरे पर भी खुशी और उनके घर का भी चूल्हा जलता रहे। लेकिन मोदी सरकार ने उद्योग का दर्जा ना देकर इसे उद्योगपतियों के अधीन कर दिया। सभा को स्थानीय विधायक अख्तरूल इस्लाम शाहीन, पूर्व विधान पार्षद रोमा भारती, प्रेम प्रकाश शर्मा,सदानंद झा, लाल बहादुर पंडित, सत्यम पासवान, हरिश्चंद्र राय, तारकेश्वर नाथ गुप्ता, राम विनोद पासवान, मनोज कुमार यादव, जगदीश राय, विजय कुमार, नवीन यादव,रंजीत राय,शत्रुघन यादव अरविद राय, राजेंद्र राय, दशरथ साहनी, जगदीश राय, पवन राय, चंदेश्वर राय, सूंदेश्वर राय, शिवजी साहनी, रजनीश कुमार, राजू यादव, आनंद साहनी, नसीम अब्दुल्लाह अंसारी, अरविद कुमार शर्मा, अरुण प्रकाश, मनोज कुमार महतो, रामबरन महतो, विजय कुशवाहा, अमरजीत चौधरी, उमाकांत साहनी,सूरज कुमार,रिकू सिंह,गुंजन देवी आदि ने संबोधित किया। किसान विरोधी अध्यादेश एवं निजीकरण के खिलाफ भाकपा, माकपा एवं भाकपा माले जिला कार्यालय से वामपंथी किसान संगठनों के बैनर तले जुलूस निकालकर बाजार का भ्रमण करने के बाद जुलूस मुख्यालय के ओवरब्रिज चौराहे पर पहुंचकर घंटों चक्का जाम किया। मौके पर सत्यनारायण सिंह, जीवछ पासवान, रामप्रीत पासवान, लालबाबू महतो की संयुक्त अध्यक्षता में एक सभा हुई। इसे सुरेंद्र प्रसाद सिंह, मनोज कुमार गुप्ता, प्रो. उमेश कुमार, डा. एसएम ए इमाम, रघुनाथ राय, अनुपम कुमार, श्याम सुंदर, भोला राय, धीरज कुमार, अनिल कुमार, सुखदेव राय, पूनम देवी, आइसा के सुनील कुमार, लोकेश राज, इनौस के मिथिलेश कुमार, राम प्रकाश यादव, उपेंद्र राय, अमित कुमार, राजकुमार चौधरी, सुखलाल यादव, रालोसपा के अनंत कुशवाहा, रंजीत कुमार,जनाधिकार पार्टी के मनीष यादव सहित अन्य वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए किसान विरोधी काला कानून वापस लेने एवं निजीकरण पर रोक लगाने की मांग सरकार से की।

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