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आधुनिक बिहार के निर्माता थे बाबू श्रीकृष्ण सिंह

समस्तीपुर । आधुनिक बिहार के निर्माता और बिहार केसरी उपनाम से चर्चित राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती सोमवार को समारोहपूर्वक को मनाई गई। शहर के सटे मगरदही स्थित शिव शंकर नवल किशोरी विशिष्ट पुस्तकालय में लोगों ने प्रतिमा पर चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व की सराहना की। वैद्यनाथ ठाकुर ने कहा कि श्रीकृष्ण बाबू बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने बिहार राज्य के अंदर विकास का नया नक्शा खींच डाला था। राजीनितिक, सामाजिक, आर्थिक, साहित्यिक हर क्षेत्र में कार्य किया। बिहार को समृद्ध राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाई। प्रो. हरेकृष्ण सिंह ने कहा कि उनका जीवन स्वतंत्रता प्रेमी व क्रांतिकारी के लिए उत्प्रेरक्षा का अक्षय भंडार है। उनके दिल में विश्व मानवता के प्रति अगाध प्रेम था। श्रीकृष्ण सिंह गरीबों, असहायों एवं समाज के शुभचितक थे। उनके बताए रास्ते पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। बता दें कि मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह ने ही इस विशिष्ट पुस्तकालय की स्थापना की थी। इसमें उनकी दी हुई 18 हजार किताब समेत कई यादगार सुरक्षित हैं। मौके पर राजाराम प्रसाद सिंह, संजय शंकर सिंह, कमलेश भारद्वाज, पंखुरी सिंह, सुजीत कुमार, चंद्रमणि सिंह समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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