सहरसा : जलजमाव से प्रभावित किसानों को भी मिलेगा मुआवजा

जलजमाव के कारण खेती नहीं कर पाने वाले किसान को भी इस बार फसल क्षति का मुआवजा मिलेगा। इन खेतों को सरकार ने अनाच्छादित की श्रेणी में रखकर सर्वे करने का निर्देश दिया है।

JagranSun, 12 Sep 2021 11:34 PM (IST)
सहरसा : जलजमाव से प्रभावित किसानों को भी मिलेगा मुआवजा

सहरसा। जलजमाव के कारण खेती नहीं कर पाने वाले किसान को भी इस बार फसल क्षति का मुआवजा मिलेगा। इन खेतों को सरकार ने अनाच्छादित की श्रेणी में रखकर सर्वे करने का निर्देश दिया है। जिस आलोक में सर्वे शुरु कर दिया गया है। सर्वे के बाद विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

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फसल क्षति को लेकर विभाग सजग

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जिले में फसल क्षति को लेकर विभाग द्वारा सर्वे किया जा रहा है। जिसमें बाढ़ या बारिश के कारण फसलों की हुई क्षति का आकलन कर क्षति का पूर्ण ब्योरा तैयार किया जाएगा। गत दिन मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे को लेकर हुई बैठक में बिहार सरकार के कबीना मंत्री डा. आलोक रंजन ने कहा कि जिन खेतों में हर वर्ष फसल लगाई जाती है वह इसबार जलजमाव के कारण प्रभावित हुये हैं। खेतों में फसल नहीं लगाये जाने के कारण किसान परेशान हैं। जिसपर सीएम ने जलजमाव के कारण परती रह जाने वाले खेतों का सर्वे का निर्देश दिया। जिस आलोक में कार्रवाई शुरु हो गई है।

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बाढ़ व बारिश के कारण हुआ नुकसान

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इस वर्ष समय पर बारिश प्रारंभ होने के कारण 67 हजार हेक्टेयर जमीन में खेती हुई। लेकिन मानसून और बाढ़ से इस फसल को सुरक्षित रहने नहीं दिया और किसानों के मंसूबे पर पानी फिर गया। कृषि विभाग रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार जिले में 40358 हेक्टेयर में खरीफ की फसल प्रभावित हो चुकी है। जिसका अनुमानित मूल्य 5508.01 लाख माना जा रहा है। अगर इन किसानों को क्षतिपूर्ति नहीं मिला तो किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। समानी के कलेंद्र यादव, शिवशंकर प्रसाद कहते हैं कि बाढ़ व बारिश ने इसबार किसानों को तबाह कर दिया। धान का बिचड़ा डूब गया। किसी तरह रोपनी की गई तो वह भी बर्बाद हो गया।

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कई किसानों ने उन्हें शिकायत की थी कि जलजमाव के कारण वो खेतों में खेती नहीं कर सके। बैठक में सीएम के समक्ष इस मामले को उठाया गया। सीएम ने जलजमाव प्रभावित किसानों को भी मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

डा. आलोक रंजन, मंत्री, बिहार सरकार।

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फसल क्षति का आकलन किया जा रहा है। जलजमाव प्रभावित खेत जहां पहले खेती होती थी उसे अनाच्छादित के श्रेणी में रखकर सर्वे किया जा रहा है। विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी। फसल क्षति का पोर्टल खुलने के बाद किसान आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

दिनेश प्रसाद सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी, सहरसा।

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