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प्रवासियों के लिए दो श्रेणी में रहेगा क्वारंटाइन सेंटर

सहरसा। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और देशभर में लागू लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्या में दूसरे प्रदेशों से प्रवासी मजदूरों व अन्य लोगों का आना जारी है। मजदूरों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि और प्रावासियों के रेंडल सैंपल टेस्टिग के आधार पर सरकार ने क्वारंटाईन केन्द्रों को दो श्रेणी में बांटने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव द्वारा वीडियो कान्फ्रेसिग में मिले निर्देश के आलोक में जिलाधिकारी कौशल कुमार ने सूरत, अहमदाबाद, मुबई, पूणे, दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरूग्राम, नोएडा, कोलकाता व बंगलौर को श्रेणी क में और देश के अन्य राज्यों शहरों से आए लोगों को श्रेणी ख में रखा है।

श्रेणी क में अंकित शहरों से आए प्रवासी मजदूरों को प्रखंड स्तर पर संचालित प्रखंड क्वारंटाईन में रखने का निर्देश दिया गया है। प्रखंड स्तरीय क्वारंटाईन केन्द्र प्रखंड मुख्यालय में उपयुक्त भवनों तथा इन भवनों में जगह नहीं रहने की स्थिति में प्रखंड मुख्यालय से सटे पंचायत के उपयुक्त भवनों रखा जाएगा। प्रवासियों को 14 दिनों तक प्रखंड क्वारंटाईन कैंप तथा क्वारंटाइन अवधि समाप्त होने पर कोरोना का लक्षण नहीं पाए जाने पर उन्हें घर जाने दिया जाएगा, परंतु अगले सात दिनों तक होम क्वारंटाईन में रखा जाएगा। अगर किसी व्यक्ति में लक्षण पाया जाएगा , तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्गत दिशा निर्देशों के आलोक में कार्रवाई की जाएगी। अगर श्रेणी क के मजदूरों के साथ श्रेणी ख के कोई मजदूर रह रहे हों, तो उन्हें भी 14 दिनों तक क्वारंटाईन में रखा जाएगा। अन्य राज्यों से आनेवाले प्रवासियों का प्रखंड स्तर पर पंजीकरण करवाया जाएगा। उनके भोजन- पानी आदि की व्यवस्था के बाद स्वअभिप्रमाणित शपथ पत्र लेकर होम क्वारंटाइन में भेजा जाएगा। बशर्ते कि उनमें कोरोना वायरस का लक्षण परिलक्षित न हो। डीएम ने पंजीकरण के दौरान सभी प्रवासी मजदूरों का बैंक खाता संख्या, आधार संख्या एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं निश्चित रूप से प्राप्त करने का निर्देश दिया है, ताकि उन्हें प्रवासी मजदूर निष्क्रमण सहायता की राशि पीएफएमएस के माध्यम से सीधे बैंक खाते में अंतरित किया जा सके। डीएम ने होम क्वारंटाइन में रहनेवाले प्रवासी मजदूरों के लिए घर- घर टीम भेजकर निगरानी एवं स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य विभाग को टीम गठित करने का निर्देश भी दिया है।

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