चार दशक पूर्व बना शिवपुर नहर पुल की हालत जर्जर

चार दशक पूर्व बना शिवपुर नहर पुल की हालत जर्जर

प्रखंड के शिवपुर गांव के पास चार दशक से उच्च स्तरीय नहर पर बने पुल की हालत जर्जर हो गई है। जिससे दो पंचायतों के सात गांवों की दस हजार आबादी का आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। यहां के लोग अपने कृषि उत्पाद को भी मंडी तक नहीं पहुचा पा रहे है।

JagranThu, 15 Apr 2021 10:06 PM (IST)

संवाद सहयोगी, डेहरी-ऑन-सोन: रोहतास। प्रखंड के शिवपुर गांव के पास चार दशक से उच्च स्तरीय नहर पर बने पुल की हालत जर्जर हो गई है। जिससे दो पंचायतों के सात गांवों की दस हजार आबादी का आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। यहां के लोग अपने कृषि उत्पाद को भी मंडी तक नहीं पहुचा पा रहे है। जिससे लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यहां के ग्रामीण जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से कई बार पुल निर्माण के लिए गुहार लगा चुके हैं, परंतु अबतक इस दिशा में किसी ने पहल नहीं की।

1970 के दशक में उच्च स्तरीय नहर के निर्माण के समय इस गाव के पास नहर पर पुल बनाया गया था। अब पुल की स्थिति अत्यंत जर्जर हो गई है। यह पुल इन दिनों खतरे को निमंत्रण दे रहा है। गाव में नहर के ऊपर बने इस पुराने पुल की चौड़ाई काफी कम होने से पहले से ही बड़े वाहनों के पार होने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन गांवों तक दमकल और हार्वेस्टर का पहुंचना मुश्किल:

नहर के ऊपर बने इस पुल की चौड़ाई करीब सात फीट है। जिससे आग लगने पर अग्निशमन वाहन एवं आपातकालीन परिस्थि्त में एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पा रहा है। साथ ही फसल कटाई के समय हार्वेस्टर का पहुंच पाना भी मुश्किल हो गया है।।

वाहन चालक इस पुल से होकर नही जाना चाहते है ।इसके अलावा आपातकालीन परिस्थिति में ऐंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों को आने में भी काफी समस्या होती है।ग्रामीण बताते है कि अभी कृषि कार्य के लिए उन्हें महादेवा गाव से खेत के मेड़ को काट रास्ता बना हार्वेस्टर लाना पड़ रहा है। गांव तक उसे लाने में चार किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। पुल को ले जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से ग्रामीणों में नाराजगी:

ग्रामीणों को मलाल है कि इसके लिए कई बार सांसद, विधायकों और राजनीतिक दलों के नेताओं के अलावा जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों तक से गुहार लगाई गई, लेकिन इस समस्या के समाधान के प्रति किसी ने सार्थक पहल नहीं की। जागरण से बातचीत के दौरान इस पुल से जुड़े तलवन बिगहा, पहलेजा, शिवपुर, बाबूगंज, गोवर्धनपुर, देवरिया एवं श्रीरामपुर गांव के लोगों में जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को ले काफी नाराजगी दिखी। कहते हैं लोग:

पुल की हालत जर्जर एवं चौड़ाई कम होने से ग्रामीणों और किसानों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हार्वेस्टर आने जाने में काफी परेशानी होती है। इसके अलावा आग लगने की स्थिति में अग्निशमन विभाग की गाड़ियां भी समय से गांव में नहीं पहुंच पाती है।

विजय सिंह, शिवपुर सांसद, विधायक समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन इस समस्या का निदान नहीं किया जा सका। जिससे सरकार व जनप्रतिनिधियों के प्रति लोगों में काफी नाराजगी है।

नारायण प्रसाद वर्मा, शिवपुर पुल का चौड़ीकरण करा दिया जाए तो इस क्षेत्र के गांच सुअरा के पास जीटी रोड से जुड़ सकेंगे। जिससे बड़े वाहनों के आने-जाने में आसानी हो जाएगी। पुल संक्रीण होने के कारण बड़ी गाड़ियां गांव में नहीं पहुंच पाती हैं।

विकास कुमार दूबे, पहलेजा पुल बन से लगभग दस हजार आबादी को काफी लाभ मिलेगा। व्यवसायिक गतिविधियां भी सही तरीके से संचालित हो सकेंगी। साथ ही स्कूली बच्चों के बस गांवों तक पहुंचने लगेंगी।

शंकर कुमार, बगेन

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