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...लाख कर लो जतन, पर सुधरेंगे न हम

रोहतास। कोरोना महामारी इन दिनों चरम सीमा पर है। जिले में भी कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही हैं। हालांकि थोड़ी राहत इस बात है कि स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या भी संतोषजनक है। परंतु अब तक कोरोना से पांच मरीजों की मौत हो गई है, जो हर किसी के लिए चिता की विषय है। सावधानी ही इससे बचने का एक मात्र उपाय रहा है। इससे बचने के लिए अब तक जो उपाय सुझाए गए हैं, उसे ही ढ़ाल के रूप में उपयोग कर कोरोना को मात दिया जा सकता है। लेकिन अभी ऐसे लोगों की संख्या काफी है जिन्हें दो गज की दूरी बनाने व मास्क का उपयोग फालतू बात लग रही है। जबकि सरकार ने मास्क नहीं पहनने वालों पर 50 रुपये जुर्माना लगाने का आदेश भी जारी किया है। लिहाजा उनके लिए सारे जतन बेकार लग रहा है। दैनिक जागरण की टीम रविवार को भी मास्क पहनें, घर से बाहर निकलें की वस्तु स्थिति जानने का काम किया। बंदी के आदेश के बावजूद रौजा रोड, गोला बाजार, धर्मशाला रोड, गौरक्षणी, फजलगंज, डाकबंगला मार्केट समेत अन्य स्थानों के बाजार में आवश्यक वस्तुओं के साथ कपड़ा, जूता चप्पल, मोबाइल, इलेक्ट्रिक समेत सामान्य चीजों की दुकानें खुली रही। जहां पर खरीदारों की भीड़ लगी रही। न तो दुकानदार व उनके कर्मी मास्क पहने हुए पाए गए न खरीदार। यहां तक कि मिठाई व अन्य खाने-पीने की दुकानें भी खुली मिली। जबकि प्रशासन ने कोरोना मरीजों की संख्या को बढ़ते देख रविवार को आवश्यक वस्तुओं को छोड़ कर अन्य सभी प्रकार की चीजों से जुड़ी दुकानों को अगले आदेश तक बंद रखने का फरमान पिछले माह जारी किया था। यही नहीं गुरु पूर्णिमा होने की वजह से काफी संख्या में लोग अपने गुरु की पूजा व दर्शन करने के लिए भी बगैर मास्क, गमछा व रूमाल से मुंह-नाक ढंक कर घर से निकले। आदेश पर अमल हो रहा है कि नहीं, इसे देखने को ले अधिकारियों का मुवमेंट भी ठप रहा।

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