प्रतिबंध के बाद भी खेतों में पराली जला रहे किसान, तीन पर दर्ज हुई प्राथमिकी

प्रतिबंध के बाद भी खेतों में पराली जला रहे किसान, तीन पर दर्ज हुई प्राथमिकी

इन दिनों हार्वेस्टर से धान कटाई के उपरांत धान की डंठल (पराली) को किसान खेतों में जला रहे हैं जबकि इसके लिए प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाया जा चुका है। खेतों में अवशेष जलाने से पूरे खेत में आग फैलने से मित्र कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।

JagranSun, 06 Dec 2020 05:48 PM (IST)

रोहतास। इन दिनों हार्वेस्टर से धान कटाई के उपरांत धान की डंठल (पराली) को किसान खेतों में जला रहे हैं, जबकि इसके लिए प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाया जा चुका है। खेतों में अवशेष जलाने से पूरे खेत में आग फैलने से मित्र कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। धुएं के कारण पर्यावरण भी दूषित होता है और पशु के चारा जलने से पशुओं के लिए पैरा महंगा हो जाता है। खेत में पराली जलाने वाले तीन किसानों को चिह्नित कर उनपर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। वहीं उन्हें कृषि संबंधित मिलने वाले अनुदान से भी वंचित करने के लिए उनके पंजीकरण को रद करते हुए उनकी आइडी ब्लॉक की जाएगी।

कृषि अधिकारियों की मानें तो खेतों में पराली जलाने को लेकर प्रतिबंध जारी किया गया है। पराली जलाते हुए पाए जाने पर जमीन मालिक पर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं, परन्तु इस कानून का पालन करने को लेकर किसान काफी लापरवाही बरत रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो डेहरी प्रखंड क्षेत्र में बहुतायत रकबा में धान की खेती की गई है। फसल काटने के तत्काल बाद खेतों में डंठल को जला दिया जा रहा है। इससे पर्यावरण और खेतों को नुकसान पहुंचाने के साथ साथ पशु चारे के लिए संकट पैदा हो रहा है ।

डेहरी प्रखंड के भेड़िया गांव के जिला परिषद धनंजय सिंह का कहना है कि पराली जलाने से इसके बहुत से दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं, फिर भी किसान पैरा जला रहे हैं, जो चिता का विषय है। किसान खेतों में पैरा न जलाकर उसका उचित प्रबंध कैसे करे, इस पर कृषि विभाग को भी ज्यादा से ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए । क्योंकि किसान जब रोटावेटर या हल से खेतों की जुताई करते हैं तो हार्वेस्टर से कटाई करने के कारण फसल अवशेष जुताई करने में बाधक बन जाते हैं। इसके उचित निपटान के अभाव में किसान उसे जला देते हैं । इसलिए यह आवश्यक है कि किसान फसल अवशेष न जलाए और उसका उचित निपटान भी हो। साथ ही डेहरी प्रखंड के अंतर्गत पशुओं को सार्वजनिक रूप से रखा जा रहा है, जहां चारे के लिए पैरा की बहुत जरूरत रहती है। इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि डेहरी प्रखंड के बराव कला पंचायत के मौडिहां गांव निवासी किसान रजनीश उपाध्याय एवं इंद्रमजीत उपाध्याय का अनुदान से वंचित कर इनका आइडी लॉक किया गया। वहीं भैंसहा गांव के समीप छोटकी नहर पुल के पास जो पराली जलाया गया है उन किसान को चिह्नित कर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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