विद्यालयों में नियमों को ताक पर रख हुई सामग्री की खरीदारी, वित्त विभाग ने जताई आपत्ति

विद्यालयों में नियमों को ताक पर रख हुई सामग्री की खरीदारी, वित्त विभाग ने जताई आपत्ति
Publish Date:Thu, 24 Sep 2020 10:17 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, सासाराम : रोहतास। जिले में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में उपस्कर व प्रयोगशाला सामग्री की खरीदारी नियमों को ताक पर रख की गई। जेम्स पोर्टल के बदले स्थानीय दुकानों से सामग्री खरीद का जाली रसीद प्रस्तुत कर दिया। जब सरकार की तरफ से उपलब्ध कराई गई राशि से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र वित्त विभाग के पास भेजा गई तो उसे वहां से आपत्ति के साथ लौटा दिया गया है। डीसी विपत्र लौटाए जाने के बाद विभागीय अधिकारियों व प्रधानाध्यापकों की परेशानी बढ़ गई है। डीईओ ने संबंधित विद्यालयों के हेडमास्टरों को पत्र भेज उपयोगिता प्रमाण पत्र एजी द्वारा उठाई गई आपत्तियों से अवगत कराते हुए उसे दूर करने को कहा है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो गाइडलाइन के आलोक में सामग्री क्रय जेम पोर्टल के माध्यम से की जानी थी, लेकिन अधिकांश विद्यालयों में निर्देशों को ताक पर रख लाखों रुपये की सामग्री की खरीद उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा किया था। यही नहीं लाखों रुपये के सामान की खरीदारी बगैर निविदा निकाले मनमाने तरीके से कर दी गई है। जो अपने आप में एक सवाल खड़ा कर रहा है। महालेखाकार की जांच में कई हैरतअंगेज कारनामे भी सामने आए हैं। वैसे फर्म का भी विपत्र जमा किया गया है, जिसका पैन व जीएसटी नंबर गलत पाया गया है।

छह दर्जन से अधिक स्कूलों में भेजी गई थी राशि :

वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिले के 135 माध्यमिक व उच्च विद्यालयों उपस्कर व प्रयोगयशाला सामग्री खरीद के लिए राशि उपलब्ध कराई गई थी। इस दौरान किसी स्कूल को तीन लाख तो किसी को पांच व आठ लाख रुपये विभाग की ओर से दी गई थी। विभागीय अधिकारियों के दैनिक निरीक्षण के दौरान भी इन स्कूलों में उपस्कर व प्रयोगशाला सामग्री खरीद में अनियमितता बरतने की बात सामने आई थी। जिसके बाद विभाग ने पूरे मामले की जांच कमेटी गठित कर कराने का निर्देश डीएम को दिया था। निर्देश के आलोक में छह माह पूर्व डीएम पंकज दीक्षित ने अनुमंडल स्तर पर जांच कमेटी भी गठित किया था, जिसमें संबंधित अनुमंडल के डीसीएलआर, अभियंता, शिक्षा विभाग के डीपीओ को शामिल किया गया था। लेकिन जांच का नतीजा अबतक सामने नहीं आ पाया है। कहते हैं अधिकारी :

शिक्षा विभाग में कोई भी सामग्री की खरीदारी जेम्स पोर्टल के माध्यम से किया जाना है। 135 विद्यालयों में सामग्री की खरीदारी जेम्स पोर्टल के माध्यम से नहीं कर स्थानीय स्तर पर प्रधानाध्यापकों द्वारा की गई है। जिस पर वित्त विभाग ने आपत्ति जता विपत्र को लौटा दिया है। जिन बिदुओं पर आपत्ति जताई गई है, उसे दूर करने का निर्देश संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यायपकों को दिया गया है। जिससे कि वित्त विभाग को दोबारा भेजा जा सके।

सत्यदेव सिंह

डीपीओ लेखा व योजना-रोहतास

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.