शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही पीएमकेवीवाई

शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही पीएमकेवीवाई

शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो सुअरा मोड़ स्थिति प्रधानमंत्री कौशल केंद्र के प्रांगण में शनिवार को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 का शुभारंभ किया गया।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 06:49 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, डेहरी ऑन-सोन: शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो सुअरा मोड़ स्थिति प्रधानमंत्री कौशल केंद्र के प्रांगण में शनिवार को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 का शुभारंभ किया गया। एस्परा स्किल प्राइवेट लिमिटेड के सेंटर मैनेजर विकास कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहायक निदेशक अंकित राज, असिस्टेंट डायरेक्टर लेबर रिसोर्स डिपार्टमेंट अमित कुमार शामिल थे।

विकास कुमार ने बताया कि इस योजना में बीपीएल परिवार के छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं को रोजगारोन्मुखी कोर्स के साथ प्रशिक्षित किया जाएगा, जो सरकारी नौकरी में मददगार साबित होंगे। साथ ही सेंटर ट्रेनर्स द्वारा होम हेल्थ के 30 ट्रेनी को किट दिया गया। सहायक निदेशक ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का तीसरा चरण देश के छह सौ जिलों में आज शुभारंभ किया गया। जहां आठ लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। कहा कि यह योजना गरीब लोगों के लिए वरदान साबित होगी। कोरोना महामारी के इस दौर में नौकरी का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। क्या है योजना और कैसे मिलता है इसका लाभ:

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना पीएमकेवीवाई के नाम से युवाओं के बीच लोकप्रिय है। इस योजना का लाभ उठाकर कई शिक्षित बेरोजगार आज नौकरी प्राप्त कर चुके हैं। कोरोना काल में नौकरी का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में यदि आपने तकनीकी शिक्षा प्राप्त की है, तो आपको रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। प्रशिक्षित युवाओं को अनेक शासकीय व गैर शासकीय संस्थान रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य:

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के संचालन का मुख्य मकसद समाज के बेरोजगार एवं शिक्षित युवाओं को (औद्योगिक प्रशिक्षण) देना है, ताकि उनकी तकनीकी दक्षता में और अधिक निखार आ सके। ट्रेनिग का सारा खर्च उठाती है सरकार:

पीएमकेवीवाई के तहत दिए जाने वाले औद्योगिक प्रशिक्षण में युवाओं पर होने वाला सारा खर्च सरकार स्वयं ही उठाती है। इसकी पूरी राशि सीधे तौर पर प्रशिक्षण देने वाले सेंटर के खाते में ट्रांसफर की जाती है। हालांकि इसके लिए भी तयशुदा नियम हैं। हर केंद्र में प्रत्येक अभ्यर्थी के आधार पर रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया गया है। ट्रेनिग सेंटर में आधार वेलिडेशन के लिए बायोमेट्रिक उपकरण का होना अनिवार्य है, ताकि आधार का सत्यापन किया जा सके। ट्रेनिग के बाद ऐसे मिलेगा सर्टिफिकेट:

पीएमकेवीवाई के तहत प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षणार्थी को उसका सर्टिफिकेट हासिल कर लेना चाहिए। इससे स्टीयरिग कमेटी को सेंटर्स और ट्रेनी के बारे में जानकारी आसानी से मिल जाती है। प्रशिक्षण के बाद ट्रेनी को भी बकायदा सर्टिफिकेट दिया जाता है।

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