बाड़ी हाट दुर्गा मंदिर में 64 वर्षों से हो रही पूजा या देवी सर्वेभूतेषू की पट्टी लगाएं फोटो - 20 पीआरएन - 11 जागरण संवाददाता,पूर्णिया:

बाड़ी हाट दुर्गा मंदिर में 64 वर्षों से हो रही पूजा या देवी सर्वेभूतेषू की पट्टी लगाएं फोटो - 20 पीआरएन - 11 जागरण संवाददाता,पूर्णिया:
Publish Date:Tue, 20 Oct 2020 06:04 PM (IST) Author: Jagran

पूर्णिया। बाड़ी हाट दुर्गा मंदिर में वर्ष 1966 से पूजा हो रही है। यहां की कलश यात्रा काफी चर्चित है। प्रत्येक घरों में कलश स्थापना की जाती है। पक्की तालाब में सभी कलश का विसर्जन किया जाता है। घरों की महिलाएं कलश लेकर चलती है। इतिहास: अभी जहां पूजा हो रही है उसके पीछे वाले स्थान में कलश रख कर पूजन प्रारंभ किया गया था। वास्तुकला: प्रत्येक वर्ष भव्य मूर्ति निर्माण की परंपरा रही है। कोरोना महामारी के कारण कई आयोजन में भी कमी गई है। बंगाल के कलाकार मूर्ति निर्माण करते हैं। बाड़ी हाट का मेला भी काफी प्रसिद्ध है। लेकिन इस बार यह आयोजन नहीं किया जा रहा है। सजावट:-सजावट भी प्रत्येक वर्ष की तरह नहीं होगी। इसके बावजूद रोशनी का शानदार प्रबंध होगा। मंदिर परिसर और मंदिर को फूलों से सजावट होगी।

विशेषता:- यहां की कलश यात्रा खास है। प्रत्येक घरों में कलश स्थापना की जाती है। उसके बाद सभी कलश को मंदिर परिसर में दसवीं के दिन लाया जाता है। वहां से यात्रा पक्की तालाब तक निकाली जाती है। इसके साथ ही अष्टमी को होने वाली संधि पूजा और आरती भी खास है। इस बार मेला का आयोजन नहीं होगा। क्या कहते हैं पुजारी -:

दुर्गामंदिर पूजा समिति के अध्यक्ष पन्ना लाल रेणु ने बताया कि मंदिर में पूजा होगी। मूर्ति तीन फीट का बन रही है। कोरोना में सावधानी का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

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