ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से मची अफरा-तफरी, सूझ-बूझ से टला संकट

पूर्णिया। जिले का एक मात्र ऑक्सीजन प्लांट मंगलवार की रात तकनीकी खराबी के कारण बंद हो जा

JagranWed, 12 May 2021 08:46 PM (IST)
ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से मची अफरा-तफरी, सूझ-बूझ से टला संकट

पूर्णिया। जिले का एक मात्र ऑक्सीजन प्लांट मंगलवार की रात तकनीकी खराबी के कारण बंद हो जाने से बुधवार को कोविड मरीज सहित अन्य गंभीर मरीजों की सांसों पर संकट आ गया। सरकारी अस्पतालों सहित शहर के प्रमुख अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। लेकिन जिला प्रशासन की सूझ-बूझ से जल्द ही ऑक्सीजन की व्यवस्था कर ली गई। किशनगंज मेडिकल कॉलेज से आवश्यक ऑक्सीजन लाया गया जिससे मरीजों एवं उनके परिजनों को राहत मिली। मंगलवार की रात जल गया प्लांट का मोटर

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बेलौरी स्थित लाइफ लाइन ऑक्सीजन प्लांट का मोटर मंगलवार की रात जल गया जिससे वहां ऑक्सीजन का उत्पादन ठप हो गया। इससे बुधवार को जिले में ऑक्सीजन सेवा पूरी तरह से बाधित हो गई जिससे अफरा- तफरी का माहौल बन गया। अस्पतालों में भर्ती मरीज के साथ-साथ वैसे मरीज जो ऑक्सीजन की सपोर्ट पर होम आइसोलेशन में थे उनकी परेशानी काफी ज्यादा बढ़ गई। खबर मिलते ही मरीजों के परिजन चितित हो गए तथा ऑक्सीजन की तलाश में जुट गए। बड़ी संख्या में परिजन ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली एजेंसी के पास पहुंचने लगे। हर कोई आशंकित था कि अगर मरीज को समय पर ऑक्सीजन नहीं मिला तो कोई अनहोनी न हो जाए। किशनगंज मेडिकल कॉलेज से मिला ऑक्सीजन ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए जिलाधिकारी राहुल कुमार ने स्वयं कमान संभाली और आस-पास के जिले से ऑक्सीजन को लेकर संपर्क साधना शुरू किया। उन्हें राहत किशनगंज से मिली। ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए भाजपा एमएलसी डॉ. दिलीप जायसवाल ने किशनगंज स्थित अपने मेडिकल कॉलेज में 50 से ज्यादा जंबो सिलेंडर भिजवाया जिससे यहां के अस्पतालों की जरूरत काफी हद तक पूरी हो सकी। वहीं जिले में काम कर रहे युवाओं की टीम भी लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवाने में जुटी रही। एक-एक पल लोगों के लिए भारी साबित हो रहा था लेकिन समय रहते ही ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवास्था हो जाने के बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई। 24 घंटे चल रहा था प्लांट लाइफ लाइन प्लांट के संचालक संजय यादव ने बताया कि पिछले 10 -15 दिनों से लगातार ऑक्सीजन प्लांट 24 घंटे चल रहा है। मंगलवार की देर रात 200 वाट का मोटर अचानक जल जाने के कारण से ऑक्सीजन की सप्लाई पूरी तरह से बाधित हो गया। उन्होंने बताया कि प्लांट बंद होने के साथ ही उन्होंने इसकी सूचना नियुक्त अधिकारी के साथ-साथ वरीय अधिकारियों को दी। उन्होंने बताया कि मोटर जल जाने के बाद मोटर को ठीक करवाने के लिए इंजीनियरों को बुलाया गया। बुधवार की शाम लगभग 6 बजे तक मोटर दुरुस्त हो पाया और उसके बाद प्लांट में काम शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि इस प्लांट से प्रतिदिन 350 छोटे- बड़े रिफिलिग की सुविधा है। बुधवार देर रात से प्लांट में ऑक्सीजन बनना शुरू हो गया।

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