बिहार में बाहर से आयात क्‍यों किए जा रहे कुलपति, विधानसभा में सरकार को इस मुद्दे पर घेरेगी कांग्रेस

विधानमंडल के चालू सत्र में कांग्रेस शराबबंदी कानून की खमियों के साथ ही विश्वविद्यालयों में कुलपति के भ्रष्टाचार बालू माफिया के बढ़ते आतंक को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरेगी।कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा के आवास पर हुई बैठक में सरकार को घेरने के रणनीति पर मंथन हुआ।

Vyas ChandraTue, 30 Nov 2021 07:59 AM (IST)
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा। फाइल फोटो

पटना, राज्य ब्यूरो।  विधानमंडल के चालू सत्र में कांग्रेस शराबबंदी कानून की खमियों के साथ ही विश्वविद्यालयों में कुलपति के भ्रष्टाचार, बालू माफिया के बढ़ते आतंक को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरेगी। सोमवार को कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा के आवास पर हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सरकार को घेरने के रणनीति पर नेताओं ने मंथन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा व कुछ अन्य विधायक पटना से बाहर होने की वजह से बैठक में शामिल नहीं हो सके। 

करीब सवा घंटे चली बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस जन मुद्दों पर मुखर होकर सदन में अपनी बात रखेगी। बैठक में यह फैसला हुआ कि सदन के चालू सत्र में शराबबंदी कानून की खामियां, नीतीश के शासनकाल में विधि-व्यवस्था की चरमराई स्थिति पर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट किया जाएगा। पूर्णिया में हत्या कर दी जाती है। झंझारपुर में एडीजे के चैंबर में घुसकर मारपीट होती है। मधुबनी में सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार की हत्या जैसे मुद्दे भी उठाए जाएंगे। बालू खनन में माफिया का राज बढ़ता रहा है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में बाहर से लाकर कुलपति तैनात किए जा रहे हैं। इन कुलपतियों के लिए विवि अवैध कमाई का जरिया बन गए हैं। क्या बिहार में शिक्षाविदों की कमी है जो बाहर से कुलपति आयात किए जा रहे हैं। इन तमाम मुद्दों पर सरकार को सदन में जवाब देने के लिए बाध्य किया जाएगा।

मिश्रा ने कहा नीति आयोग के इंडेक्स में बिहार में सर्वाधिक लोग गरीब हैं। इन सबका कांग्रेस सदन के अंदर और जरूरत पड़ने पर बाहर भी जवाब मांगेगी। एक सवाल के जवाब में मिश्रा ने कहा कि महागठबंधन विधायक दल की बैठक में कांग्रेस के शामिल होने की कोई सवाल ही नहीं। महागठबंधन विधानसभा उपचुनाव के समय ही टूट चुका है। उन्होंने कहा फिलहाल कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा नहीं ऐसी स्थिति में बैठक में शामिल होने की सवाल ही नहीं। 

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