चुनावी अभियान का जिम्मा उठा रालोसपा के लिए वन मैन आर्मी बने उपेंद्र कुशवाहा

पटना [एसए शाद] रालोसपा से लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं के अलग हो जाने के नतीजे में पार्टी के चुनावी प्रचार अभियान का पूरा जिम्मा उपेंद्र कुशवाहा पर आ गया है। वह पार्टी अध्यक्ष हैं, और अभी उनकी स्थिति रालोसपा के अंदर 'वन मैन आर्मी' की हो गई है। उन्हें खुद अपने लिए काराकाट और उजियारपुर में मशक्कत करनी पड़ रही है, साथ ही पार्टी के दो अन्य उम्मीदवारों के लिए भी प्रचार करना पड़ रहा है। बाकी एक उम्मीदवार का प्रथम चरण में ही चुनाव हो चुका है।

दो सांसदों ने छोड़ दिया साथ

उपेंद्र कुशवाहा सहित पार्टी के तीन सांसद थे, जिनमें से एक प्रो. अरुण कुमार ने तीन साल पहले ही साथ छोड़ दिया। फिर दोनों विधायक और इकलौते विधान पार्षद भी उनसे अलग हो गए। पिछले सप्ताह दूसरे सांसद राम कुमार शर्मा ने भी अलग रास्ता अपना लिया। इनके अलावा पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता भगवान सिंह कुशवाहा, अभयानंद सुमन आदि ने भी उनसे किनारा कर लिया। अब उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी नई टीम बना ली है, जिसमें फजल इमाम मलिक, माधव आनंद, अभिषेक झा जैसे नेता प्रमुख हैं।

कार्यकर्ताओं में बना है उत्साह

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि भले ही अनेक बड़े नेताओं ने साथ छोड़ दिया है, मगर कार्यकर्ताओं का उत्साह बना हुआ है। वैसे यह भी सच है कि बड़े नामों की कमी के कारण प्रचार अभियान पर असर पड़ा है। प्रत्याशियों ने इसी वजह से महागठबंधन के नेताओं की सभा अपने-अपने क्षेत्र में आयोजित कराने की मांग कर रखी है। सबसे अधिक मांग राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव और विकासशील इनसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी की है। इन दोनों नेताओं ने जमुई में आधा दर्जन से अधिक सभाएं की थीं। इधर 'वन मैन आर्मी' की कहावत को चरितार्थ करते हुए उपेंद्र कुशवाहा प्रतिदिन चार-चार सभाएं कर रहे हैं। पार्टी ने एक हेलीकॉप्टर की सेवा ले रखी है, जिसका इस्तेमाल वही कर रहे हैं।

पूर्वी चंपारण में रालोसपा ने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के पुत्र को प्रत्याशी बनाया है। सूत्रों ने बताया कि वहां प्रत्याशी की अपनी टीम काम कर रही है और उसका स्थानीय कार्यकर्ताओं से बहुत बेहतर समन्वय नहीं है। इस सीट को लेकर बहुत विवाद हो चुका है। रालोसपा छोड़ते समय एक वरिष्ठ नेता प्रदीप मिश्रा ने इस सीट को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद के हाथों नौ करोड़ में बेचने का आरोप लगाया था। उजियारपुर और काराकाट, दोनों जगहों से चुनाव लड़ रहे उपेंद्र कुशवाहा के कांधे पर पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के प्रत्याशियों के लिए प्रचार अभियान चलाने की जिम्मेदारी भी है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.