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मेडिकल-इंजीनियरिंग एंट्रेंस में पास कराता था बिहार का यह गैंग, यूपी-हरियाणा से महाराष्ट्र तक फैला था जाल

मेडिकल-इंजीनियरिंग एंट्रेंस में पास कराता था बिहार का यह गैंग, यूपी-हरियाणा से महाराष्ट्र तक फैला था जाल
Publish Date:Sun, 09 Aug 2020 07:58 AM (IST) Author: Amit Alok

पटना, जेएनएन। बिहार में मेडिकल व इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं में सफलता दिलाने की गारंटी देने वाला एक बडा गैंग सक्रिय था। इसके तार उत्‍तर प्रदेश व हरियाणा से लेकर महाराष्‍ट्र तक देश के कई राज्‍यों में फैले थे। पटना के बोरिंग रोड इलाके में इसका बाकायदा कार्यालय चल रहा था। हरियाणा पुलिस की मदद से पटना पुलिस ने पटना के बुद्धा काॅलाेनी थाना क्षेत्र के विंध्याचल अपार्टमेंट में छापेमारी कर इस गैंग के छह गुर्गों काे गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वहां से सौ से अधिक प्रवेश पत्र, फर्जी आधार कार्ड, लैपटॉप व डेस्कटॉप कंप्यूटर व मोबाइल सहित कई कागजात जब्‍त किए हैं। हालांकि, गैंग का सरगना अभी पकड़ में नहीं आ सका है। पटना के एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने बताया कि पकड़े गये अपराधियों के कारनामों की जांच की जा रही है।

मेडिकल-इंजीनियरिंग में सफलता दिलाने का लेते थे ठेका

मिली जानकारी के अनुसार पटना के बोरिंग रोड चौराहे के समीप एक गली में स्थित विंध्याचल अपार्टमेंट से पकड़ गए छह युवक मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में सफलता दिलाने का ठेका लेने वाले एक बड़े सॉल्वर गैंग के गुर्गे निकले। वे पेपर तक लीक तथा परीक्षार्थी के बदले दूसरों को परीक्षा में शामिल कराते थे। उनके पास गैस पाइपलाइन से जुड़े कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस को शक है कि वे गैस कंपनी में भी नौकरी दिलाने के नाम पर उगाही कर रहे थे।

विंध्याचल अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर स्थित फ्लैट, जहां से ये गुर्गे गिरफ्तार किए गए, पटना के बाढ़ के रहने वाले एक व्यक्ति का है। वह एक विधायक का करीबी बताया जाता है।

हरियाणा की एफआइआर के आधार पर गैंग तक पहुंची पुलिस

पुलिस इस गैंग तक हरियाणा में दज एफआइआर के आधार पर पहुंची। वहां मेडिकल एंट्रेंस के पेपर लीक मामले में दर्ज एफआइआर में पटना के विवेकानंद मार्ग में कोचिंग चलाने वाले अतुल वत्स का नाम आया था। इस संबंध में महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में भी एफआइआर दर्ज की गई थी। हरियाणा पुलिस की सूचना पर पटना पुलिस की विशेष टीम ने छापेमारी कर छह युवकों रमेश, उज्ज्वल उर्फ गजनी, सौरव सुमन, प्रशांत समेत दो अन्य को को गिरफ्तार किया। इनमें  शामिल उज्ज्वल ने फ्लैट किराए पर लिया था। उसके पिता रसूखदार बताए जाते हैं।

थाने के पास खोल रखा था ऑफिस, पुलिस को नहीं थी भनक

गैंग ने जिस फ्लैट में ऑफिस खोल रखा था, उसी के बगल में थाना भी है। लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी। हरियाणा पुलिस की सूचना पर जब फ्लैट में छापेमारी की गई तो इस गैंग के कारनामे सामने आए। गर्लफ्रेंड के बैंक खातों में मंगाते थे रूपये, उनकी भी तलाश

खास बात यह है कि इस गोरखधंधे में गिरफ्तार आरोपितों में दो सौरव और गजनी की गर्लफ्रेंड भी सहयोगी बताई जा रहीं हैं। उन्‍होंने अभ्यर्थियों से मोटी रकम गर्लफ्रेंड के बैंक अकाउंट में मंगाई थी। पुलिस की छापेमारी से पहले दोनों बाजार निकल गईं थीं।

पूछताछ में गुर्गों ने पुलिस को बताई ये बातें

गैंग के गिरफ्तार गुर्गों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया है कि बिहार में गैंग का सरगना अतुल है। गैंग के पटना के बोरिंग रोड स्थित ऑफिस को रमेश और उज्जवल चलाते थे। उनके टारगेट पटना के कोचिंग संस्थानों में मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र हाेते थे। पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला है कि 2015 में महराष्ट्र के औरंगाबाद में हुए मेडिकल प्रवेश परीक्षा पेपर लीक में भी इस गैंग का हाथ था।

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