सात फरवरी से पहले आ जाएंगे बीए के परिणाम, राज्यपाल ने दिया आदेश

पटना, जेएनएन। राज्यपाल सह कुलाधिपति लाल जी टंडन ने सभी विश्वविद्यालयों में एकेडमिक एवं परीक्षा कैलेंडरों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया। राजभवन में आयोजित प्रति कुलपतियों को बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बीए पार्ट-तीन फाइनल इयर की परीक्षा आयोजित करते हुए उसके परिणाम 7 फरवरी तक हर हालत में प्रकाशित कर दिए जाएं, ताकि राज्यस्तरीय सेट परीक्षा से कोई वंचित न हो सके।

बीएड के लंबित परिणाम मार्च तक करें प्रकाशित

बैठक में उन्होंने कहा कि सभी बीएड परीक्षाओं के लंबित परिणाम 31 मार्च, 2019 के पहले प्रकाशित कर दिए जाएं। बैठक में प्रतिकुलपतियों को कहा गया कि ‘मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना’ के तहत आवंटन की मांग करते समय छात्रओं के नाम एवं उनके अकाउंट पासबुक की छायाप्रति हर हालत में संलग्न कर शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराएं। बताते चलें कि 25 अप्रैल, 2018 के बाद स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण होने पर सभी छात्रओं को इस योजना के तहत 25 हजार रुपये दिए जाने हैं।

प्रयोगशाला एवं पुस्तकालयों के लिए दें राशि

बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि बीएसईआइडीएस द्वारा विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्राचार्यो या विभागाध्यक्ष से प्रमाण-पत्र मिलने के बाद ही बायोमीटिक उपस्थिति व्यवस्था के संयत्र स्थापन से संबंधित एजेंसियों को राशि का भुगतान किया जाए। बैठक में मौजूद अतिरिक्त मुख्य सचिव आरके महाजन ने सभी प्रतिकुलपतियों को कहा कि वे नैक प्रत्ययन की तैयारी के लिए राशि की मांग करते समय तर्कसंगत प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजें। प्रयोगशाला एवं पुस्तकालयों के लिए अपेक्षित आवंटन सभी विश्वविद्यालयों को 31 जनवरी तक कर दिया जाएगा। प्रतिकुलपतियों से यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में पढ़ाई कर रही छात्रओं की फीस माफी के राज्य सरकार के निर्णय के आलोक में महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को हो रही कठिनाइयों के मद्देनजर यथाशीघ्र आवंटन की मांग करें।

63वीं बीपीएससी की मुख्य परीक्षा हुई संपन्न

63वीं बीपीएससी परीक्षा गुरुवार को समाप्त हो गई। मुख्य परीक्षा के अंतिम दिन एक दर्जन से अधिक वैकल्पिक विषयों के छात्र सम्मिलित हुए। परीक्षा विशेषज्ञ डॉ. एम. रहमान ने बताया कि वैसे छात्र जो बिहार औऱ भारत की अवधारणा का अच्छी तरह ज्ञान रखते हैं, उनका चयन संभावित है। सारे प्रश्न चाहे वे वैकल्पिक विषय के हों या सामान्य अध्ययन के, इसमे आवधरणा और वर्तमान को जोड़कर देखने का प्रयास किया गया है। जिन छात्रों ने वैकल्पिक विषय की एनसीइआरटी और टेक्स्ट बुक को वर्तमान से जोड़कर अध्ययन किया होगा उनका परिणाम तय है।

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