कोरोना की तीसरी लहर का खतरा अब बेहद नजदीक, डेल्‍टा-4 वैरियंट ने बिहार में भी बढ़ा दी है चिंता

Third Wave of Coronavirus पटना एम्‍स के डाक्‍टर ने बताया- कोरोनावायरस की तीसरी लहर का खतरा अब बेहद नजदीक बोले- डेल्‍टा 4 वैरियंट से खतरे का अंदेशा पंचायत चुनाव और पर्व में देश व विदेश से आने वालों की कोरोना जांच जरूरी

Shubh Narayan PathakSun, 26 Sep 2021 08:50 AM (IST)
बिहार में बाहर से आने वाले लोग ला सकते हैं कोरोनावायरस की तीसरी लहर का खतरा। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना, जागरण संवाददाता। Third Wave of Coronavirus: कोरोना की दूसरी लहर बिहार में थमी है लेकिन देश-दुनिया के क्षेत्र विशेष में बड़ी संख्या में संक्रमितों के मिलने का क्रम जारी है। देश में अभी भी 25 से 40 हजार तक संक्रमित हर दिन मिल रहे हैं। ऐसे में यदि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आने वाले यात्रियों की सघनता से जांच नहीं कि गई तो नई जगहों पर संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ सकती है। प्रदेश में पंचायत चुनाव, इसके बाद दुर्गा पूजा, दिवाली व छठ पर बड़ी संख्या में लोग देश-विदेश के कोने-कोने से प्रदेश से आते हैं। इस दौरान बाहर से आने वालों की सघन स्क्रीनिंग जरूरी है। ये बातें एम्स पटना के कोरोना नोडल पदाधिकारी डा. संजीव कुमार ने कहीं।

कभी, किसी भी क्षेत्र में तेजी से बढ़ सकता संक्रमण

डा. संजीव के अनुसार ओलिंपिक खेलों की समाप्ति के बाद अचानक जापान में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। इसी प्रकार देश में केरल- महाराष्ट्र समेत करीब छह राज्यों में लगातार बड़ी संख्या में संक्रमित मिल रहे हैं। केरल व महाराष्ट्र में विदेश से आने वालों की संख्या सर्वाधिक है। इन यात्रियों को भी कोरोना संक्रमण बढ़ाने का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। ऐसे में यदि देश के कोरोना संवेदनशील क्षेत्रों व विदेश से आने वालों की सघन स्क्रीनिंग नहीं की गई तो देश के किसी भी हिस्से में कभी भी संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।

नया म्यूटेंट भी खतरे का कारण

डा. संजीव कुमार ने कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। कोरोना वायरस लगातार खुद को बदल रहा है। दूसरी लहर के डेल्टा के बजाय इस समय महाराष्ट्र व केरल में डेल्टा-4 नामक वैरिएंट लोगों को संक्रमित कर रहा है। ऐसे में किसी भी कारण से लोगों ने यदि मास्क, शारीरिक दूरी और अंजान सतह को छूने के बाद हाथों को सैनिटाइज करने में लापरवाही की तो संक्रमण दर दोबारा बढ़ सकती है। अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका सबसे ज्यादा है।

लापरवाही, कमजोर इम्यून पावर वालों के लिए खतरनाक

डा. संजीव ने बताया कि प्राकृतिक व वैक्सीन की दोनों डोज से पटना व प्रदेश की बड़ी आबादी में कोरोना के खिलाफ एंटीबाडी बन चुकी है। बावजूद इसके वे लोग संक्रमित हो सकते हैं और उनकी लापरवाही से कमजोर इम्युन पावर वाले, लंबे समय से बीमार चल रहे लोगों को गंभीर परिणाम झेलने पड़ सकते हैं।

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