तेजस्वी यादव की शादी: बचपन की दोस्त रिचेल के हुए तेजस्‍वी; जानिए कहां हुई थी पहली मुलाकात

Tejaswi Yadav Marriage तेजस्वी यादव ने अपनी स्कूल की दोस्त के साथ सात फेरे ले लिए हैं। तेजस्वी यादव और उनकी दुल्हन बचपन में दिल्ली में डीपीएस में साथ पढ़ते थे। जानिए इस शादी से जुड़ीं कुछ खास बातें।

Rahul KumarPublish:Wed, 08 Dec 2021 10:39 AM (IST) Updated:Fri, 10 Dec 2021 01:09 PM (IST)
तेजस्वी यादव की शादी: बचपन की दोस्त रिचेल के हुए तेजस्‍वी; जानिए कहां हुई थी पहली मुलाकात
तेजस्वी यादव की शादी: बचपन की दोस्त रिचेल के हुए तेजस्‍वी; जानिए कहां हुई थी पहली मुलाकात

पटना, आनलाइन डेस्क। Tejashwi Yadav Marriage: राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav)  के छोटे बेटे और बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) की गुरुवार को दिल्ली में शादी हो गई। तेजस्वी यादव ने अपनी स्कूल की दोस्त रिचेल के साथ शादी के सात फेरे लिए। इसके लिए दिल्‍ली के साकेत स्थित मीसा भारती (Misa Bharti) के सैनिक फार्म में भव्‍य तैयारी की गई। इस शादी समारोह में लालू परिवार के अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनकी पत्नी डिंपल यादव भी शामिल हुईं। तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्या अपने भाई की शादी में शरीक नहीं सकीं।

स्कूल की दोस्त को बनाया अपनी दुल्हन

तेजस्वी यादव ने गुरुवार को अपने स्कूल की दोस्त रिचेल को अपना लाइफ पार्टनर बना लिया। रिचेल व तेजस्‍वी दिल्ली के दिल्ली पब्लिक स्‍कूल में साथ पढ़ते थे। तेजस्वी यादव के बिहार में डिप्टी सीएम का पद संभालने के बाद दोनों की दोस्ती आगे बढ़ी। फिर बात शादी तक पहुंची।

तेजस्वी ने किया अंतरजातीय विवाह

तेजस्वी की सगाई व शादी गुरुवार को दिल्ली हुई। यह विवाह अंतरजातीय व अंतरधार्मिक था। हालांकि, शादी के पहले दुल्‍हन ने हिंदू धर्म अपना लिया था। वह मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले की रहने वाली हैं। दिल्ली की फ्रेंड्स कॉलोनी में उनका घर है। लालू परिवार ने इसे बेहद गोपनीय रखा। निकट के कई लोगों को भी जानकारी नहीं दी गई थी।

धीरे-धीरे हटता गया रहस्‍य से पर्दा

शुरू में बातें आ रही थीं कि मीसा भारती के विवाह की वर्षगांठ है, लेकिन धीरे धीरे परतें हटने लगीं। इस खबर ने इसलिए जोर पकड़ लिया कि मीसा का विवाह 10 दिसंबर 1999 को हुआ था, लेकिन सवाल उठाया जाने लगा कि विवाह के 22वें वर्ष में इतना धूमधाम करने की क्या जरूरत है। 25वां वर्ष होता तो कोई बात होती।