#TejashwiKiChaupal: पॉलिटिकल से लेकर पर्सनल तक पूछे गए सवाल, दिए ये जवाब

पटना [जेएनएन]। राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे व बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने गुरुवार को ट्विटर पर जनता की चौपाल लगाई। 'तेजस्‍वी की चौपाल' में उन्‍होंने लोगों के बात की तथा उनके सवालों के जवाब दिए। इस दौरान उनसे पॉलिटिकल से लेकर पर्सनल सवाल तक किए गए।
यूजर्स से की सीधी बात
एक यूजर ने पूछा कि 'क्या हम गरीब जनता आप पे भरोसा कर सकते हैं? क्या आप हमारी बहन को इंसाफ दिलाने में मदद करेंगे?' वहीं एक अन्‍य यूजर रंजीत ने गया में ऑनर किलिंग को लेकर पूछा- 'जब पूरा प्रशासन भ्रष्ट हो तो आम जनता न्याय के लिए कहा जाए? अंजना हत्याकांड में नीतीश कुमार अब तक चुप क्यों बैठे हैं?' इसी तरह अरुण कुमार ने पूछा- आप युवा हैं और लगभग पूरे बिहार का दौरा कर चुके हैं। युवा आपको बिहार का भविष्य के रूप में देखता है। आपने भी सभा के माध्यम से दवाओं के बारे युवा के हित के बारे में युवा आयोग के गठन के बारे में आवाज उठाते हैं। क्या सरकार में आने के बाद युवा आयोग का गठन करेंगे?
लालटेन से सजी चौपाल में तेजस्वी ने सवर्ण आरक्षण के संबंध में आए एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि सवर्ण आरक्षण को वे अमीर सवर्णों का आरक्षण मानते हैैं। गरीब सवर्णों के साथ उनका दल है। सवर्णों के लिए जो 10 फीसद आरक्षण की व्यवस्था की गई है उसकी सीमा आठ लाख तक वार्षिक आय की है। यानी महीने में 65 हजार रुपए तक कमाने वाला व्यक्ति भी गरीब है और उसे आरक्षण चाहिए। यानी आयकर रिटर्न भी लेंगे और आरक्षण भी देंगे। यह कैसे चलेगा? जिसके पास पांच एकड़ जमीन है वह गरीब है क्या?
तेजस्वी ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण का क्या मतलब है? यह संविधान के साथ छेड़छाड़ है। दरअसल, सवर्ण समाज के युवा केंद्र की सरकार से नाराज चल रहे थे। यह व्यवस्था उन नाराज युवाओं के गुस्से को शांत करने के लिए की गई है। आरक्षण के लिए न कोई सर्वे आया और न किसी आयोग का गठन कर अध्ययन कराया गया। जातिगत जनगणना की रिपोर्ट जारी कर देते तो पूरी स्थिति सामने आ जाती।
तेजस्वी ने किसानों से जुड़े एक सवाल पर कहा कि उनकी सरकार अगर आई तो वह किसानों की आमदनी दोगुनी करने को ले काम तो करेंगे ही साथ ही साथ कर्ज माफी पर भी विचार करेंगे। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के सवाल को अपने हाथ में लेंगे। जिन लोगों ने इस लड़ाई को शुरू किया था वे लोग इसे अब भूल गए हैैं।
अपने आवास में तेजस्वी ने इस आयोजन के लिए दो खाट लगवाई थी और एक रेडियो जॉकी ने ट्वीटर पर आए सवालों को उनसे पूछा। कुछ सवाल इस चौपाल में आए युवाओं ने भी सीधे-सीधे पूछे। तेजस्‍वी यादव सवालाें के जवाब काफी बारीकी से देते नजर आए। बीच-बीच में वे 'चाचा' नीतीश कुमार भी कमेंट करते रहे। बिहार में विकास नहीं होने की बात की। मोतीहारी चीनी मिल के बारे में कहा कि नीतीश कुमार ने मोतीहारी दौरे के क्रम में कहा था कि इसी चीनी मिल की चीनी की चाय पीएंगे, लेकिन आज भी वह चीनी मिल बंद है। तेजस्‍वी ने तेज कसा कि पता नहीं कब वहां जाकर चाचा चाय पीएंगे। 
चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा कदम
तेजस्‍वी के इस कदम को आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की गैर मौजूदगी में बतौर प्रतिनिधि तेजस्‍वी ही पार्टी के कामकाज देख रहे हैं। तेजस्‍वी की इस चौपाल को लोकसभा चुनाव में पार्टी के स्‍टैंड को सोशल मीडिया से जुड़े बड़े तबके में पार्टी को मजबूती देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। वैसे, तेजस्‍वी सोशल मीडिया पर हमेशा सक्रिय रहते हैं और विभिन्‍न मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं।
तेजप्रताप पहले से लगा रहे जनता दरबार

तेजस्‍वी के भाई तेजप्रताप यादव इन दिनों राजनीतिक रूप से ज्‍यादा ही सक्रिय दिख रहे हैं। इधर, अपने जनता दरबार से वे चर्चा में भी रहे हैं। तेजस्‍वी अपने भाई से किसी विवाद से इनकार करते हैं, लेकिन उनके इस कदम को तेज प्रताप के जनता दरबार से भी जोड़ा जा रहा है।
जदयू ने कसे तंज
तेजस्वी की चौपाल को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने जमकर तेज कसे हैं। पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि तेजस्‍वी ट्विटर पर अपने और परिवार के कारनामों से जनता को अवगत कराएं। तेजस्वी अब टि्वटर और फेसबुक पर ही अधिक दिख रहे हैं, उनकी छवि भी अब ट्यूटर बबुआ की बन गई है। वे टि्वटर चौपाल लगाएं या खाट चौपाल सजाएं, कुछ होने नहीं जा रहा।
राजद ने किया पलटवार
जदयू के इस बयान पर राजद ने भी पलटवार किया। राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानन्द तिवारी ने कहा कि बोलने वाले बोलते रहेंगे और काम करने वाले काम करते रहेंगे। सोशल मीडिया के जमाने में चौपाल इसी तरह लगने लगे हैं। वहीं म़त्‍युंजय तिवारी ने कहा कि तेजस्‍वी के हर कदम से विरोधी के पेट में दर्द क्‍यों होता है। तेजस्‍वी ट्वीट करते हैं तो परेशानी, चौपाल लगाते हैं तो परेशानी और यूपी जाते हैं तो परेशानी। उन्‍होंने कहा कि दरअसल तेजस्‍वी के बढ़ते कदम से उन्‍हें काफी परेशानी है। 

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