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एक पेड़ में पांच तरह के आमों का स्वाद, मई से बंबइया पकना शुरू तो जुलाई में चौसा का आनंद

जयशंकर बिहारी, पटना एक पेड़ में आम की पांच वेराइटी का स्वाद। सातवीं पास भिखारी मेहता द्वारा तैयार कलम लगाने वाले दो माह तक एक ही पेड़ में पके हुए अलग-अलग वेराइटी के आमों का स्वाद ले रहे हैं। सामान्य आम के पेड़ में 15 दिनों में सभी फल पक जाते हैं लेकिन मेहता द्वारा लगाई कलम में आम मई में पकना शुरू होते हैं और जुलाई तक पकते रहते हैं। पटना में शौकीनों ने अपने घरों में इसके पौधे लगाए हैं।

बागवानी विशेषज्ञ प्रो. एसके प्रसाद ने बताया कि शहरी क्षेत्र के लिए ग्राफ्टिंग विधि से तैयार कलम वरदान है। एक या दो पेड़ लगाने पर परिवार के लिए दो से तीन माह तक पर्याप्त फल प्राप्त हो जाते हैं। एक ही पेड़ में बंबइया, गुलाब खास, कलकतिया, मालदह, दशहरी, चौसा जैसी वेराइटी तैयार होती है। मई में बंबइया पकने लगता है। इसके बाद गुलाब खास, कलकतिया, आम्रपाली, दूधिया मालदह, दशहरी, चौसा पकता है।  सभी वेराइटी के पकने का समय-समय अलग है।

एक साल में तैयार होते पौधे

भिखारी मेहता ने बताया कि अगले साल से 10 वेराइटी वाले पेड़ फल देने लगेंगे। इसके पौधे ग्राफ्टिंग विधि से तैयार किए जाते हैं। सबसे पहले गुठली से बीजू का पौधा तैयार किया जाता है। तीन माह में पौधा तीन फीट का हो जाता है। इसके बाद तने के ऊपरी भाग को तोड़ दिया जाता है। इससे उसमें कई शाखाएं निकल जाती हैं। बार-बार तोडऩे पर शाखाओं की संख्या बढ़ती जाती है। चार माह होने पर सभी शाखाओं में अलग-अलग वेराइटी के पेड़ से कोपल की इसमें ग्राफ्टिंग की जाती है। 'वी' शेप में बीजू और दूसरे पेड़ की कोपल को बांध दिया जाता है। एक साल में पौधा तैयार हो जाता है। सुपौल के वीरपुर में उनकी नर्सरी है।

कम जमीन में ज्यादा लाभ

किसानों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने वाले ई. संतोष कुमार का कहना है कि इसमें सभी वेराइटी के फल मदर प्लांट जैसे आकार के होते हैं। शहरी इलाकों में ग्राफ्टिंग आधारित कलम की मांग अधिक है। लेकिन, तीन-चार साल तक इसके मंजर तोड़कर पौधे को मजबूत होने देना चाहिए।

 

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